केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर यूक्रेन के युद्ध प्रभावित शहरों में फंसे सभी भारतीयों को वापस लाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की.

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 5 दिनों से संघर्ष जारी है. ऐसे में भारत ने वहां से अपने नागरिकों की वापसी का अभियान तेज कर दिया है. यूक्रेन की राजधानी कीव से अब तक 1100 से ज्यादा भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी हो चुकी है और अभी-भी बड़ी संख्या में नागरिक वहां फंसे हुए हैं. इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि सरकार को यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने से जुड़ी अपनी योजना के बारे में उन्हें एवं उनके परिवारों को अवगत कराना चाहिए. उन्होंने यूक्रेन में सैनिकों द्वारा कुछ भारतीय छात्रों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने से जुड़ा वीडियो भी ट्विटर पर साझा किया.
राहुल गांधी ने कहा, टऐसी हिंसा का शिकार हो रहे भारतीय छात्रों और यह वीडियो देख रहे उनके परिवारों के साथ मेरी सहानुभूति है. किसी भी माता-पिता को इस स्थिति से नहीं गुजरना चाहिए. कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ‘भारत सरकार को वहां से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की अपनी योजना के बारे में फंसे हुए लोगों और उनके परिवारों के साथ तत्काल ब्यौरा साझा करना चाहिए. हम अपने लोगों को इस तरह नहीं छोड़ सकते.’
केरल के CM ने पीएम मोदीको लिखा खत
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर यूक्रेन के युद्ध प्रभावित शहरों में फंसे सभी भारतीयों को वापस लाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की. पत्र में विजयन ने कहा कि कुछ भारतीयों ने भोजन और पानी की कमी के कारण कीव, खार्किव और सुमी जैसे पूर्वी शहरों में बंकरों में शरण ले रखी है. उन्होंने भारतीयों को निकालने के लिए मोल्दोविया के रास्ते एक निकासी मार्ग खोलने की भी मांग की. विजयन द्वारा भेजे गए पत्र में उन छात्रों का भी जिक्र किया गया है, जो भीषण ठंड में पैदल चलकर पोलैंड पहुंचे थे और जिनके खिलाफ सेना का इस्तेमाल किया जा रहा था. उन्होंने केंद्र से इस मुद्दे को हल करने के लिए यूक्रेनी भाषी अधिकारियों को वहां भेजने का आग्रह किया.
CM सोरेन ने गृहमंत्री से मांगी मदद
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को आज पत्र लिख कर यूक्रेन में फंसे छात्रों और लोगों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने में मदद मांगी. मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री अमित शाह को इस सिलसिले में लिखे पत्र को ट्वीट करते हुए कहा, ‘यूक्रेन के इस संकटकाल में वहां फंसे हमारे भाइयों एवं बहनों के दुख में हम उनके साथ हैं. मैंने देश के गृहमंत्री अमित शाह से स्वदेश के वहां फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है.’ सोरेन ने लिखा, ‘यूक्रेन और रूस के बीच का तनाव जिस तेजी से युद्ध में तब्दील हुआ इसका किसी को अंदेशा भी नहीं था. वहां इस समय स्थिति भयावह है और अनेक शहरों में रूसी बमबारी जारी है. ऐसी स्थिति में वहां लगभग 18 हजार छात्रों समेत कुल लगभग बीस हजार छात्र फंसे हुए हैं.’
असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा?
एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत का फैसला महत्वपूर्ण होगा क्योंकि आर्थिक रूप से देश वैश्विक व्यापार पर निर्भर करता है और कच्चे तेल की कम कीमतों से लाभ होता है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘आज हम जो निर्णय लेंगे, उनका लाखों भारतीयों के जीवन पर प्रभाव पड़ेगा. हम उनके हित और कल्याण के प्रति अंधे नहीं हो सकते.’
सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों के बारे में एक अखबार के लेख को साझा करते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पूछा कि क्या मोदी सरकार के पास निकासी योजना है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘क्या पीएम और बीजेपी सरकार यूक्रेन-पोलैंड बॉर्डर और खार्किव और पूर्वी यूक्रेन के अन्य इलाकों में -5 डिग्री में फंसे हमारे हजारों लड़कों और लड़कियों की दुर्दशा और डर को देख महसूस या समझ सकती है.’