रेप केस में गिरफ्तारी के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठनमाजरा कथित तौर पर पंजाब पुलिस की हिरासत से अधिकारियों पर फायरिंग करने के बाद फरार हो गए। जबकि पुलिस उनकी तलाश में जुटी है, पठनमाजरा के वकील ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए एफआईआर की वैधता पर सवाल उठाए हैं।

पंजाब की राजनीति मंगलवार को उस समय हिल गई जब आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत पठनमाजरा, जो रेप के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किए गए थे, पुलिस हिरासत से नाटकीय ढंग से फरार हो गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि फरार होने से पहले उन्होंने पुलिस टीम पर गोलियां भी चलाईं। इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
कौन हैं हरमीत पठनमाजरा?
हरमीत पठनमाजरा पंजाब की मौजूदा विधानसभा में AAP के चर्चित चेहरों में से एक रहे हैं। वे अपने आक्रामक तेवर और इलाके में पकड़ के लिए जाने जाते हैं। लेकिन बीते हफ्ते उनके खिलाफ एक महिला ने रेप का मामला दर्ज कराया था। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
उनकी गिरफ्तारी को लेकर पहले ही राजनीतिक हलचल तेज थी, और अब उनका पुलिस हिरासत से भाग जाना इस पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील और विस्फोटक बना रहा है।
गिरफ्तारी के हालात
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पठनमाजरा को चंडीगढ़ के पास एक गुप्त ठिकाने से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच और पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए पुलिसकर्मियों पर गोलियां दागीं और भाग निकले।
यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस कस्टडी में एक विधायक के पास हथियार कैसे पहुँचा? क्या उन्हें किसी अंदरूनी मदद मिली?
फायरिंग से दहशत
आँखोंदेखी गवाहों का कहना है कि जब पुलिस उन्हें लेकर जा रही थी, तभी अचानक गोलियों की आवाज़ गूंजी। लोग दहशत में भागने लगे। कई पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे, लेकिन इस गोलीबारी ने पंजाब पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
पुलिस की किरकिरी
हरमीत पठनमाजरा के फरार होने से पंजाब पुलिस की किरकिरी हो रही है। विपक्षी दलों ने सीधे पुलिस और सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता ने कहा—“अगर एक विधायक पुलिस हिरासत से फायरिंग करके भाग सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना कीजिए।”
शिरोमणि अकाली दल ने भी हमला बोलते हुए कहा कि “यह घटना साबित करती है कि पंजाब में कानून नाम की कोई चीज़ नहीं बची।”
AAP की मुश्किलें बढ़ीं
आम आदमी पार्टी पहले से ही दिल्ली में शराब नीति मामले और पंजाब में ड्रग्स से जुड़ी राजनीति को लेकर दबाव में थी। अब अपने ही विधायक के खिलाफ रेप के आरोप और फिर उनका फरार होना पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो रहा है।
पार्टी के प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा कि “कानून अपना काम करेगा। अगर विधायक दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।” लेकिन विपक्ष ने आरोप लगाया कि AAP अपने नेताओं को बचाने की कोशिश कर रही है।
रेप केस की पृष्ठभूमि
जिस महिला ने आरोप लगाया है, उसने शिकायत में कहा है कि विधायक ने उसे नौकरी और मदद का झांसा देकर कई बार शारीरिक शोषण किया। महिला ने दावा किया कि जब उसने इसका विरोध किया, तो उसे धमकियाँ दी गईं।
इस केस को लेकर इलाके में काफी गुस्सा है। महिला संगठनों ने भी सरकार से मांग की है कि आरोपी विधायक को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।
राजनीतिक भूचाल
इस घटना के बाद पंजाब विधानसभा में भी हंगामा मच गया। कांग्रेस और अकाली दल के विधायकों ने सदन में नारेबाजी करते हुए सरकार से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस किसी विधायक को ही सुरक्षित नहीं रख पा रही है, तो जनता का क्या होगा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विपक्ष ने सीधा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि “मान सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और विधायक पुलिस हिरासत से भाग रहे हैं।”
जनता का गुस्सा
आम जनता भी इस घटना से स्तब्ध है। गुरुद्वारों और चौपालों में लोग चर्चा कर रहे हैं कि पंजाब में अपराध किस तरह बढ़ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने कहा—“हमने बदलाव की उम्मीद में AAP को वोट दिया था, लेकिन अब हालात बद से बदतर हो गए हैं।”
सोशल मीडिया पर आग
सोशल मीडिया पर #HarmeetPhatanmajra और #AAPUnderFire ट्रेंड कर रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर पंजाब में कानून-व्यवस्था कौन संभाल रहा है। ट्विटर पर एक यूज़र ने लिखा—“अगर विधायक ही जेल से भाग रहे हैं, तो पंजाब को कौन संभालेगा?”
सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव
अब पंजाब पुलिस ने विधायक की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की है। बॉर्डर एरिया में चेकिंग बढ़ा दी गई है और नेपाल व हरियाणा बॉर्डर पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
लेकिन आलोचकों का कहना है कि जब तक अंदरूनी मिलीभगत की जांच नहीं होगी, तब तक असली सच सामने नहीं आएगा।
क्या होगा आगे?
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना ने न केवल पंजाब पुलिस की छवि धूमिल की है, बल्कि राज्य सरकार की साख पर भी चोट की है। अगर पठनमाजरा जल्दी नहीं पकड़े गए तो विपक्ष इसे चुनावी मुद्दा बना देगा।
इस बीच महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है।
निष्कर्ष
हरमीत पठनमाजरा का यह मामला केवल एक विधायक की गिरफ्तारी या फरारी का नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की सुरक्षा और राजनीति पर गहरा सवाल है। रेप के आरोप पहले ही गंभीर थे, अब पुलिस हिरासत से गोलीबारी कर भागने की घटना ने इसे और विस्फोटक बना दिया है।
AAP सरकार के लिए यह सबसे बड़ा संकट साबित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या पुलिस जल्द पठनमाजरा को पकड़ पाती है या यह मामला सरकार की गर्दन पर फंदा बन जाएगा।
