प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को उत्तराखंड पहुंचे, और इस दौरान उन्होंने पारंपरिक वस्त्र ‘चपकन’ पहना। प्रधानमंत्री का यह दौरा राज्य के शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को उत्तराखंड पहुंचे और इस दौरान उन्होंने पारंपरिक वस्त्र ‘चपकन’ पहना। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा राज्य के शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम के तहत हुआ, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड में सर्दियों के मौसम में पर्यटन को बढ़ावा देना है। उनके इस दौरे को लेकर राज्यभर में उत्साह का माहौल था, और यह न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। पीएम मोदी ने अपनी उपस्थिति से राज्य की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को सम्मानित किया। इस लेख में हम प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड दौरे, उनकी शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों और राज्य के विकास पर उनके विचारों पर चर्चा करेंगे।
पीएम मोदी का पारंपरिक स्वागत
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर उत्तराखंड की विशिष्ट संस्कृति का सम्मान करते हुए पारंपरिक ‘चपकन’ पहनकर राज्यवासियों से मुलाकात की। चपकन एक पारंपरिक ऊनी वस्त्र है, जो उत्तराखंड के लोगों द्वारा सर्दी से बचने के लिए पहना जाता है। इस पहनावे के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को सम्मानित किया।
राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा के नेता और प्रशासनिक अधिकारी एयरपोर्ट पर मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्तराखंड के स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस दौरान पीएम मोदी ने राज्यवासियों से सीधे संवाद किया और उत्तराखंड के विकास के लिए उनके सहयोग की सराहना की।
शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने का उद्देश्य
प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड दौरा शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम के तहत हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड में सर्दियों के दौरान पर्यटकों की संख्या बढ़ाना है। हर साल लाखों लोग उत्तराखंड के धार्मिक और पर्यटक स्थलों की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन सर्दियों में इन स्थानों पर पर्यटकों की संख्या में कमी आ जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार के इस कदम का समर्थन किया और कहा कि उत्तराखंड की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त हैं।
उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि राज्य में पर्यटन को एक नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार भी कई योजनाओं पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर भी जोर दिया। उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ के रूप में जाना जाता है और यहां स्थित चार धाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) देशभर से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यहां की सांस्कृतिक धरोहर भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। उन्होंने राज्य के ऐतिहासिक मंदिरों, मठों और धार्मिक स्थलों की महिमा का वर्णन किया।
प्रधानमंत्री ने राज्य के लोगों की मेहनत और समर्पण की सराहना की और कहा कि उत्तराखंड के निवासी अपनी संस्कृति, धर्म और परंपराओं को गर्व से आगे बढ़ा रहे हैं। उनका यह भी कहना था कि राज्य के युवा अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक हैं और यही कारण है कि उत्तराखंड का सांस्कृतिक खजाना सुरक्षित है।
राज्य के विकास पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को सराहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का समग्र विकास तभी संभव है जब यहां की लोकल इकॉनमी को सशक्त किया जाए। इसके लिए पर्यटन, कृषि, और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कई योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राज्य के विकास में योगदान दे रही हैं और आने वाले समय में राज्य को और भी अधिक अवसर मिलेंगे।
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे
उत्तराखंड का पर्यावरण भी प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का एक अहम हिस्सा था। उन्होंने राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और संरक्षण पर जोर दिया। मोदी ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के बिना किसी भी विकास की कल्पना करना मुश्किल है। उन्होंने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से समृद्ध राज्य है, जिसे सही तरीके से संरक्षित किया जाना चाहिए।
उन्होंने गंगा नदी के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया, क्योंकि गंगा उत्तराखंड के लिए केवल एक नदी नहीं बल्कि एक जीवनदायिनी है। प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा नदी के स्वच्छता और संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों का उल्लेख किया और इस दिशा में राज्य सरकार और केंद्र सरकार की साझेदारी की आवश्यकता को रेखांकित किया।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड दौरा राज्य के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उनके दौरे ने न केवल राज्य के शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम को बढ़ावा दिया, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के विकास, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों पर जोर देते हुए उत्तराखंड को एक नए दृष्टिकोण से देखने की अपील की। उनके इस दौरे से राज्य में पर्यटन और आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।