असल में राज्य में पहले चरण के मतदान के लिए महज 19 दिनों का चुनाव प्रचार का समय बचा है. राज्य में पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होना है. इसलिए बीजेपी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकना चाहती है.

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग 22 जनवरी के बाद चुनाव प्रचार के लिए लगाए प्रतिबंध पर छूट दे सकती है. लिहाजा भारतीय जनता पार्टी ने इसके लिए प्लान तैयार किया है. जहां एक तरफ बीजेपी चुनाव प्रचार में अपने बड़े नेताओं को उतारेगी. वहीं बीजेपी के चुनावी रणनीतिकार और केन्द्रीय गृहमंत्री संगठन के नाराज नेताओं से बातचीत कर यूपी फतह के लिए एक्टिवेट करेंगे. बताया जा रहा है कि अमित शाह यूपी के ज्यादातर जिलों को अपनी रैलियों के जरिए साधने की कोशिश करेंगे.
दरअसल कोरोना के कारण चुनाव आयोग ने राज्य में होने वाली चुनावी रैलियों पर प्रतिबंध लगाया है और ये प्रतिबंध 22 जनवरी तक लागू है. माना जा रहा है कि चुनाव को देखते हुए आयोग रैलियों पर प्रतिबंध पर कुछ छूट दे सकती है. लिहाजा बीजेपी ने इसकी तैयारी कर ली है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में चुनाव प्रचार के लिए बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत वरिष्ठ नेताओं की सभाओं और रैलियां आयोजित करेगी. इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्रियों के साथ ही संगठन के बड़े नेताओं को भी चुनाव प्रचार में उतारा जाएगा. क्योंकि बीजेपी के लिए यूपी चुनाव काफी अहम है. इसलिए बीजेपी कोई भी कोरकसर नहीं छोड़ना चाहती है.
नाराज कार्यकर्ताओं और नेताओं को साधेंगे अमित शाह
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमित शाह यूपी में पार्टी के नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को साधेंगे और चुनाव में जीत के लिए मदद मांगेंगे. लिहाजा बीजेपी ने शाह शेड्यूल को अलग बनाया है. अमित शाह न केवल जनता को संबोधित करेंगे बल्कि संगठन के भी पेच सकेंगे. क्योंकि चर्चा है कि राज्य में कई कार्यकर्ता नाराज हैं. लिहाजा अमित शाह इन कार्यकर्ताओं और नेताओं की नाराजगी को दूर करेंगे. बीजेपी ने इसी के मद्देजनर अमित शाह का कार्यक्रम ऐसा तैयार किया है, जिससे वह राज्य के हर जिले जुड़ सके. पिछले दिनों ही अमित शाह राज्य के ज्यादातर जिलों का दौरा कर चुके हैं.
अमित शाह ने 2014 से 2019 तक संभाली है यूपी में चुनाव की कमान
असल में राज्य में पहले चरण के मतदान के लिए महज 19 दिनों का चुनाव प्रचार का समय बचा है. राज्य में पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होना है. इसलिए बीजेपी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकना चाहती है. वहीं अमित शाह राज्य में तीन चुनावों की कमान संभाल चुके हैं. अमित शाह ने पहले 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव और फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रबंधन की कमान संभाली थी और इसके परिणाम पार्टी को मिले थे. लिहाजा राज्य में मौजूदा चुनाव के लिए भी अमित शाह रणनीति तैयार कर रहे हैं.