पाकिस्तान के सियासी उलटफेर की शुरुआत में ही संयुक्त विपक्ष ने ऐलान किया था कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष शहबाज शरीफ उनके संयुक्त उम्मीदवार होंगे.

पाकिस्तान में शनिवार देर रात विपक्ष ने एकजुट होकर इमरान खान को पीएम की कु्र्सी से हटा दिया. इस सियासी उलटफेर की शुरुआत में ही संयुक्त विपक्ष ने ऐलान किया था कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष शहबाज शरीफ उनके संयुक्त उम्मीदवार होंगे. ऐसे में शहजाब शरीफ आज को देश के नये प्रधानमंत्री चुने जा सकते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि कौन है शहबाज शरीफ और इनके आने से भारत संग रिश्तों पर कैसा असर देखने को मिलेगा.
कौन हैं शाहबाज शरीफ
शाहबाज शरीफ, पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के सांसद हैं और पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं. वह 2018 से नेशनल असेंबली के सदस्य हैं और विपक्ष के नेता भी. शाहबाज 2018 के चुनावों में PM पद के उम्मीदवार भी थे. और पंजाब प्रांत के सबसे लंबे तक मुख्यमंत्री भी रह चुके थे.
भारत पाकिस्तान के बंटवारे के पहले शरीफ का परिवार जम्मू के अनंतनाग जिले में रहा करता था. बंटवारे के बाद शाहबाज ने लाहौर से ग्रैजुएशन किया. 80 के दशक में राजनीति में कदम रखने वाले शरीफ ने 1988 में पहला चुनाव जीता था. 1997 में वह पहली बार मुख्यमंत्री बने, इसके बाद 2008 और 2013 में भी वह पंजाब के मुख्यमंत्री रहे.
भारत संग रिश्तों पर असर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को भारत के प्रति अधिक कट्टर माना जाता है, जबकि पीएम बनने की कतार में लगे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्विपक्षीय संबंधों के प्रति नरमी दिखा सकते हैं. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उपाध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने हाल ही में एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा, “भारत पाकिस्तान में एक नरम सरकार चाहता है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुरैशी ने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तानी सरकार से नफरत करती है जो अपने हितों की रक्षा करती है और एक स्वतंत्र विदेश नीति अपनाती है.
पूर्व एफएम ने कहा कि पीटीआई का उद्देश्य भारत के साथ अच्छे संबंध बनाना है। हालांकि, इमरान खान ने हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी. रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तान के लोग और राजनीतिक नेता उस समय हैरान रह गए, जब उन्होंने हजारों समर्थकों की भीड़ के सामने अपने प्रधानमंत्री को भारत की विदेश नीति की प्रशंसा करते हुए देखा.
“यह ध्यान देने योग्य है कि इमरान खान, जो एक समय में, अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर नरेंद्र मोदी को हिटलर और नाजी नेता के रूप में मानते थे, ने अब उनकी विदेश नीति की प्रशंसा की है, ऐसे समय में जब उनकी सरकार खतरे में है.” खैबर पख्तूनख्वा के मलकंद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खान ने कहा, “मैं अपने पड़ोसी देश हिंदुस्तान की विदेश नीति के लिए उसकी प्रशंसा करना चाहता हूं. भारत की विदेश नीति स्वतंत्र और स्वतंत्र है, और इसका एकमात्र उद्देश्य अपने लोगों को सुरक्षित रखना है.”
रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी ने सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, ओमान और जॉर्डन जैसे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित किए, जो पाकिस्तान के पारंपरिक मित्र थे. अब, सऊदी अरब ने पाकिस्तान को कर्ज देना बंद कर दिया है, जबकि यूएई ने पाकिस्तान के उकसाने के बावजूद कश्मीर का मुद्दा उठाना बंद कर दिया है.
एक नाम जो पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी होने के कारण बाहर आया है, वह है भारतीय स्टील टाइकून सज्जन जिंदल. जिंदल ने 2017 में मुरी में नवाज शरीफ से मुलाकात की थी. द न्यूज ने तब रिपोर्ट किया था कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दो परमाणु पड़ोसियों के बीच तनाव को कम करने के लिए एक भूमिका निभाने के लिए बैठक की मांग की थी.