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पीएनबी घोटाला: भारत ने बेल्जियम को दी औपचारिक गारंटी, भगोड़े मेहुल चोकसी की अब होगी वतन वापसी?

मेहुल चोकसी को अप्रैल में बेल्जियम में भारतीय अधिकारियों के औपचारिक अनुरोध पर गिरफ्तार किया गया था। वह और उनका भांजा नीरव मोदी, पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी हैं, जिसमें फर्जी लेन-देन का मामला शामिल है।

देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाला 2018 में सामने आया था, जिसमें करीब 13,500 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।
इस घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी थे।
जहाँ नीरव मोदी को लंदन में गिरफ्तार कर भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है, वहीं मेहुल चोकसी भारत छोड़कर पहले अमेरिका और फिर कैरिबियाई देश एंटिगुआ और बारबुडा भाग गया।


🔴 भारत की बड़ी कूटनीतिक चाल

भारत सरकार ने अब इस मामले में एक और बड़ी कूटनीतिक चाल चली है।
सूत्रों के मुताबिक भारत ने बेल्जियम सरकार को औपचारिक गारंटी दी है कि अगर मेहुल चोकसी का प्रत्यर्पण होता है तो उसके मानवाधिकारों का पूरी तरह ध्यान रखा जाएगा।
इस गारंटी के बाद चोकसी के भारत वापसी की राह और आसान मानी जा रही है।


🔴 प्रत्यर्पण की पेचीदा कानूनी लड़ाई

मेहुल चोकसी ने खुद को एंटिगुआ का नागरिक बता दिया था और वहीं शरण ली हुई थी।
वह भारत में चल रही जांच और मुकदमों से बचने के लिए लगातार कानूनी हथकंडे अपनाता रहा।
अब भारत ने बेल्जियम और अन्य यूरोपीय देशों को यह आश्वासन देकर साफ संदेश दिया है कि चोकसी को कानूनी प्रक्रिया और न्यायपालिका के तहत निष्पक्ष ट्रायल मिलेगा।


🔴 ईडी और सीबीआई की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) लंबे समय से चोकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहे हैं।
ईडी ने बताया है कि चोकसी और उसके सहयोगियों ने फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिए बैंकों से भारी भरकम रकम ली और उसे विदेशों में शेल कंपनियों के जरिए ठिकाने लगाया।
भारत की एजेंसियाँ अब बेल्जियम और इंटरपोल के जरिए चोकसी को जल्द से जल्द भारत लाने की तैयारी कर रही हैं।


🔴 सरकार का सख्त रुख

भारत सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि कोई भी भगोड़ा चाहे कितना भी बड़ा उद्योगपति क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि मेहुल चोकसी का मामला भारत की साख और बैंकिंग सिस्टम की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है।
अगर चोकसी को वापस लाया जाता है तो यह न केवल जांच एजेंसियों के लिए बड़ी जीत होगी बल्कि देश की जनता के भरोसे को भी मजबूत करेगी।


🔴 चोकसी की दलीलें और बचाव

मेहुल चोकसी लगातार यह दावा करता रहा है कि वह बीमार है और भारत लौटकर उसे निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी।
उसने कई बार कहा कि भारत में उसे राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाया जाएगा।
लेकिन भारत की गारंटी के बाद उसकी यह दलील अब कमजोर पड़ती दिख रही है।


🔴 विपक्ष का हमला

इस बीच विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि इतने बड़े घोटाले के आरोपी देश से आसानी से कैसे भाग निकले?
कांग्रेस ने कहा कि चोकसी और नीरव मोदी सत्ता से करीबी रिश्तों की वजह से फरार हो सके।
वहीं, बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने ही इन घोटालेबाजों को पकड़ने और वापस लाने की ठोस कार्रवाई की है।


🔴 जनता की नाराज़गी

देश की जनता आज भी यह सवाल पूछती है कि जिन गरीब किसानों और छोटे व्यापारियों को बैंक से कर्ज नहीं मिलता, उनके पैसों पर अरबों-खरबों का खेल कैसे हो जाता है?
सोशल मीडिया पर लोग लगातार मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी और उसके भारत लौटने की मांग कर रहे हैं।
कई यूज़र्स ने लिखा –

  • “जनता का पैसा लौटाओ मेहुल चोकसी।”
  • “अब घोटालेबाज की वतन वापसी तय।”

🔴 अंतरराष्ट्रीय दबाव

भारत ने मेहुल चोकसी का नाम इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस सूची में शामिल कराया हुआ है।
इसके अलावा अमेरिका और यूरोप के कई देशों को भी औपचारिक रूप से पत्र भेजकर मदद मांगी गई है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत की कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय दबाव आखिरकार चोकसी को भारत लाने में सफल हो सकता है।


🔴 अगर चोकसी भारत आया तो आगे क्या?

अगर मेहुल चोकसी को प्रत्यर्पण कर भारत लाया जाता है, तो उसे पहले सीबीआई के सामने पेश किया जाएगा।
उसके खिलाफ अदालत में पहले से ही गैर-जमानती वारंट जारी हैं।
ईडी उसकी प्रॉपर्टीज को पहले ही अटैच कर चुकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि क्या उससे जनता का पैसा वसूला जा सकेगा?


🔴 बड़े भगोड़ों पर नकेल

भारत ने हाल के वर्षों में विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे बड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ सख्ती दिखाई है।
विजय माल्या का मामला ब्रिटेन की अदालत में चल रहा है, नीरव मोदी लंदन की जेल में है और अब चोकसी पर शिकंजा कसता दिख रहा है।
अगर चोकसी को भी भारत लाया जाता है तो यह संदेश जाएगा कि भारत अब किसी भी आर्थिक अपराधी को भागने नहीं देगा।


🔴 निष्कर्ष

मेहुल चोकसी का प्रत्यर्पण भारत के लिए सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि जनता के विश्वास की बहाली का सवाल है।
पीएनबी घोटाले ने देश के बैंकिंग सिस्टम पर सवाल खड़े किए थे और लाखों लोगों की गाढ़ी कमाई पर चोट पहुंचाई थी।
अब जबकि भारत ने बेल्जियम को औपचारिक गारंटी देकर यह साफ कर दिया है कि चोकसी को निष्पक्ष मुकदमा मिलेगा, उम्मीद है कि उसकी वतन वापसी जल्द तय होगी।
अगर ऐसा होता है तो यह भारत की कूटनीति और न्याय व्यवस्था की एक ऐतिहासिक जीत होगी।

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Harshita Ahuja

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