27 जनवरी को एयर इंडिया ,टाटा समूह को सौंप दी जाएगी. इस डील की बाकी बची औपचारिकताओं को एक-दो दिनों में पूरा कर लिया जाएगा. 8 अक्टूबर 2021 को टाटा समूह ने एयर इंडिया की बोली जीती थी.

एअर इंडिया की घर वापसी हो गई है. 27 जनवरी यानी गुरुवार को एअर इंडिया टाटा समूह को सौंप दी जाएगी. इस डील की बाकी बची औपचारिकताओं को अगले एक-दो दिनों में पूरा कर लिया जाएगा. एअर इंडिया के कर्मचारियों को भेजे एक मैसेज में एयर इंडिया के फाइनेंस डायरेक्टर विनोद हेजमादी ने बताया था कि 24 जनवरी को कंपनी की बैलेंस शीट बंद कर दी जाएगी, ताकि टाटा ग्रुप इसकी समीक्षा कर सके. अब अगर कोई बदलाव होगा, तो उसे बुधवार 26 जनवरी तक किया जा सकता है. पिछले साल 8 अक्टूबर को टाटा समूह ने एअर इंडिया की बिड जीती थी. एअर इंडिया -टाटा समूह की यह डील 18,000 करोड़ रुपए में हुई है. इस डील के तहत एअर इंडिया को टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया गया है.
एअर इंडिया एक्सप्रेस और ग्राउंड हैंडलिंग आर्म एआईएसएटीएस की बिक्री भी शामिल है. साल 2003-04 के बाद यह पहला निजीकरण है
एयर इंडिया घरेलू हवाई अड्डों पर 4,480 और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2,738 लैंडिंग और पार्किंग स्लॉट रखती है. साथ ही विदेशी हवाई अड्डों पर पार्किंंग के कंपनी के पास करीब 900 स्लॉट हैं.
ये स्लॉट कंपनी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच और उड़ानों के बारे में बताते हैं. जबकि एअर इंडिया की सब्सिडियरी Air India Express हर हफ्ते 665 उड़ानों का संचालन करती है.
आइए अब नए प्लान के बारे में जानते है.
सौदे के तहत टाटा समूह को एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस में 100 फीसद और ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी आइसाट्स में 50 फीसदी हिस्सेदारी मिल रही है. टाटा एयर इंडिया सौदे के एवज में सरकार को 2700 करोड़ रुपए नकद देगी और एयरलाइंस पर बकाया 15,300 करोड़ रुपए के कर्ज की देनदारी लेगी.
ऐसा माना जा रहा है कि अब टाटा ग्रुप तीन एयरलाइंस का संचालन करेगी- एअर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और विस्तारा. समूह एयर एशिया इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस का विलय कर सकता है. इससे देश के एयरलाइन इंडस्ट्री में टाटा समूह का दबदबा कायम हो सकता है.