सभी भारतीय छात्रों को कहा गया है कि वे रेल पकड़कर अपने आगे के सफर के लिए जाएं. सभी से पश्चिमी हिस्से की तरफ जाने को कहा गया है.

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का आज पांचवां दिन है. रूस के हमले से यूक्रेन की राजधानी कीव में जूझ रहे लोगों के लिए राहतभरी खबर है, क्योंकि प्रशासन ने यहां लगा वीकेंड कर्फ्यू को हटा दिया है. यहां सभी छात्रों को कहा गया है कि वे रेल पकड़कर अपने आगे के सफर के लिए जाएं. सभी से पश्चिमी हिस्से की तरफ जाने को कहा गया है. यूक्रेनी रेलवे फंसे छात्रों को निकालने के लिए स्पेशल ट्रेन चला रही है. भारत सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वहां से निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा’ चल रही है. इस ऑपरेशन में अब तक 1100 से ज्यादा छात्र यूक्रेन से भारत आ जा चुके हैं.
यूक्रेन से पहले ही भारत सरकार द्वारा बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों को निकाला जा चुका है. यूक्रेन में अब भी फंसे बाकी के भारतीय छात्रों को निकालने के लिए मोदी सरकार ने नई रणनीति बनाई है. इसके तहत चार मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजा जाएगा. फिर ये मंत्री यूक्रेन में फंसे भारतीय लोगों से बातचीत और उनको निकालने के प्रबंध कराएंगे. सूत्रों के मुताबिक, इनको भारत का ‘विशेष दूत’ बनाकर भेजा जाएगा. सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन संकट पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की.
अब तक कुल 2,000 नागरिक सुरक्षित भारत पहुंचे
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार को बताया कि भारत ने युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से अभी तक अपने करीब 2,000 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है और वहां फंसे अन्य नागरिकों को पड़ोसी देशों की सीमाओं पर स्थित विभिन्न ट्रांजिट प्वाइंट के माध्यम से बाहर निकालने का प्रयास जारी है. पत्रकारों से बातचीत में श्रृंगला ने बताया कि उन्होंने यूक्रेन और रूस के राजदूतों से अलग-अलग बैठकें की हैं और यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिकों का लोकेशन साझा किया है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.