आज की ताजा खबर काम की बात बिजनेस

स्विस बैंकों में भारतीयों का कितना पैसा है जमा,जानिए इस सवाल का निर्मला सीतारमण ने क्या दिया जवाब

स्विस बैंकों में भारतीयों के काले धन के बारे में बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं। अक्सर इसे लेकर सरकारों को कटघरे में खड़ा किया जाता है कि वे इसे वापस लाने में नाकाम रही हैं। सवाल उठता है कि आखिर स्विस बैंकों में भारतीयों का कितना पैसा है और इसमें कितना काला धन है..

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि स्विस बैंकों में भारत के लोगों का कितना पैसा जमा है, इस बारे में कोई सरकारी अनुमान नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि 2020 के मुकाबले 2021 में स्विस बैंकों में भारत के लोगों की जमा पूंजी में उछाल आया है. उन्होंने सदन को बताया कि विदेशी परिसंपत्तियों से संबंधित पनामा पेपर लीक्स, पैराडाइज पेपर लीक्स और हाल ही में सामने आए पैंडोरा पेपर लीक्स जैसे मामलों में तेज एवं समन्वित जांच करने के लिये सरकार ने एक बहु एजेंसी दल (एमएजी) का गठन किया है. इसमें प्रवर्तन एजेंसियों/संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं.

वित्त मंत्री ने बताया, भारतीय नागरिकों और कंपनियों द्वारा स्विस बैंकों में कितना धन जमा है, इसका कोई सरकारी अनुमान नहीं है. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के धन में वर्ष 2020 की तुलना में 2021 में बढ़ोत्तरी हुई है. उन्होंने कहा कि इन मीडिया रिपोर्टो में यह भी उल्लेख मिलता है कि इन जमा राशियों से यह संकेत नहीं मिलता है कि स्विटजरलैंड में कथित तौर पर भारतीयों द्वारा जमा किए गए काले धन की मात्रा कितनी है. उन्होंने बताया कि इस विषय पर स्विस अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) द्वारा प्रकाशित किए जाने वाले आंकड़ों का भारतीय मीडिया स्विस वित्तीय संस्थानों में भारतीय निवासियों की परिसम्पत्तियों की राशि का विश्वसनीय सूचकों के रूप में नियमित रूप से उल्लेख करता रहता है.

गुमराह शीर्षक से ब्लैमनी को लेकर गलत अवधारणा

सीतारमण ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया है कि इन आंकड़ों की किस प्रकार से व्याख्या की जाए जिसके कारण गुमराह करने वाले शीर्षक और विश्लेषण सामने आए हैं . इसके अलावा बार-बार यह मान लिया जाता है कि भारतीय नागरिकों द्वारा स्विटजरलैंड में जमा धन अघोषित ही है. उन्होंने बताया कि 31 मई 2022 तक कालाधन तथा कर अधिरोपण अधिनियम 2015 के तहत 368 मामलों का आकलन कार्य पूरा हो गया है और 14,820 करोड़ रुपए कर की मांग रखी गई है.

8468 करोड़ की अघोषित इनकम टैक्स के दायरे में लाई गई थी

वित्त मंत्री ने बताया कि 31 मई 2022 तक एचएसबीसी में विदेशी बैंक खाते में बिना बताए रकम जमा करने के मामले में अब तक 8,468 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित आय को कर के दायरे में लाया गया है और 1,294 करोड़ रुपए से अधिक का दंड लगाया गया है. उन्होंने कहा कि कालाधन (अघोषित विदेशी आय और परिसम्पत्ति) तथा कर अधिरोपण अधिनियम 2015 के तहत 648 घोषणाएं की गई हैं जिसमें 4,164 करोड़ रुपए की विदेशी परिसंपत्ति शामिल थी. इसकी घोषणा तीन माह की अनुपालन खिड़की योजना के तहत एकबारगी की गई थी. उन्होंने कहा कि यह योजना 30 सितंबर 2015 को बंद कर दी गई थी. ऐसे मामलों में कर और दंड के रूप में लगभग 2,476 करोड़ रुपए की राशि संग्रहित की गई थी.

Avatar

Pooja Pandey

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Welcome to fivewsnews.com, your reliable source for breaking news, insightful analysis, and engaging stories from around the globe. we are committed to delivering accurate, unbiased, and timely information to our audience.

Latest Updates

Get Latest Updates and big deals

    Our expertise, as well as our passion for web design, sets us apart from other agencies.

    Fivewsnews @2024. All Rights Reserved.