रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं. वहां के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक परिसर पर हमला करने की घोषणा की है. जिसके बाद जेलेंस्की ने विश्व नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं.

रूस और यूक्रेन युद्ध का आज 12वां दिन शुरू हो गया है. दो राउंड की बैठक और वैश्विक दबाव के बावजूद भी रूस के हमलों में कमी नहीं आ रही है. रूस की सेना के यूक्रेन में गोलाबारी तेज करने के बीच युद्धग्रस्त देश के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से रूस के खिलाफ प्रतिबंध और कड़े करने का आग्रह किया है. जेलेंस्की ने रूसी रक्षा मंत्रालय की घोषणा का जवाब नहीं देने के लिए रविवार शाम एक वीडियो संदेश में पश्चिमी नेताओं की आलोचना की.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वह यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक परिसर पर हमला करेगा और उसने इन रक्षा संयंत्रों के कर्मचारियों को काम पर नहीं जाने को भी कहा है. जेलेंस्की ने कहा, ‘मैंने एक भी विश्व नेता की इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं सुनी. आक्रमण करने वाले का दुस्साहस दिखाता है कि मौजूदा प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं.’ जेलेंस्की ने ऐसे अपराधों का आदेश देने और उन्हें अंजाम देने वालों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए एक ‘प्राधिकरण’ बनाने का आह्वान किया है.
कब्जा करने वालों की हिम्मत देखिए- जेलेंस्की
उन्होंने कहा, ‘कब्जा करने वालों की हिम्मत देखिए, जो इस तरह के नियोजित अत्याचारों की घोषणा कर सकते हैं.’ रूसी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को घोषणा की थी कि उसकी सेना यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक परिसर पर सटीक हथियारों से हमला करेगी. रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने एक खबर में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाश्नेकोव के हवाले से कहा था, ‘हम यूक्रेन के रक्षा उद्योग संयंत्रों के सभी कर्मियों से आग्रह करते हैं कि वे उद्यम परिसरों से बाहर चले जाएं.’
पुतिन के आदेश के बाद हुआ था हमला
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आदेश के बाद 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किए जाने की शुरुआत हुई थी. तब से अब तक यहां के कई खूबसूरत शहर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं. करीब 15 लाख लोगों ने यूक्रेन छोड़कर दूसरे देशों में शरण ली है. रूस पर आरोप हैं कि वह सैन्य ठिकानों के अलावा यूक्रेन के रिहायशी इलाकों को भी निशाना बना रहा है. जिसके कारण आम नागरिक भी मारे जा रहे हैं.