उत्तर प्रदेश सरकार गौतम बुद्ध नगर ज़िले के जेवर क्षेत्र में स्थित इस एयरपोर्ट का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत करा रही है।

उत्तर भारत जल्द ही एक नई हवाई पहचान पाने जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे के पास जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) अब उद्घाटन के कगार पर है। सरकार ने घोषणा की है कि इसका भव्य उद्घाटन 30 अक्टूबर को होगा। सबसे अहम बात यह कि पहली व्यावसायिक उड़ानें दिसंबर 2025 से शुरू होने जा रही हैं।
यह एयरपोर्ट न केवल दिल्ली-एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर भारत की हवाई यात्रा को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।
उत्तर भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की ओर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण तेज़ी से अंतिम चरण में है।
- यह एयरपोर्ट करीब 5,000 हेक्टेयर ज़मीन पर फैला है।
- पहले चरण में ही इसका रनवे और टर्मिनल इतना विशाल है कि यह हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों को संभाल सकेगा।
- पूरा प्रोजेक्ट बन जाने पर यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह एयरपोर्ट दिल्ली IGI एयरपोर्ट का बोझ कम करेगा और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा।
30 अक्टूबर को उद्घाटन, दिसंबर से उड़ान
उत्तर प्रदेश सरकार ने पुष्टि की है कि एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा।
इस मौके पर केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री, विदेश से आए मेहमान और उद्योग जगत के दिग्गज मौजूद रहेंगे।
योजना के अनुसार, उद्घाटन के एक महीने बाद यानी दिसंबर 2025 से पहली उड़ानें शुरू हो जाएँगी।
शुरुआती चरण में यहाँ से घरेलू रूट्स पर उड़ानें संचालित होंगी, उसके बाद धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू होंगी।
यात्रियों के लिए क्या खास?
नोएडा एयरपोर्ट आधुनिकता और सुविधा का नया नमूना होगा।
- डिजिटल चेक-इन सिस्टम – यात्रियों को लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी।
- ग्रीन टेक्नोलॉजी – सौर ऊर्जा और पर्यावरण हितैषी डिजाइन से इसे कार्बन-न्यूट्रल बनाया जा रहा है।
- हाई-स्पीड मेट्रो और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी – दिल्ली, नोएडा और आगरा से आसान पहुंच।
- अंतरराष्ट्रीय शॉपिंग और फूड कोर्ट्स – यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास अनुभव देने का वादा।
यूपी की नई पहचान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार कह चुके हैं कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट राज्य की नई पहचान बनेगा।
उनका कहना है कि एयरपोर्ट केवल यात्रियों के लिए नहीं बल्कि निवेश और रोज़गार के लिए भी वरदान साबित होगा।
सरकार के अनुसार, एयरपोर्ट के आसपास एविएशन हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित की जाएँगी। इससे लाखों लोगों को रोज़गार मिलेगा।
दिल्ली-एनसीआर को बड़ी राहत
दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) हर साल 7 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभाल रहा है।
नोएडा एयरपोर्ट शुरू होने से IGI का दबाव कम होगा और यात्रियों को वैकल्पिक सुविधा मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि NCR के यात्रियों को अब दिल्ली तक जाने की बजाय सीधे जेवर से उड़ान भरने का विकल्प मिलेगा। इससे समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
विदेशी निवेशकों की नज़र
नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी के सहयोग से किया जा रहा है।
विदेशी निवेशक इसे एशिया का भविष्य मान रहे हैं। कई एयरलाइंस पहले ही यहाँ से उड़ान भरने की इच्छा जता चुकी हैं।
उद्योग जगत का मानना है कि यह एयरपोर्ट भारत को ग्लोबल एविएशन मैप पर नई पहचान दिलाएगा।
सुरक्षा और तकनीक में विश्वस्तरीय मानक
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद खास होगी।
- यात्रियों के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम।
- बैगेज की जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।
- रनवे और एयर ट्रैफिक कंट्रोल में अल्ट्रा-आधुनिक राडार सिस्टम।
यहाँ की टेक्नोलॉजी को दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स के बराबर रखा गया है।
विपक्ष के सवाल
जहाँ सरकार इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बता रही है, वहीं विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का कहना है कि यह प्रोजेक्ट किसानों की ज़मीन छीनकर बनाया गया है।
विपक्ष का आरोप है कि मुआवज़े में कई गड़बड़ियाँ हुई हैं और स्थानीय लोगों को पर्याप्त रोज़गार नहीं दिया जा रहा।
हालाँकि सरकार का दावा है कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवज़ा दिया गया और उन्हें इस प्रोजेक्ट से सबसे ज़्यादा लाभ होगा।
यात्रियों की उम्मीदें
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोग इस एयरपोर्ट का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें हवाई यात्रा के लिए दिल्ली तक नहीं जाना पड़ेगा।
युवा वर्ग इसे राज्य की तरक्की का प्रतीक मान रहा है।
एक यात्री ने कहा – “अब हमारे शहर से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भरेंगी, यह गर्व की बात है।”
पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा
विशेषज्ञों का कहना है कि यह एयरपोर्ट उत्तराखंड, हिमाचल और आगरा के पर्यटन उद्योग को नई गति देगा।
ताजमहल देखने आने वाले विदेशी सैलानी सीधे जेवर एयरपोर्ट पर उतर सकेंगे।
साथ ही, व्यापारिक हब नोएडा और ग्रेटर नोएडा को वैश्विक बाजार से सीधा कनेक्शन मिलेगा।
भविष्य की योजनाएँ
एयरपोर्ट का पहला चरण दिसंबर में शुरू होगा, लेकिन आने वाले वर्षों में यहाँ 6 रनवे और विशाल कार्गो हब विकसित किया जाएगा।
पूरा प्रोजेक्ट तैयार होने पर यह हर साल 12 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।
निष्कर्ष: आसमान की नई उड़ान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन केवल एक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत की नई पहचान बनने जा रहा है।
यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि भारत अब एयर ट्रैवल और ग्लोबल कनेक्टिविटी में किसी भी देश से पीछे नहीं है।
30 अक्टूबर को जब यह एयरपोर्ट उद्घाटित होगा, तो यह सिर्फ़ नोएडा नहीं, बल्कि पूरे देश की नई उड़ान का प्रतीक होगा। दिसंबर में पहली फ्लाइट के साथ ही यह सपना हकीकत में बदल जाएगा।
