रूस की गोलाबारी में रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया जा रहा है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि गोलाबारी में 211 स्कूल बर्बाद हो गए हैं.

रूस और यूक्रेन युद्ध आज 12वें दिन भी जारी है. इस दौरान रूस ने यहां के तमाम रिहायशी इलाकों पर गोलाबारी की है. यूक्रेन के शिक्षा मंत्री सेरही शकरलेट ने बताया कि यूक्रेन के 211 स्कूल पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं. मंत्री ने कहा, ‘पहले से ही 211 स्कूलों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से कुछ पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं, कुछ क्षतिग्रस्त हुए हैं.’ इससे पहले खबर आई थी कि देश छोड़ने की कोशिश कर रहे यूक्रेन के हजारों नागरिकों को रूसी बमबारी से शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
कीव कूच रही रूसी सेना
रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव के चारों तरफ पहुंच चुकी है. लेकिन कीव पर कब्ज़ा करना आसान नहीं हो रहा है. अगर कीव पर कब्ज़ा नहीं हो पाया तो युद्ध कई दिनों और लंबा खिंच सकता है. कीव को लेकर जंग की शुरुआत से ही रूसी सेना कीव पर हमले कर रही है. हालात ये हैं कि यहां कई इमारतें और घर रूसी हमलों में खंडहर में बदल गए हैं.
रूस के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मॉस्को के हमलों को रोका जा सकता है ‘अगर कीव शत्रुतापूर्ण कार्रवाई बंद कर दें.’ रूस के हमले तेज होने के साथ ही दक्षिणी बंदरगाह शहर मारियुपोल में लड़ाई से थोड़ी देर के लिए मिली राहत पल भर में गायब हो गई. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि अन्य बड़े शहरों में रिहायशी इलाकों में भारी तोपें दागी गईं. गृह मंत्रालय के सलाहकार एंटोन ग्रेराश्नेको ने ‘टेलीग्राम’ पर कहा, ‘कोई ‘सुरक्षित गलियारा’ नहीं हो सकता, क्योंकि केवल रूसी लोगों का बीमार दिमाग ही यह तय करता है कि कब और किस पर गोलीबारी करनी है.’
यूक्रेन कभी नहीं भूलेगा- जेलेंस्की
ईसाई धर्म में ‘क्षमा देने’ के तौर पर मनाए जाने वाले ‘फारगिवनेस संडे’ पर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अपने घरों पर बमबारी, निहत्थे लोगों की हत्या और अपने बुनियादी ढांचों के विनाश को कभी नहीं भूलेगा. इस युद्ध में मृतकों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उसने कुछ सैकड़ों नागरिकों की मौत की ही पुष्टि की है लेकिन उसने आगाह किया कि यह संख्या कहीं अधिक हो सकती है. यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि मारियुपोल में भोजन, पानी, दवा और लगभग सभी अन्य सामान की भारी किल्लत हो गई है, जहां रूसी और यूक्रेनी सेनाओं ने 11 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमति जताई थी, जिससे नागरिकों को बाहर निकलने और घायलों को बचाने की अनुमति मिलेगी.