दिन की शुरुआत में, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने झाड़ू उठाकर दिल्ली सरकार के महीनेभर चलने वाले सफाई अभियान ‘दिल्ली को कूड़े से आज़ादी’ की शुरुआत की।

नई मुख्यमंत्री का पहला वार – गंदगी नहीं चलेगी, AAP की लापरवाही पर सीधा हमला
दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी की सफाई व्यवस्था को लेकर एक सख्त और प्रतीकात्मक संदेश दे दिया है। राजधानी संभालने के एक सप्ताह के भीतर ही उन्होंने खुद झाड़ू उठाकर “स्वच्छ दिल्ली अभियान” की शुरुआत कर दी है। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी—उन्होंने इस मौके पर आप (AAP) सरकार की पूर्व कार्यप्रणाली पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय, एमसीडी दफ्तर और कई अन्य सरकारी संस्थानों का औचक दौरा किया और वहां की गंदगी, धूल, टूटी फर्नीचर और गंदे शौचालय देखकर खुलेआम कहा:
“AAP सरकार ने सिर्फ विज्ञापनों में सफाई दिखाई, असल में दिल्ली की हालत बदबूदार और शर्मनाक है।”
‘झाड़ू क्रांति’ की शुरुआत: सफाई सिर्फ नारा नहीं, एक्शन में तब्दील
रेखा गुप्ता ने अपने हाथ में झाड़ू लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के सामने खुद सफाई की शुरुआत की। उन्होंने दिल्ली सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार और लॉबी क्षेत्र को साफ किया और एक संदेश दिया कि अब “ऊपर से नीचे तक सफाई जरूरी है—और इसमें मानसिक गंदगी भी शामिल है।”
उन्होंने कहा:
“सरकारी दफ्तर सेवा के केंद्र हैं, न कि आलस और गंदगी के अड्डे। यहां जो हालत मैंने देखी है, वह लोकतंत्र का अपमान है।”
इस मौके पर उनके साथ नगर निगम अधिकारी, नई गठित दिल्ली क्लीनिंग फोर्स और कई बीजेपी विधायक मौजूद थे।
AAP पर सीधा हमला: ‘केजरीवाल मॉडल’ की पोल खोल दी रेखा गुप्ता ने
रेखा गुप्ता ने दिल्ली की पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वच्छता और प्रशासन में सिर्फ “घोषणाओं और टीवी विज्ञापनों” का सहारा लिया, जबकि हकीकत में हालात बिगड़ते चले गए।
उन्होंने सवाल उठाया:
“करोड़ों खर्च कर विज्ञापन चलाए गए—’दिल्ली साफ हो रही है’, लेकिन असल दिल्ली तो दफ्तरों के अंदर ही दम तोड़ रही थी। क्या यही था AAP का स्वच्छता मॉडल?”
दफ्तरों में पसरी सड़ांध: टूटी छतें, बदबूदार टॉयलेट और दीवारों पर पान की पीक
मुख्यमंत्री ने सचिवालय, दिल्ली अर्बन शेल्टर बोर्ड, शिक्षा निदेशालय और नगर निगम के सिविक सेंटर जैसे दफ्तरों का निरीक्षण किया। रिपोर्ट के अनुसार:
- कई दफ्तरों में दीवारों पर पान की पीक, गंदगी और टूटी हुई छतें थीं
- शौचालयों में पानी नहीं, फ्लश सिस्टम खराब
- कर्मचारियों की बैठने की जगह पर धूल की परतें, कंप्यूटर तक जंग लगे
- फाइलों की धूलभरी अलमारियाँ और बिजली की खराब वायरिंग
मुख्यमंत्री ने मौके पर ही नगर निगम अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि अगली बार ऐसी हालत मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
राजनीतिक गरमाहट: AAP ने कहा ‘नाटक’, BJP बोली ‘क्रांति की शुरुआत’
जहां एक ओर भाजपा नेताओं ने रेखा गुप्ता की पहल को “वास्तविक प्रशासनिक नेतृत्व” बताया, वहीं आम आदमी पार्टी ने इसे “नाटक और कैमरा स्टंट” करार दिया।
AAP प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा:
“रेखा गुप्ता को सफाई करनी है तो MCD का रिकॉर्ड देखें, जहां पिछले दो सालों से भाजपा का ही राज था। अब सफाई पर राजनीति करने से अच्छा है, योजनाएं बनाएं।”
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता ताजिंदर बग्गा ने पलटवार करते हुए कहा:
“केजरीवाल एंड कंपनी ने सिर्फ हवा में शासन किया। अब रेखा गुप्ता ज़मीन पर उतर चुकी हैं, और यही असली बदलाव है।”
‘डेली क्लीन दिल्ली’ अभियान का ऐलान – हर दिन एक विभाग, एक इलाका साफ
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि 1 अगस्त से ‘डेली क्लीन दिल्ली’ नामक नई सफाई नीति लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत:
- हर दिन एक नया सरकारी विभाग चिन्हित कर सफाई अभियान चलेगा
- 50 से अधिक मोबाइल सफाई टीम तैनात होंगी
- सभी सरकारी दफ्तरों को 15 दिनों के भीतर क्लीन रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करना होगा
- अधिकारियों को उनके वर्कस्टेशन की स्वच्छता पर रेटिंग दी जाएगी
- शौचालयों और कैंटीनों की सफाई के लिए बायो-टेक आधारित सॉल्यूशन लाए जाएँगे
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह ‘डिजिटल क्लीन रिपोर्टिंग सिस्टम’ के ज़रिए मॉनिटर किया जाएगा, और कोई भी कर्मचारी यदि जिम्मेदारी नहीं निभाता है, तो उस पर वेतन कटौती से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई संभव है।
जनता की प्रतिक्रिया: ‘ऐसी मुख्यमंत्री की ही ज़रूरत थी’
दिल्ली के नागरिकों में इस अभियान को लेकर सकारात्मकता देखी गई। ट्विटर और फेसबुक पर #RekhaForCleanDelhi और #JhaaduCM ट्रेंड करने लगे।
कुछ यूज़र प्रतिक्रियाएँ:
- @CitizenFirst: “रेखा गुप्ता ने जो किया, वो दिखाता है कि अब सिर्फ बातों से नहीं, काम से बदलाव आएगा।”
- @DelhiWale: “केजरीवाल सरकार की सड़ांध पर पहली बार किसी ने झाड़ू चलाई है, सलाम!”
- @YouthVoice: “दिल्ली को ऐसी CM की ही ज़रूरत थी, जो खुद मैदान में उतरती हो।”
विश्लेषण: यह सिर्फ सफाई नहीं, राजनीतिक स्टैंड भी है
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रेखा गुप्ता की यह पहल प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक सन्देश भी देती है। यह दिल्ली में AAP से सत्ता हथियाने के बाद BJP की छवि निर्माण की शुरुआत है।
वरिष्ठ पत्रकार अजय उपाध्याय कहते हैं:
“रेखा गुप्ता का झाड़ू सिर्फ फर्श पर नहीं, केजरीवाल की साख पर भी चला है। यह सीधा जनसंपर्क है और भावनात्मक जुड़ाव का एक तरीका भी।”
निष्कर्ष: दिल्ली का ‘गंदा सच’ अब खुलेगा – CM खुद सफाई में उतरीं
रेखा गुप्ता की सफाई मुहिम सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि एक नई कार्यसंस्कृति की शुरुआत है। दिल्ली अब सिर्फ नारे नहीं, नतीजे चाहती है। और मुख्यमंत्री ने यह जता दिया है कि काम सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर कोने की धूल तक पहुंचेगा।
अब देखना यह होगा कि क्या यह सफाई अभियान स्थायी प्रशासनिक सुधारों में बदलता है या फिर कुछ दिनों बाद राजनीति की धूल में ही खो जाता है।
