मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को नोएडा में चार डाटा सेन्टर पार्क्स की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसे डाटा सेन्टर नीति-2021 के तहत मंजूर किया गया है। चारों निवेशकों को डाटा सेंटर नीति-2021 के तहत अनुमन्य प्रोत्साहन संबंधी सभी छूट दी जाएंगी।

उत्तर प्रदेश में 15,950 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से चार डाटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे. राज्य मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को इसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में डाटा सेंटर नीति 2021 के तहत विभिन्न निवेशकों द्वारा 15 हजार 950 करोड़ से अधिक के निवेश से चार डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गईय इससे लगभग 4,000 लोगों को डायरेक्ट या इन डायरेक्ट तरीके से रोजगार मिलेगा.
उन्होंने बताया कि इसके तहत एनआईडीपी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को गैर-वित्तीय प्रोत्साहन तथा तीन अन्य निवेशकों अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड परियोजना-1 तथा अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड परियोजना-2 और एनटीटी ग्लोबल डाटा सेंटर्स एंड क्लाउड इन्फ्राट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को वित्तीय एवं गैर-वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाने की सिफारिश को मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति दे दी है।
बैठक में लिये गये एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में प्रदेश को विमान मरम्मत का सेंटर बनाने का भी फैसला लिया गया. इसके तहत मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में विमानों के मेंटेनेंस-रिपेयर और ओवरहाल सुविधाओं के विकास के संबंध में नीति को मंजूरी दे दी. मौजूदा वक्त में भारत में MRO की स्थापना नहीं होने की वजह से विमानों को मरम्मत के लिए सिंगापुर और दुबई जैसे स्थानों पर भेजा जाता है, जहां पर हवाई जहाजों की मरम्मत में काफी खर्च होता है, वहीं समय भी ज्यादा लगता है. प्रदेश में MRO की स्थापना होने सरकार को राजस्व मिलने के साथ-साथ बड़ी संख्या में रोजगार भी उत्पन्न होंगे. नीति के तहत डाटा सेन्टर पार्क्स और डाटा सेन्टर इकाइयों को पूंजी उपादान, ब्याज उपादान, भूमि के क्रय-पट्टे पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट तथा ऊर्जा से जुड़ी वित्तीय प्रोत्साहनों के अलावा विभिन्न गैर वित्तीय प्रोत्साहन अनुमन्य किए जाएंगे।