बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी की मौजूदगी में 16 दिन बाद फिर से बीजेपी ज्वाइन करने वाले विधायक बाला प्रसाद ने कहा कि वे पूरी निष्ठा से बीजेपी के मिशन 2022 को पूरा करेंगे. बता दें कि बीते दिनों ही बीजेपी से इस्तीफा देकऱ सपा में शामिल हुए थे.

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सियासी लड़ाई काफी दिलचस्प होती जा रही है. जहां एक पखवारा पहले BJP छोड़कर सपा में शामिल हुए लखीमपुर खीरी जिले की धौरहरा विधानसभा सीट के विधायक बाला प्रसाद अवस्थी का समाजवादी पार्टी से भी मोह भंग हो गया. वहीं, सोमवार को लखनऊ में बीजेपी मुख्यालय पर बाला ने फिर से घर वापसी की बात कहकर बीजेपी ज्वाइन कर ली है. इस नए सियासी घटनाक्रम के बाद अब अलग अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि घर वापसी के बाद मीडिया को दिए इंटरव्यू में बाला ने अपने बड़े बेटे को राजनैतिक व पारिवारिक उत्तराधिकारी घोषित कर सबको चौंका दिया. ऐसे में बाला के इस बयान से माना जा रहा है कि अब वे सक्रिय राजनीति से सन्यास लेने वाले हैं.
पूर्व MLA बाला ने अपने बड़े बेटे को राजनैतिक और पारिवारिक उत्तराधिकारी किया घोषित
वहीं, बीते सोमवार को बीजेपी आलाकमान से हरी झंडी मिल जाने के बाद बाला प्रसाद अवस्थी ने फिर से बीजेपी में शामिल हो गए. इसके बाद में मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए बाला अवस्थी ने अपने बड़े बेटे राजीव अवस्थी को अपना राजनैतिक और पारिवारिक उत्तराधिकारी घोषित कर सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया. फिलहाल बाला प्रसाद की इस घोषणा के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अब वे सक्रिय राजनीति से किनारा कर रहे हैं.
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी की मौजूदगी में 16 दिन बाद फिर से बीजेपी ज्वाइन करने वाले विधायक बाला प्रसाद ने कहा कि वे पूरी निष्ठा से बीजेपी के मिशन 2022 को पूरा करेंगे. बता दें कि बीते 13 जनवरी को बाला अपने बेटे राजीव अवस्थी लालू के साथ सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ली थी. उस समय कयास लगाए जा रहे थे कि बाला अपने बेटे राजीव उर्फ लालू के लिए धौरहरा से सपा का टिकट चाहते थे। पर समाजवादी पार्टी ने धौरहरा से किसी और को टिकट दे दिया, जिसके बाद से बाला प्रसाद अवस्थी अन्य रास्ते तलाशने लगे.
बीते 13 जनवरी को विधायक ने बीजेपी से इस्तीफा देकर थामा था सपा का दामन
बता दें कि बीते जनवरी महीनें में जिले की राजनीति का सियासी पारा इस कदर गरम था. जहां पर नेताओं की दल बदलने की खबरें सुर्खियों में लगातार आ रहीं थी. इस बात को उस वक्त बल मिला जब बीते 13 जनवरी को लखनऊ में धौरहरा से बीजेपी विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा देकर सपा का दामन थाम लिया था. वहीं, इसके साथ ही बीजेपी के अन्य विधायकों के दल बदलने की खबरें हवा में तैरती रहीं. इस दौरान मजबूरन गोला से बीजेपी विधायक अरविंद गिरि और पलिया से बीजेपी विधायक रोमी साहनी को बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दल बदलने की अटकलों को खारिज करना पड़ा.