‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को बनाने के दौरान कश्मीर में फतवा जारी कर दिया गया था। कश्मीरी पंडितों की जिंदगी पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई कर रही है। विवेक अग्निहोत्री के डायरेक्शन में बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स छोटा पैकेट बड़ा धमाका साबित हो रही है।

फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’11 मार्च को रिलीज हुई है. फिल्म को रिलीज हुए तीन दिन हो गए हैं और ये फिल्म अब तक करीब 27 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुकी है. इस फिल्म में अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, दर्शन कुमार और मिथुन चक्रवर्ती जैसे कलाकार अहम भूमिका में हैं. इस फिल्म की कश्मीर में शूटिंग करना मेकर्स के लिए आसान नहीं था, लेकिन बावजूद इसके मेकर्स ने इस फिल्म को तय समय पर खत्म किया. फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की निर्माता और फिल्म में अहम किरदार निभाने वालीं अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे शूटिंग के आखिरी दिन उन्हें और निर्देशक व उनके पति विवेक अग्निहोत्री को फतवा जारी हुआ था.
‘द कश्मीर फाइल्स’ की टीम को करना पड़ा था इस बड़ी चुनौती का सामना
रिपोर्ट अनुसार, फिल्म की शूटिंग के दौरान आई सबसे बड़ी मुश्किल पर बात करते हुए पल्लवी जोशी ने कहा कि इस फिल्म की यात्रा का बहुत ही छोटा सा पार्ट इसकी शूटिंग है. फिल्म को लेकर की गई पूरी रिसर्च, लोगों तक पहुंचना, फिल्म के लिए पैसे जुटाने से लेकर फिल्म के लिए कलाकारों को साइन करने तक, हर चीज एक बड़ा चैलेंज था. इसे फिल्माया जाना इसकी यात्रा का सबसे आसान और छोटा सा हिस्सा था.
पल्लवी जोशी ने आगे खुलासा करते हुए कहा कि जब हम कश्मीर में शूटिंग कर रहे थे तब एक बड़ी चीज घटी थी. हमारे नाम पर हमें फतवा मिला. जब ये सब हुआ तब भाग्यवश हम लास्ट सीन की शूटिंग कर रहे थे. मैंने विवेक से कहा कि जल्दी से सीन को खत्म करो और फिर एयरपोर्ट निकलते हैं. मैंने उनसे कहा था कि कुछ मत कहना और बस अभी केवल शूट खत्म करो, क्योंकि हमें वापस आकर शूटिंग करने का दूसरा मौका नहीं मिलता. हमने जल्दी से अपना शूट खत्म किया और मैंने कुछ लोगों को होटल भेजा और उनसे कहा कि तुम लोग जल्दी से पैकिंग करना शुरू करो और सब बैग में डालकर सेट पर ले आओ, हम यहीं से एयरपोर्ट के लिए निकलेंगे. यह सबसे बड़ी चुनौती थी, जो हमने शूटिंग के समय फेस की थी.
विवेक अग्निहोत्री की ये फिल्म 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन और नरसंहार की असल कहानी पर आधारित है. यह फिल्म बहुत ही कम बजट में बनाई गई है और इसका प्रमोशन भी बहुत कम किया गया है. बावजूद इसके फिल्म काफी अच्छा प्रदर्शन सिनेमाघरों में कर रही है.