पूर्व वित्त मंत्री ने ट्वीट किया, पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी की अधिसूचना अब उपलब्ध है। वित्त मंत्री ने ‘एक्साइज ड्यूटी’ शब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन कमी अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी में की है, जिसे राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक्साइज़ ड्यूटी कटौती करने के बाद राज्यों की स्थिति पर तंज कसा है और कहा है कि केंद्र सरकार के इस कदम के बाद उनकी स्थिति ऐसी हो गई है कि एक तरफ कुआं है, तो दूसरी तरफ खाई.
चिदंबरम ने रविवार को ट्विटर पोस्ट के जरिए आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या राज्य पेट्रोल और डीजल पर वैट से राजस्व छोड़ने का जोखिम उठा सकते हैं, जब तक कि केंद्र अधिक धन नहीं देता है या उन्हें अधिक अनुदान नहीं देता है. उन्होंने कहा कि राज्य असमंजस में हैं. उन्होंने ट्वीट किया, “दो महीने में 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ाएँ और पेट्रोल पर 9.50 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल पर 7 रुपये प्रति लीटर की कटौती करें।यह अधिक लूटने और बाद में कम भुगतान करने के बराबर है!”
वित्त मंत्री का आह्वान व्यर्थ
दरअसल, कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों अपील की थी कि वे वैट घटाकर राज्य की जनता को राहत दें। पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद वित्त मंत्री ने भी यही आह्वान किया। इस पर पी चिदंबरम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, दो महीने में 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ाएं और पेट्रोल पर 9.50 रुपये प्रति लीटर व डीजल पर 7 रुपये प्रति लीटर की कटौती करें। यह अधिक लूटने और बाद में कम भुगतान करने के बराबर है।
उन्होंने कहा, राज्यों से किया गया वित्त मंत्री का आह्वान व्यर्थ है। जब वह केंद्रीय उत्पाद शुल्क में एक रुपये की कटौती करती हैं, तो उस रुपये का 41 पैसा राज्यों का होता है इसका मतलब है कि केंद्र ने 59 पैसे और राज्यों ने 41 पैसे की कटौती की है। इसलिए उंगली मत उठाइए। उन्होंने कहा असली कटौती तब होगी जब केंद्र पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उपकर में कटौती करे, जो राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता है।
कल घटाई गई थी एक्साइज ड्यूटी
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सामना कर रहे देश के नागरिकों को केंद्र सरकार ने शनिवार को बड़ी राहत देने का एलान किया था। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) को आठ रुपये और डीजल पर छह रुपये कम कर रहे हैं। इससे पेट्रोल की कीमत 9.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के भाव में सात रुपये प्रति लीटर तक कम हो गए हैं।