इस समझौते के तहत कपड़ा, कृषि, सूखे मेवे, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों के 6,090 सामानों के घरेलू निर्यातकों को यूएई के बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी।

भारत और यूएई ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर फरवरी में हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में मौजूदा 60 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘इस समझौते के बारे में विस्तृत जानकारी जारी कर दी गई है और अब हम अपने सभी कागजी काम पूरे करने, सभी सीमा शुल्क अधिसूचनाओं को तेजी से जारी करने का प्रयास कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इसे एक मई, 2022 तक शुरू किया जा सकता है।’
90 फीसदी वस्तुओं खत्म होगा सीमा शुल्क
गोयल ने यहां दुबई एक्सपो में कहा, वर्तमान में हम यूएई को लगभग 26 अरब डॉलर के सामान का निर्यात कर रहे हैं. इसमें से लगभग 90 फीसदी वस्तुओं पर पहले ही दिन सीमा शुल्क समाप्त हो जाएगा. अगले पांच या दस साल में बाकी 9.5 फीसदी (करीब 1,270 सामान) वस्तुओं पर भी सीमा शुल्क शून्य हो जाएगा.
बीते एक दशक में किया गया यह भारत का पहला बड़ा मुक्त व्यापार समझौता
पिछले लगभग एक दशक में किया गया यह भारत का पहला बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है, जो कि यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय यूनियन और कनाडा के साथ चल रही धीमी सौदेबाजी की पृष्ठभूमि में सामने आया है. दूसरा, इससे भारतीय कारोबारियों को कई तरह के फायदे की सम्भावनाएं हैं. जिनमें यूएई के साथ-साथ दक्षिण एशिया और अफ्रीका तक भारत की पहुंच की संभावनाएं भी शामिल हैं.
ज्वैलरी निर्यात में आएगा उछाल
भारत ने 2020-21 में यूएई से करीब 70 टन सोना आयात किया था. फ्री ट्रेड अग्रीमेंट के तहत भारत को UAE के बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी. भारत सोने के एक प्रमुख आयातक देश हैं. भारत हर साल लगभग 800 टन सोना आयात करता है. इस विशेष समझौते में, हमने उन्हें (यूएई) 200 टन का टीआरक्यू (टैरिफ रेट कोटा) दिया है, जहां शेष विश्व के लिए जो भी आयात शुल्क लगाया जाएगा, उससे शुल्क हमेशा एक फीसदी कम होगा.
यूएई में नौकरी के लिए अंतरराष्ट्रीय परियोजना ‘तेजस’ शुरू
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय परियोजना ‘तेजस’ (ट्रेनिंग फॉर अमीरात जॉब्स् ऐंड स्किल्स) की शुरुआत की. इसका मकसद भारतीय कार्यबल को कुशल और संयुक्त अरब अमीरात के बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है. भारत (India) के पास युवा आबादी है और युवाओं की देश निर्माण और छवि निर्माण में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है.