प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं और इस मौके पर देश-विदेश से उन्हें ढेरों शुभकामनाएँ और संदेश प्राप्त हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन इस बार सिर्फ एक औपचारिक अवसर नहीं रहा, बल्कि यह एक राष्ट्रीय उत्सव में तब्दील हो गया। सुबह से ही सोशल मीडिया से लेकर मंदिरों और राजनीतिक गलियारों तक, मोदी के जन्मदिन को लेकर अलग ही माहौल देखने को मिला। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह भजन-कीर्तन, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और गरीबों को भोजन वितरण जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया।
राष्ट्रपति मुर्मू की भावनात्मक शुभकामनाएँ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी का जीवन समर्पण और सेवा का प्रतीक है। उनका नेतृत्व भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है।”
राष्ट्रपति का यह संदेश सीधे-सीधे मोदी की कार्यशैली पर मुहर लगाता है, क्योंकि पिछले एक दशक में भारत की वैश्विक पहचान जिस तरह बदली है, उसमें मोदी की छवि एक निर्णायक नेता की रही है।
अमित शाह ने मोदी को बताया ‘भारत का भाग्य विधाता’
गृहमंत्री अमित शाह ने अपने अंदाज़ में पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा,
“मोदी जी ने अपने कर्मठ नेतृत्व से भारत को नई दिशा दी है। आज भारत विश्व पटल पर सिर ऊँचा करके खड़ा है तो उसका श्रेय मोदी जी को ही जाता है। वे सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा को जगाने वाले एक युगपुरुष हैं।”
शाह के इस बयान ने मोदी को सिर्फ एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि एक राष्ट्र-निर्माता के रूप में स्थापित करने की कोशिश की।
भाजपा कार्यकर्ताओं का ‘सेवा सप्ताह’
हर साल की तरह इस बार भी भाजपा ने पीएम मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा सप्ताह’ के रूप में मनाने का ऐलान किया। पूरे देश में भाजपा सांसदों और विधायकों ने गरीबों के बीच कंबल बाँटे, अस्पतालों में फल वितरित किए और स्कूलों में पौधारोपण अभियान चलाए।
दिल्ली से लेकर वाराणसी और गुजरात तक, मोदी के जन्मदिन को सेवा और समर्पण के प्रतीक के तौर पर मनाया गया।
सोशल मीडिया पर ‘#ModiAt75’ की धूम
सोशल मीडिया पर सुबह से ही #ModiAt75, #HappyBirthdayModiJi और #75WithModi जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मोदी समर्थकों ने तस्वीरें, वीडियो और पोस्ट की बाढ़ ला दी।
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भारतीय प्रवासी समुदाय ने अपने तरीके से शुभकामनाएँ भेजीं। न्यूयॉर्क, लंदन और दुबई में भारतीय समुदाय ने विशेष समारोह आयोजित किए।
विपक्ष की चुप्पी और हल्की-फुल्की राजनीति
जहाँ भाजपा नेता और समर्थक मोदी के जन्मदिन को भव्य अंदाज़ में मना रहे थे, वहीं विपक्ष ने अपेक्षाकृत चुप्पी साधी रही। कांग्रेस ने औपचारिक ट्वीट के अलावा कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं किया।
हालांकि, कुछ विपक्षी नेताओं ने व्यंग्यात्मक शुभकामनाएँ दीं। समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने मोदी के ‘75 साल’ पूरे होने पर व्यंग्य किया और उनकी नीतियों पर सवाल खड़े किए।
मोदी का सरल अंदाज़: आशीर्वाद से भरा दिन
प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा की तरह इस जन्मदिन पर भी सादगी दिखाई। सुबह सबसे पहले उन्होंने माँ भारती को नमन किया और फिर अपने गृह राज्य गुजरात से फोन पर अपनी माँ को आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने अपने दिन की शुरुआत जनता के बीच रहकर की।
सूत्रों के अनुसार, मोदी ने कहा कि “मेरे लिए जन्मदिन का असली तोहफ़ा यही है कि देश के लोग खुश और स्वस्थ रहें।”
विदेशी नेताओं से बधाइयाँ
पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर कई देशों के नेताओं ने भी शुभकामनाएँ भेजीं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने अपने-अपने तरीक़े से बधाई दी।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने भी ट्वीट कर मोदी को दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएँ दीं।
मोदी के 10 साल: उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त
मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए:
- आर्थिक सुधार: जीएसटी और डिजिटल इंडिया से नई आर्थिक पहचान।
- विदेश नीति: अमेरिका से लेकर अरब देशों तक भारत की नई कूटनीतिक ताक़त।
- सुरक्षा: सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से आतंकवाद पर सीधा वार।
- सामाजिक योजनाएँ: उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, जनधन जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों तक पहुँच।
- वैश्विक मंच: G20 की अध्यक्षता और भारत की आवाज़ को दुनिया में मजबूत करना।
इन सब उपलब्धियों ने मोदी को सिर्फ देश का नेता नहीं, बल्कि विश्व मंच पर भी एक Global Statesman बना दिया।
वाराणसी और गुजरात में खास आयोजन
मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इस दिन का खास जश्न देखने को मिला। गंगा घाटों पर दीपदान किया गया और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई।
वहीं गुजरात में हजारों कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली और केक काटकर मोदी का जन्मदिन मनाया।
आलोचना और चुनौतियाँ
जहाँ एक ओर पीएम मोदी के जन्मदिन पर तारीफ़ों की बारिश हुई, वहीं आलोचकों ने उन्हें बेरोज़गारी, महंगाई और लोकतंत्र पर खतरे जैसे मुद्दों पर घेरने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पर विपक्षी समर्थकों ने लिखा कि मोदी की नीतियाँ गरीबों और आम जनता के लिए उतनी लाभकारी नहीं रहीं जितनी भाजपा दावा करती है।
फिर भी, मोदी का करिश्मा और लोकप्रियता इतनी मजबूत है कि इन आलोचनाओं का असर आमतौर पर सीमित ही रहता है।
75 की उम्र और 2029 की राजनीति
मोदी के 75 साल पूरे होने के बाद अब राजनीतिक चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं। भाजपा के अंदर और बाहर दोनों जगह यह सवाल उठने लगा है कि क्या 2029 तक मोदी सक्रिय रहेंगे?
हालाँकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी की ऊर्जा और कार्यशैली देखकर यह कहना मुश्किल है कि वे कभी थकेंगे। वे खुद भी कई बार कह चुके हैं कि “मेरी उम्र सेवा के लिए बनी है, आराम के लिए नहीं।”
निष्कर्ष: मोदी @75 – एक युग का प्रतिबिंब
प्रधानमंत्री मोदी का 75वां जन्मदिन सिर्फ उनके जीवन का नया अध्याय नहीं, बल्कि भारत की राजनीति और समाज के लिए भी एक नया संदेश है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृहमंत्री अमित शाह की शुभकामनाएँ इस बात की गवाही देती हैं कि मोदी का नेतृत्व भारत की नई दिशा तय कर रहा है।
भले ही विरोधी आलोचना करें, लेकिन इस बात से इंकार करना मुश्किल है कि मोदी आज भी देश के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली नेता हैं।
