प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन पर हर समस्या के लिए जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाया.

देश के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. मनमोहन सिंह ने गुरुवार को बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया है. उन्होंने एक वीडियो जारी करके बीजेपी पर आरोप लगाया है कि उसका राष्ट्रवाद अंग्रेजों के फूट डालो और शासन करो की नीति पर आधारित है. इसके अलावा मनमोहन सिंह ने पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का बचाव भी किया है.
CM चन्नी का किया समर्थन
डॉ. मनमोहन सिंह ने पंजाब चुनाव के संबंध में कहा, ‘लोग कांग्रेस के अच्छे कामों को याद रख रहे हैं. प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक मामले पर बीजेपी ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब की जनता का अपमान करने की कोशिश की थी. इस समय अमीर लोग और अमीर हो रहे हैं. गरीब लोग और गरीब होते जा रहे हैं.’
चीन हमारी सीमाओं पर बैठा है’
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह भी कहा, ‘बीजेपी नीत सरकार के पास आर्थिक नीतियों के संबंध में कोई समझ नहीं है. यह मुद्दे सिर्फ देश तक ही सीमित नहीं हैं. यह सरकार विदेश नीतियों पर भी विफल साबित हुई है. चीन हमारी सीमाओं पर बैठा है. इस मुद्दे को दबाने की कोशिश की जा रही है.’
‘नेहरू को जिम्मेदार ठहराते हैं’
मनमोहन सिंह ने कहा कि कोरोना के दौरान केंद्र सरकार की खराब नीतियों की वजह से लोग इस समय बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई से परेशान हैं. 7.5 साल सरकार चलाने के बाद वे अपनी गलती मानने और सुधार करने को तैयार नहीं हैं. सरकार देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराती है.
बिना बुलाए पहुंचकर बिरयानी खाने से नहीं सुधरते रिश्ते
उन्होंने पीएम मोदी का नाम लिए बगैर उन पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञों को गले लगाकर संबंध बेहतर नहीं बनाए जाते या फिर बिना आमंत्रण के बिरयानी खाने पहुंच जाने पर भी ऐसा नहीं होता है. मनमोहन सिंह ने कहा कि बीजेपी का राष्ट्रवाद अंग्रेजों की फूट डालो और शासन करो की नीति पर आधारित है. अब संवैधानिक संस्थाएं कमजोर हो रही हैं.
हमने देश को नहीं बांटा’
मनमोहन सिंह ने कहा, ‘मैं मानता हूं कि प्रधानमंत्री के पद का एक खास महत्व होता है. इतिहास पर दोष लगाकर अपने गुनाह कम नहीं हो सकते. प्रधानमंत्री के तौर पर काम कर मैंने ज्यादा बोलने की जगह काम को तरजीह दी. हमने सियासी लाभ के लिए देश को नहीं बांटा.’