यूपी चुनाव के पांचवें चरण में सभी की निगाहें अयोध्या की राम मंदिर वाली सीट पर है अयोध्या में सबसे कम वोटिंग राम मंदिर वाली अयोध्या सदर सीट पर हुई और कुंडा में भी पिछले साल से 5 फीसदी कम मतदान रहा.

यूपी में पांचवें चरण में रविवार को अवध, तराई, बुंदेलखंड और पूर्वांचल की 61 विधानसभा के प्रत्याशियों की किस्मत मतदाताओं ने लॉक कर दी। इनमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ राजा भैया भी शामिल हैं। शाम 5 बजे तक यहां 54 प्रतिशत वोट पड़ चुके थे। 2017 में पांचवें चरण में कुल 58.24 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। जिन जिलों में वोटिंग हुई उनमें अयोध्या, अमेठी, बहराइच, बाराबंकी, चित्रकूट, गोंडा, कौशांबी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, श्रावस्ती, सुल्तानपुर के साथ रायबरेली की एक सीट पर वोटिंग हुई।
अयोध्या सीट पर सबसे कम मतदान
अयोध्या जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से राममंदिर वाली अयोध्या सदर सीट पर सभी की निगाहें हैं. अयोध्या जिले में 60.38 फीसदी वोट पड़े. सीटों की बात करें तो राममंदिर वाली अयोध्या सदर में जिलों की अन्य सीटों की तुलना में सबसे कम वोट पड़े. अयोध्या सीट पर 58.11 फीसदी वोट पड़े हैं. बीकापुर में 62.64 फीसदी, गोसाइगंज में 60.85 फीसदी मिल्कीपुर में 60.04 फीसदी और रुदौली में 60.23 फीसदी वोट पड़े. इस तरह से रामंदिर वाली सीट पर सबसे कम वोटिंग रही. ऐसे में अब खिर जहां पर मंदिर का निर्माण हो रहा है, वहां सबसे कम क्यों मतदान हुआ?
दस साल में सबसे कम वोटिंग
अयोध्या सदर सीट पर साल 2012 में 60.70 फीसदी और साल 2017 में 61.5 फीसदी वोट पड़े. ये तब था जब राम मंदिर पर फैसला नहीं आया था. कोर्ट के फैसले के अयोध्या में रामलला के मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है. इसके बाद भी अयोध्या के वोटर में उत्साह नहीं दिखा. पिछले 10 साल की तुलना में सबसे कम वोट पड़े हैं. तीन दशकों में बीजेपी को सिर्फ दो बार अयोध्या में हार का मूंह देखना पड़ा है 2012 में सपा यहां से पहली जीती थी, लेकिन बीजेपी ने पांच साल छीन लिया था. सपा ने तेज नारायण पांडेय को उतारा तो बीजेपी ने मौजूदा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता पर दांव लगाया है.
राजा भैया में भी नहीं दिखा उत्साह
कुंडा विधानसभा में रविवार को कुल 52.65 प्रतिशत मतदान हुआ। सुबह से ही अधिकांश मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ डटी नजर आई। कुंडा कस्बे में मतदाता बहुत खामोशी से मताधिकार का प्रयोग करते नजर आए।प्रतापगढ़ में कुल 7 विधानसभा सीटें है, जहां पर 52.65 फीसदी वोटिंग हुई है. राजा भैया के प्रभाव वाली कुंडा और बाबागंज सीट पर प्रतापगढ़ जिले में सबसे कम कम वोटिंग हुई है. कुंडा सीट पर 52.12 फीसदी, बाबागंज में 48.57 फीसदी, पट्टी में 57.56 फीसदी नीगंज सीट पर 53.26 फीसदी और विश्वनाथगंज सीट पर 52.50 फीसदी वोटिंग रही.
कुंडा सीट पर पिछली बार से कम मतदान
कुंडा विधानसभा सीट पर राजा भैया के खिलाफ सपा ने करीब 20 साल के बाद अपना प्रत्याशी उतारा था. कुंडा सीट पर सपा से राजा भैया के करीबी रहे गुलशन यादव मैदान में उतरे. रविवार को मतदान के दौरान दिनभर सपा बूथ कैप्चरिंग की शिकायत करती रही. गुलशन यादव पर पथराव भी हुआ. उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए. इसके आरोप राजा भैया पर लगे. कुंडा सीट पर कम वोटिंग की एक बड़ी वजह इस क्षेत्र में फैली अव्यवस्था और बूथ कैप्चरिंग की खबरें अहम वजह बनी. ऐसे में लोग घर से नहीं निकले. ऐसे में 2017 में 58 फीसदी वोटिंग हुई थी, जिसके तुलना में 6 फीसदी कम वोटिंग हुई और साल 2012 के बराबर रही.