अमेरिका में एक बार फिर गोलीबारी हुई है. अमेरिका के इंडियाना स्थित शॉपिंग मॉल में हुई अंधाधुंध गोलीबारी में हमलावर समेत चार लोगों की मौत हो गई.

अमेरिका में एक बार फिर गोलीबारी हुई है. अमेरिका के इंडियाना स्थित शॉपिंग मॉल में हुई अंधाधुंध गोलीबारी में हमलावर समेत चार लोगों की मौत हो गई. वहीं, दो लोगों के घायल होने की खबर है. स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया कि इंडियाना मॉल में रविवार शाम (स्थानीय समयानुसार) एक फूड कोर्ट में हुई गोलीबारी में बंदूकधारी समेत चार लोगों की मौत हो गई.
मृतकों में संदिग्ध शूटर भी शामिल है. बंदूकधारी को मुठभेड़ के दौरान गोली लगी थी. मेयर मार्क मायर्स ने ट्वीट किया, ‘यह त्रासदी हमारे समुदाय को अंदर तक नुकसान पहुंचाती है. कृपया पीड़ितों और मृतकों के परिवारों के लिए प्रार्थना करें.’
ग्रीनवुड पुलिस विभाग के प्रमुख जिम इसन ने कहा कि एक शख्स राइफल और गोला-बारूद के साथ ग्रीनवुड पार्क मॉल में घुसा. उसने फूड कोर्ट में गोलीबारी शुरू कर दी. इसन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एक सशस्त्र नागरिक ने उस बंदूकधारी की हत्या कर दी. उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर चार लोग मारे गए और दो घायल हो गए. अधिकारियों ने अन्य पीड़ितों के लिए पूरे मॉल में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन उनका मानना है कि शूटिंग सिर्फ फूड कोर्ट में हुई थी.
अमेरिका में सब्जी खरीदने जितना आसान है बंदूक खरीदना
अमेरिका में गन कल्चर का इतिहास करीब 230 साल पुराना है. 1791 में संविधान के दूसरे संशोधन के तहत अमेरिका नागरिकों को हथियार रखने और खरीदने का अधिकार दिया गया. अमेरिका में इस कल्चर की शुरुआत तब हुई थी, जब वहां अंग्रेजों का शासन था. उस समय वहां स्थायी सिक्योरिटी फोर्स नहीं थी, इसीलिए लोगों को अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए हथियार रखने का अधिकार दिया गया, लेकिन अमेरिका का ये कानून आज भी जारी है.
हर वीकेंड पर लगती है बंदूकों की प्रदर्शनी
अमेरिका में सैकड़ों ऐसे स्टोर, शॉपिंग आउटलेट और छोटी-छोटी दुकानें हैं, जहां बंदूकें बेची जाती हैं. पूरे अमेरिका में हर वीकेंड पर बंदूकों की प्रदर्शनी लगती है. वहां बंदूकें वॉलमॉर्ट जैसी बड़ी कंपनियों के स्टोर से लेकर छोटी दुकानों पर बिकती हैं.
बिना जांच-पड़ताल के होती है सेलिंग
अमेरिका में कोई भी आम आदमी आसानी से बंदूक खरीद सकता है. हथियारों के इस खुले लेन-देन में कोई जांच-पड़ताल नहीं होती. जांच केवल दुकान से बंदूक खरीदने पर ही होती है. बंदूक खरीदते समय खरीदार को एक फॉर्म में नाम, पता, जन्मतिथि और नागरिकता की जानकारी देनी होती है. बंदूक बेचने वाले खरीदार की जानकारी अमेरिकी खुफिया एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन यानी FBI से साझा करता है, जो बंदूक खरीदार के बैकग्राउंड की जांच करती है.