प्रधानमंत्री जिन प्रमुख परियोजनाओं की घोषणा करने वाले हैं, उनमें वाराणसी-भदोही सड़क का चार लेन में विस्तार, एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, और कैंसर अस्पतालों में उन्नत चिकित्सा उपकरणों जैसे रोबोटिक सर्जरी यूनिट्स की स्थापना शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से देशभर के 9.7 करोड़ किसानों के खातों में ₹20,000 करोड़ की पीएम किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त ट्रांसफर कर देश को एक साथ विकास और कृषि दोनों का संदेश दिया। इस मौके पर मोदी ने काशीवासियों को ₹2,200 करोड़ की 39 परियोजनाओं की भी सौगात दी, जिनमें आधारभूत ढांचा, शिक्षा, पर्यटन और परिवहन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
पीएम मोदी के इस दौरे ने एक तरफ किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी तो दूसरी तरफ वाराणसी को एक बार फिर उत्तर भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों की कतार में लाकर खड़ा कर दिया।
काशी का ऐतिहासिक मंच और मोदी की चुनावी सधी चाल
वाराणसी के डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रधानमंत्री का यह आयोजन केवल सरकारी घोषणाओं का मंच नहीं था, बल्कि एक ऐसा मंच था जहां से उन्होंने 2024 की प्रचंड जीत के बाद 2025 की योजनाओं का खाका भी देश के सामने रख दिया।
मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत काशी की मिट्टी को प्रणाम करते हुए की और कहा,
“काशी सिर्फ मेरा संसदीय क्षेत्र नहीं, मेरी प्रेरणा है। यहां से शुरू हर यात्रा भारत के विकास की दिशा तय करती है।”
किसानों के लिए ‘मोदी गारंटी’: खातों में ₹20,000 करोड़ की सीधी ट्रांसफर
प्रधानमंत्री ने बटन दबाकर पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 17वीं किस्त के रूप में ₹20,000 करोड़ सीधे 9.7 करोड़ किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए। इस मौके पर मंच से कई लाभार्थियों के साथ संवाद भी हुआ।
एक किसान – रामनाथ यादव, जो बलिया से आए थे, ने पीएम से कहा,
“मोदी जी, आपकी वजह से अब खेत में बीज डालने से पहले पैसों की चिंता नहीं होती।”
इससे पहले सरकार ने योजना के तहत हर किसान को सालाना ₹6,000 तीन किस्तों में देने का वादा किया था, जो अब तक कुल ₹3.04 लाख करोड़ का सीधा ट्रांसफर बन चुका है।
क्या है पीएम किसान योजना और क्यों है यह सरकार की मास्टरस्ट्रोक नीति?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना फरवरी 2019 में लॉन्च की गई थी। इसका मकसद छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देना है। अब तक:
- 11 करोड़ से ज्यादा किसान रजिस्टर्ड
- 17 किस्तें जारी
- ₹3 लाख करोड़ से अधिक की राशि DBT के जरिए ट्रांसफर
इस योजना को मोदी सरकार का “डायरेक्ट डिलिवरी मॉडल” माना जाता है, जो बिचौलियों को खत्म कर किसान को सीधे केंद्र से जोड़ता है।
वाराणसी को ₹2,200 करोड़ की सौगात: क्या-क्या मिला काशी को?
मोदी ने वाराणसी में ₹2,200 करोड़ की 39 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें शामिल हैं:
🚆 बुनियादी ढांचे का विकास
- वाराणसी-चंदौली हाईवे चौड़ीकरण
- रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य
- गंगा किनारे सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट्स
🏫 शिक्षा और संस्कृति
- काशी संस्कृत विश्वविद्यालय का आधुनिकीकरण
- नए प्राथमिक विद्यालय और स्मार्ट क्लासरूम
🚎 परिवहन और पर्यटन
- वाराणसी नगर बस सेवा के लिए 100 इलेक्ट्रिक बसें
- काशी कॉरिडोर फेज-2 की आधारशिला
🏥 स्वास्थ्य सेवाएं
- एक आधुनिक आयुष अस्पताल का उद्घाटन
- जन औषधि केंद्रों की संख्या दोगुनी करने की घोषणा
मोदी ने मंच से कहा,
“काशी अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, विकास का नया आदर्श बन चुका है।”
“भारत के किसानों को मजबूत किए बिना नया भारत नहीं बनेगा” – मोदी
पीएम मोदी ने मंच से किसानों को संबोधित करते हुए कहा,
“भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ अगर कोई है, तो वह हमारे अन्नदाता हैं। हमारी सरकार का संकल्प है – ‘किसान समृद्ध, देश मजबूत।’”
उन्होंने कहा कि सरकार अगले दो वर्षों में:
- कृषि निर्यात को ₹5 लाख करोड़ तक ले जाएगी
- 10,000 FPO (Farmer Producer Organisations) बनाएगी
- एग्री-स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए ₹15,000 करोड़ का विशेष फंड
विपक्ष का हमला: “ये किसान प्रेम नहीं, चुनावी स्टंट है”
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने पीएम के इस दौरे को चुनावी रणनीति बताया। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा,
“मोदी सरकार चुनाव आते ही किसानों की याद दिलाती है। बाकी समय तो MSP, बीमा और फसल नुकसान पर एक शब्द नहीं बोलते!”
RJD के तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा,
“किसानों के खातों में ₹6,000 सालाना देकर सरकार सोचती है कि वह उनकी सारी तकलीफें मिटा रही है? ये किसानों की बेइज्जती है।”
सोशल मीडिया पर मचा हंगामा, मोदी ट्रेंड में
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा #PMInVaranasi, #ModiWithFarmers और #PMKisan17thInstallment जैसे ट्रेंड्स के साथ पूरे दिन ट्विटर और फेसबुक पर छाया रहा। लाखों किसानों ने स्क्रीनशॉट शेयर किए जिसमें उन्हें पैसे ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई।
एक ट्विटर यूजर ने लिखा:
“ना बिचौलिया, ना घूस, सीधे बैंक में पैसा आया। यही है डिजिटल इंडिया।”
वाराणसी के लोग बोले: “मोदी है तो मुमकिन है”
FiveWs News की टीम ने वाराणसी के स्थानीय निवासियों से बात की। बनारस के रेवड़ी तालाब क्षेत्र के निवासी रमेश चौरसिया ने कहा,
“मोदी जी ने जो कहा वो करके दिखाया। सड़क, अस्पताल, घाट, बिजली – सब बदल गया है। अब काशी वाकई अंतरराष्ट्रीय शहर जैसा लगने लगा है।”
निष्कर्ष: मोदी का वाराणसी दौरा – ‘विकास + किसान = मिशन 2029’?
मोदी का यह दौरा सिर्फ सरकारी योजनाओं की घोषणाओं तक सीमित नहीं था। यह एक रणनीतिक राजनीतिक संदेश था – जहां वे 2029 तक अपने विज़न को विस्तार दे रहे हैं। विकास और किसान – दोनों पर केंद्रित यह मंच, 2025 की राजनीति में भाजपा की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है।
एक तरफ प्रधानमंत्री ने किसानों को सीधी आर्थिक मदद देकर ‘सहारा’ दिया, तो दूसरी तरफ वाराणसी को इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा के नए तोहफों से ‘विकास’ का मॉडल बना दिया।
