उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में अखिलेश यादव को हार का सामना करना पड़ा है. समाजवादी पार्टी बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रह गई. लेकिन क्या होता अगर समाजवादी पार्टी को कुछ खास सीटों पर कुल 5 लाख और वोट मिल गए होते

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में कुल 3.8 करोड़ (38,051,721) वोट मिले. यानी बीजेपी के खाते में 41.3 फीसदी वोट गए. इसकी वजह से बीजेपी गठबंधन ने सरकार बनाने के लिए जरूरी 202 सीट से कहीं अधिक 273 सीटें अपने नाम कर लीं.वहीं, समाजवादी पार्टी को 2.9 करोड़ (29,543,934) वोट मिले. यानी 32.1 फीसदी. समाजवादी पार्टी गठबंधन ने कुल 125 सीटें जीतीं. सपा गठबंधन सरकार बनाने के लिए जरूरी 202 के आंकड़े से 77 सीट पीछे रह गई.
लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में कई सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा रहा जहां मामूली अंतर से जीत-हार का फैसला हुआ. 7 ऐसी सीटें रहीं जहां सपा 1000 से कम वोटों के अंतर हार गई. लेकिन 77 ऐसी सीटें रहीं जहां समाजवादी पार्टी 13006 या इससे कम वोटों से हार गई. इन सभी 77 सीटों पर अगर समाजवादी पार्टी के खाते में कुल 496408 और वोट जुड़ते तो मुकाबला जीते हुए कैंडिडेट से बराबर-बराबर का हो जाता.
और इन सभी 77 सीटों पर एक-एक और वोट अगर समाजवादी पार्टी को मिलते तो उसे 77 सीटें और मिल जातीं और सपा की कुल सीटों की संख्या 202 हो जाती. हालांकि, ये काल्पनिक स्थित है, लेकिन यह आंकड़ा यह भी दिखाता है सपा कुछ और वोटर्स को अगर अपने पक्ष में करने में सफल होती तो सरकार ना भी बनती तो कई सीटों पर रिजल्ट जरूर बदल जाता.