
जब देश की सुरक्षा और गौरव की बात हो, तो उद्योगपतियों की भी चुप्पी टूट जाती है। देश के सबसे बड़े उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की खुले दिल से सराहना की और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत की सुरक्षा नीति का ऐतिहासिक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान “मोदी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति और अडिग राष्ट्रीय संकल्प” का जीवंत उदाहरण है।
■ अंबानी का बयान: सीधा दिल से, बिना लाग-लपेट
एक विशेष साक्षात्कार में मुकेश अंबानी ने कहा:
“ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि यह उस भारत की घोषणा है जो अब सहन नहीं करता। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अडिग निष्ठा का प्रमाण है। देश को आज ऐसे ही निर्णायक नेतृत्व की आवश्यकता है।”
अंबानी का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए ऑपरेशन सिंदूर के तहत महज 22 मिनट में पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया।
■ क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय व्यक्ति की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर की योजना बनाई, जो एक सीमापार सैन्य कार्रवाई थी।
24 घंटे के भीतर भारतीय वायुसेना और विशेष बलों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकियों के लॉन्च पैड्स और ट्रेनिंग कैम्प्स को निशाना बनाया। इस पूरे ऑपरेशन में महज 22 मिनट लगे और लक्ष्य पूरी तरह नष्ट कर दिए गए, जबकि कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ।
■ ‘ये सिर्फ ट्रेलर है’: मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक सार्वजनिक सभा में ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र करते हुए कहा था:
“22 मिनट में 9 आतंकी अड्डे तबाह कर दिए गए। ये तो सिर्फ ट्रेलर था… ज़रूरत पड़ी तो पूरी फिल्म भी दिखाई जाएगी।”
इस बयान के बाद से पूरे देश में जोश और गर्व की लहर दौड़ पड़ी। सोशल मीडिया पर #OperationSindoor ट्रेंड करने लगा और लाखों लोगों ने मोदी सरकार की निर्णायक कार्रवाई की सराहना की।
■ अंबानी की टिप्पणी क्यों महत्वपूर्ण है?
कॉर्पोरेट जगत आमतौर पर राजनीति या राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधे बयान देने से बचता है। लेकिन जब कोई बिज़नेस टाइकून खुलकर प्रधानमंत्री के कदमों की सराहना करता है, तो उसका असर देश-विदेश तक जाता है।
मुकेश अंबानी ने न केवल मोदी के नेतृत्व की सराहना की, बल्कि ये भी कहा कि “भारत को अब सुरक्षा आयात करने की ज़रूरत नहीं, भारत सुरक्षा का निर्यातक बन चुका है।”
यह टिप्पणी भारत की तेज़ी से विकसित हो रही रक्षा मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की ओर इशारा करती है जिसमें रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियां अब सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
■ क्या अंबानी का बयान राजनीति को प्रभावित करेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंबानी जैसे कारोबारी दिग्गज द्वारा मोदी की प्रशंसा चुनावी वर्ष में महत्वपूर्ण संकेत देता है। जहां एक ओर विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर की पारदर्शिता और ‘सूचना लीक’ को लेकर सरकार से सवाल पूछ रहा है, वहीं अंबानी का यह बयान मोदी के लिए कॉर्पोरेट समर्थन का प्रमाणपत्र माना जा रहा है।
विपक्षी नेताओं ने अब तक इस पर सीधे कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थक इसे “प्रचार” और “समर्थन की राजनीति” बता रहे हैं।
■ सोशल मीडिया में कैसी रही प्रतिक्रिया?
मुकेश अंबानी के इस बयान के बाद ट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंक्डइन पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ उदाहरण देखें:
@DeshBhaktSuraj: “मोदी और अंबानी – जब राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रनिर्माण एक साथ खड़े हों तो दुश्मन कांपते हैं!”
@StartupRaja: “भारत का नया युग – बॉर्डर पर सेना, बाज़ार में आत्मनिर्भरता!”
@MissionIndia2025: “मोदी जी की ताकत = सेना + उद्योग + जनता”
■ उद्योग जगत में राष्ट्रवाद की बयार?
मुकेश अंबानी से पहले भी कई बड़े उद्योगपतियों ने पीएम मोदी के फैसलों की सराहना की है, खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और Make in India अभियान के तहत।
रतन टाटा ने पहले ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के समर्थन में बयान दिया था।
नरायण मूर्ति ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर को “प्रशंसनीय साहसिकता” बताया।
आदित्य बिड़ला ग्रुप ने भी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश बढ़ाने की घोषणा की है।
इससे यह संकेत मिलता है कि कॉर्पोरेट भारत अब सिर्फ मुनाफे की सोच नहीं रखता, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान का साझेदार भी बन चुका है।
