गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने इंटरनेट कंपनियों को निर्देश दिया कि वे उन साइट्स को ब्लॉक करें और डोमेन कंपनियाँ उन्हें 72 घंटे के भीतर बंद करें।

बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक ‘जॉली LLB 3’ जल्द ही बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली है। अक्षय कुमार और अरशद वारसी जैसे बड़े सितारों से सजी इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। लेकिन फिल्म के रिलीज़ से पहले ही इसका सबसे बड़ा दुश्मन सामने आ चुका है— पायरेसी।
डिजिटल युग में पायरेसी फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। इसी खतरे को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने अक्षय कुमार की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म को पायरेसी से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
पायरेसी का संकट और हाईकोर्ट की सख़्ती
फिल्म रिलीज़ से पहले ही इंटरनेट पर कई ऐसी वेबसाइट्स और टेलीग्राम चैनल सक्रिय हो जाते हैं, जो फिल्म को ग़ैरक़ानूनी तरीके से लीक कर देते हैं। इससे न सिर्फ़ फ़िल्म निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि फिल्म की मेहनत भी बेकार हो जाती है।
‘जॉली LLB 3’ को लेकर यह आशंका पहले से जताई जा रही थी। इस पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि किसी भी हालत में फिल्म को लीक या पायरेटेड रूप में ऑनलाइन उपलब्ध नहीं कराया जाए। कोर्ट ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि फिल्म के अवैध लिंक तुरंत हटाए जाएँ।
फिल्म इंडस्ट्री की चिंता
बॉलीवुड पहले भी कई बार पायरेसी की मार झेल चुका है। आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’, सलमान खान की ‘भारत’, और शाहरुख खान की ‘पठान’ जैसी बड़ी फिल्मों को भी रिलीज़ से ठीक पहले या बाद में पायरेटेड कॉपीज़ इंटरनेट पर मिल चुकी थीं।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि पायरेसी से हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। एक अनुमान के मुताबिक, भारत में फिल्म और ओटीटी इंडस्ट्री को हर साल करीब 20,000 करोड़ रुपये का घाटा सिर्फ पायरेसी की वजह से झेलना पड़ता है।
जॉली LLB 3 क्यों है खास?
‘जॉली LLB’ सीरीज़ अपनी कानूनी लड़ाइयों और व्यंग्यात्मक अंदाज़ के लिए जानी जाती है। पहली फिल्म में अरशद वारसी ने एक छोटे वकील की भूमिका निभाई थी, जबकि ‘जॉली LLB 2’ में अक्षय कुमार ने मुख्य किरदार निभाकर फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया।
अब तीसरे भाग में अक्षय कुमार और अरशद वारसी दोनों साथ नज़र आएँगे। फैंस का मानना है कि यह फिल्म हंसी, व्यंग्य और सामाजिक संदेश का अनोखा मेल होगी। यही वजह है कि इसके लीक होने का खतरा और भी बड़ा माना जा रहा है।
हाईकोर्ट का आदेश: कौन-कौन आया दायरे में?
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि:
- इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) पायरेटेड वेबसाइट्स को ब्लॉक करें।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फौरन लिंक हटाने होंगे।
- पुलिस और साइबर सेल को पायरेसी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
यानी फिल्म लीक करने वालों पर अब कानून का शिकंजा कसने वाला है।
निर्माताओं ने जताई राहत
‘जॉली LLB 3’ के प्रोड्यूसर्स ने कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है। उनका कहना है कि फिल्म के निर्माण में करोड़ों रुपये की लागत लगती है। हजारों लोग महीनों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में अगर फिल्म रिलीज़ से पहले या बाद में लीक हो जाए, तो मेहनत पर पानी फिर जाता है।
निर्माताओं ने उम्मीद जताई है कि इस बार कोर्ट की सख्ती से पायरेसी पर लगाम लगेगी और दर्शक फिल्म को बड़े पर्दे पर ही देख पाएंगे।
दर्शकों की भूमिका भी अहम
कानून और कोर्ट के आदेश अपनी जगह हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पायरेसी रोकने में दर्शकों की भूमिका भी बेहद अहम है।
- अगर लोग पायरेटेड फिल्में डाउनलोड करना बंद कर दें, तो यह धंधा अपने आप खत्म हो जाएगा।
- असली मज़ा फिल्म को थिएटर में देखकर ही आता है।
- पायरेटेड कॉपी न सिर्फ़ फिल्म को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि अक्सर वायरस और डेटा चोरी का खतरा भी बढ़ा देती है।
पायरेसी गैंग पर कब लगेगा अंकुश?
पायरेसी का नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। इसके धंधेबाज विदेशों से भी ऑपरेट करते हैं। टॉरेंट साइट्स, टेलीग्राम ग्रुप्स और डार्क वेब इसका सबसे बड़ा अड्डा हैं।
पिछले कुछ वर्षों में साइबर सेल ने कई ऐसे गैंग पकड़े हैं, लेकिन पूरी तरह से इस पर लगाम अभी तक नहीं लग पाई है। यही वजह है कि फिल्म इंडस्ट्री बार-बार कोर्ट और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग करती रहती है।
दर्शकों की दीवानगी और बॉक्स ऑफिस पर असर
‘जॉली LLB 3’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। सोशल मीडिया पर फिल्म के पोस्टर और टीज़र ने पहले ही धूम मचा दी है। अक्षय कुमार के फैंस का कहना है कि यह फिल्म उनके करियर की यादगार फिल्मों में से एक होगी।
अगर पायरेसी से फिल्म बच जाती है, तो यह बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर सकती है। ट्रेड एनालिस्ट का अनुमान है कि फिल्म पहले हफ़्ते में 150-200 करोड़ रुपये का कारोबार कर सकती है।
सरकार और सेंसर बोर्ड की भूमिका
सरकार और सेंसर बोर्ड भी पायरेसी रोकने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। कॉपिराइट एक्ट को और सख्त किया गया है। पायरेसी में पकड़े जाने पर भारी जुर्माना और जेल तक की सज़ा का प्रावधान है।
लेकिन सवाल यह है कि क्या ये सख्ती ज़मीनी स्तर पर लागू हो रही है? कई बार पायरेसी गैंग पुलिस की पकड़ से बाहर निकल जाते हैं और नए नाम से फिर सक्रिय हो जाते हैं।
निष्कर्ष: जॉली LLB 3 की असली परीक्षा
दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश एक सकारात्मक पहल है। लेकिन असली परीक्षा फिल्म के रिलीज़ के समय होगी। अगर यह फिल्म पायरेसी से बच गई, तो यह बॉलीवुड के लिए एक बड़ी जीत होगी।
जॉली LLB 3 सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के लिए पायरेसी के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक बन सकती है। दर्शकों की ज़िम्मेदारी भी है कि वे पायरेटेड कॉपी न देखकर फिल्म को थिएटर में जाकर देखें और कलाकारों की मेहनत का सम्मान करें।
