प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 75 वर्ष के हो गए। अपने जन्मदिन के अवसर पर पीएम मोदी ने देशभर की महिलाओं और बच्चों को विशेष उपहार दिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन पूरे देश में उत्सव के तौर पर मनाया गया। इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और आम जनता ने जगह-जगह विशेष कार्यक्रम आयोजित किए। मंदिरों में प्रार्थनाएँ हुईं, गरीबों को भोजन कराया गया और अस्पतालों में मरीजों को फल बाँटे गए।
लेकिन इस बार सबसे खास पहल रही महिलाओं और बच्चों के लिए दिए गए विशेष तोहफ़े। इन तोहफ़ों ने मोदी के जन्मदिन को आम जनता के दिलों से जोड़ दिया।
महिलाओं को मिलीं सौगातें
मोदी सरकार की योजनाओं का सबसे बड़ा लाभार्थी वर्ग हमेशा से महिलाएँ रही हैं। उज्ज्वला योजना से लेकर जनधन खाते और मातृत्व लाभ योजनाओं तक, महिलाओं को केंद्र में रखकर कई कार्यक्रम चलाए गए।
जन्मदिन के अवसर पर कई राज्यों में महिलाओं को मुफ्त सिलाई मशीनें, पोषण किट, साड़ी वितरण और स्वास्थ्य जाँच शिविरों का तोहफ़ा दिया गया। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गरीब महिलाओं को विशेष उपहार बाँटे।
बच्चों के चेहरे खिले
नन्हें-मुन्नों के लिए यह दिन किसी त्योहार से कम नहीं रहा। स्कूलों में खास कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहाँ बच्चों को किताबें, खिलौने और मिठाइयाँ दी गईं। दिल्ली और वाराणसी में हज़ारों बच्चों को दूध और पोषण सामग्री बाँटी गई।
वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम में बच्चों ने रंग-बिरंगी पोशाकें पहनकर मोदी के जीवन और उनकी योजनाओं पर नाटक प्रस्तुत किए।
सेवा सप्ताह का आगाज़
भाजपा ने मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा सप्ताह’ के रूप में मनाने की परंपरा को इस बार और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में सेवा गतिविधियाँ आयोजित कीं।
इसके तहत महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता दी गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि मोदी का सपना है – “नारी शक्ति का सम्मान और बच्चों का उज्ज्वल भविष्य।”
सोशल मीडिया पर धूम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सुबह से ही #ModiAt75, #HappyBirthdayModiJi, और #GiftForWomenAndChildren जैसे हैशटैग ट्रेंड करते रहे।
हजारों महिलाओं ने वीडियो संदेश शेयर कर मोदी का आभार जताया और कहा कि उनकी ज़िंदगी में उज्ज्वला योजना और जनधन खातों ने बड़ा बदलाव लाया है।
बच्चों ने भी ‘हैप्पी बर्थडे मोदी अंकल’ लिखे हुए पोस्टर और पेंटिंग्स शेयर किए।
महिलाओं ने जताया आभार
राजस्थान की एक महिला ने मीडिया से कहा –
“आज मुझे मुफ्त सिलाई मशीन मिली है। इससे मैं अपने बच्चों का पालन-पोषण और अच्छे से कर पाऊँगी। यह मोदी जी के जन्मदिन का मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफ़ा है।”
इसी तरह उत्तर प्रदेश में पोषण किट पाकर महिलाओं ने खुशी जताई और कहा कि मोदी सरकार ने गरीब माताओं और बच्चों का सबसे ज्यादा ध्यान रखा है।
बच्चों की मासूमियत में दिखा मोदी प्रेम
दिल्ली के एक स्कूल में बच्चों ने मोदी के जन्मदिन पर ‘बाल संसद’ का आयोजन किया। इसमें बच्चों ने प्रधानमंत्री की भूमिका निभाई और देश की समस्याओं पर चर्चा की।
एक बच्चे ने कहा –
“मोदी जी जैसे प्रधानमंत्री बनने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। वे हम सबके रोल मॉडल हैं।”
विदेशों से भी शुभकामनाएँ
भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी मोदी को शुभकामनाएँ मिलीं। प्रवासी भारतीय समुदाय ने अमेरिका, ब्रिटेन और खाड़ी देशों में महिलाओं और बच्चों को मुफ्त दवाइयाँ और पोषण सामग्री बाँटी।
न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय ने खासतौर पर बच्चों के लिए खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की और मोदी का जन्मदिन मनाया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
जहाँ भाजपा मोदी का जन्मदिन भव्य तरीके से मना रही थी, वहीं विपक्ष ने इसे एक राजनीतिक शो बताया। कांग्रेस ने कहा कि सरकार को सिर्फ उपहार बाँटने के बजाय बेरोज़गारी और महंगाई की समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
हालाँकि, आम जनता के बीच महिलाओं और बच्चों को मिले तोहफ़ों ने विपक्ष की आलोचना को फीका कर दिया।
मोदी के 75 साल और नारी शक्ति
प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने पर ज़ोर दिया है। संसद में महिला आरक्षण बिल से लेकर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान तक, उनके कार्यकाल में महिलाओं के लिए कई बड़े कदम उठाए गए।
जन्मदिन पर महिलाओं को उपहार देना सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि उनके उस विज़न को दर्शाता है जिसमें नारी शक्ति को समाज की असली धुरी माना गया है।
बच्चों का भविष्य: मोदी का सपना
मोदी अक्सर कहते हैं कि “आज का बच्चा कल का भारत है।” इसी सोच के चलते उन्होंने बच्चों के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं –
- पोषण अभियान
- मिशन इंद्रधनुष
- स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार
- डिजिटल शिक्षा अभियान
जन्मदिन पर बच्चों को उपहार देकर उन्होंने यह संदेश दिया कि उनका ध्यान हमेशा आने वाली पीढ़ी पर केंद्रित है।
आलोचना और बहस
हालाँकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि जन्मदिन पर तोहफ़े बाँटने की परंपरा कहीं न कहीं राजनीतिक मकसद से भी जुड़ी होती है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा इस तरह से भावनात्मक राजनीति करती है।
लेकिन दूसरी ओर समर्थक कहते हैं कि अगर यह राजनीति है तो ऐसी राजनीति हमेशा होनी चाहिए जिसमें महिलाओं और बच्चों को सीधे लाभ मिले।
वाराणसी में सबसे बड़ा जश्न
प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इस बार सबसे बड़ा आयोजन हुआ। वहाँ हज़ारों महिलाओं और बच्चों को उपहार दिए गए। गंगा घाट पर विशेष पूजा-अर्चना हुई और दीपदान का आयोजन किया गया।
वाराणसी में माहौल बिल्कुल त्योहार जैसा था।
निष्कर्ष: मोदी @75 – जनसेवा का नया अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन सिर्फ एक औपचारिक अवसर नहीं रहा, बल्कि यह महिलाओं और बच्चों के लिए खुशियों का पर्व बन गया।
देशभर में बाँटे गए तोहफ़ों और आयोजित कार्यक्रमों ने इस दिन को यादगार बना दिया।
यह कहना गलत नहीं होगा कि मोदी का 75वां जन्मदिन एक “जनसेवा पर्व” में तब्दील हो गया, जहाँ महिलाओं और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ही सबसे बड़ा तोहफ़ा साबित हुई।
