यर इंडिया ने अपने एंप्लॉयी की सैलरी को 1 सितंबर से री-स्टोर करने का फैसला किया है. कोरोना के कारण की गई कटौती अगले महीने की पहली तारीख को वापस ले ली जाएगी.

एयर इंडिया की कमान जब से टाटा ग्रुप के हाथों में आई है, इसके कर्मचारियों के अच्छे दिन आ गए हैं. टाटा ग्रुप भी इस एयरलाइन के कायाकल्प में पूरी तरह जुटा हुआ है. एयर इंडिया ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से कर्मचारियों के वेतन में जो कटौती की जा रही थी वह अब एक सितंबर से बंद कर दी जाएगी. इससे एयरलाइन के कर्मचारियों को महामारी से पहले तक जो वेतन मिलता था अब वही वेतन उन्हें एक सितंबर से मिलने लगेगा.
1 सितंबर से सैलरी में कटौती बंद होगी
टाटा ग्रुप ने इस वर्ष जनवरी में एयर इंडिया का अधिग्रहण किया. एयरलाइन ने एक सितंबर से क्रू सदस्यों के भत्तों और भोजन व्यवस्था में संशोधन करने का भी निर्णय किया है. एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैम्पबेल विल्सन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि एयरलाइन सभी कर्मचारियों के वेतन में की जा रही कटौती एक सितंबर 2022 से बंद कर देगी. उन्होंने कहा कि लाभप्रदता के लिए एयरलाइन को अभी बहुत कुछ करना होगा. कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित एयरलाइन उद्योग को लागत कम करने के लिए वेतन कटौती समेत कई कदम उठाने पड़े थे.
कंपनी ने क्या कहा?
एयर इंडिया ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण कर्मचारियों के वेतन में कटौती अब 1 सितंबर से रोक दी जाएगी. इससे एयरलाइन के कर्मचारियों को महामारी से पहले जो वेतन मिलता था, अब 1 सितंबर से वेतन वही मिलने लगेगा.
एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को एक संदेश में कहा कि एयरलाइन 1 सितंबर, 2022 से सभी कर्मचारियों के वेतन में कटौती को रोक देगी. उन्होंने कहा कि एयरलाइन को अभी भी लाभदायक होने के लिए बहुत कुछ करना है. कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित एयरलाइन उद्योग को लागत घटाने के लिए वेतन कटौती समेत कई कदम उठाने पड़े.
जून में पुराने पायलटों को फिर से काम पर रखा गया
उससे पहले जून के महीने में एयर इंडिया ने रिटायरमेंट के बाद पायलटों को फिर से काम पर रखने की पेशकश की थी. यह ऑफर पांच साल की अवधि के लिए था. एयरलाइन ने अपने ऑपरेशन को स्थिर बनाने के लिए यह फैसला किया था. एयरलाइन ने तीन साल पहले तक रिटायर हुए पायलटों को इसके लिए सहमति पत्र भेजा था.