फिल्म ‘सरबजीत’ की शूटिंग के दौरान रणदीप हुड्डा ने अपना काफी समय दलबीर कौर के साथ बिताया था. सरबजीत सिंह के बारे में जानने के लिए रणदीप हुड्डा काफी हद तक खुद को उनके किरदार में ढाल लिया था.

साल 2016 में रिलीज हुई फिल्म ‘सरबजीत’ ने हर भारतीय की आंखों को नम कर दिया था. फिल्म में जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में शहीद सरबजीत सिंह की कहानी दिखाई गई थी. एक्टर रणदीप हुड्डा ने सरबजीत सिंह का किरदार निभाया. अपने भाई के लिए रिहाई की लड़ाई लड़ रहीं सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने भी अब इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. बीते शनिवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. दलबीर कौर के निधन पर एक्टर रणदीप हुड्डा ने उनसे किया अपना वादा निभाया है. रणदीप ने दलबीर की अर्थी को कांधा देकर अपना वादा पूरा किया.
रणदीप हुड्डा ने निभाया वादा
दरअसल, फिल्म ‘सरबजीत’ की शूटिंग के दौरान रणदीप हुड्डा ने अपना काफी समय दलबीर कौर के साथ बिताया था. सरबजीत सिंह के बारे में जानने के लिए रणदीप हुड्डा काफी हद तक खुद को उनके किरदार में ढाल लिया था. इसी दौरान दलबीर कौर ने एक्टर रणदीप हुड्डा को अपना भाई मान लिया और वादा लिया कि उनके निधन पर एक्टर उनकी अर्थी को कांधा देंगे. रणदीप ने दलबीर कौर से ये वादा किया भी और उनके निधन पर निभाया भी. रणदीप, दलबीर कौर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भिखीविंड पहुंचे और परिवार के साथ हमदर्दी जताई.
दलबीर कौर की चिता को दी मुखाग्नि
सोशल मीडिया पर रणदीप हुड्डा की कई तस्वीरें सामने आई हैं, इनमें एक्टर को दलबीर कौर के शव के पास भावुक खड़े देखा जा सकता है. रणदीप ने न सिर्फ अपना वादा निभाते हुए दलबीर कौर के अर्थी को कांधा दिया बल्कि उनकी चिता को मुखाग्नि भी दी. बता दें कि साल 1990 में भिखीविंड गांव के रहने वाले सरबजीत सिंह एक रात नशे में भारत की सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए थे. वहां की पुलिस ने उन्हें पकड़ा और झूठे आरोपों में जेल में डाल दिया. पुलिस ने दावा किया कि सरबजीत भारतीय जासूस बनकर पाकिस्तान आए हैं. कई सालों तक जेल में प्रताड़ना सहने के बाद साल 2013 में सरबजीत की मौत हो गई थी.