प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में अमित शाह की सराहना की और यह उल्लेख किया कि अब वह देश के सबसे लंबे कार्यकाल वाले केंद्रीय गृह मंत्री बन चुके हैं।

6 साल… राजनीति में यह समय बहुत मायने रखता है। लेकिन जब यह 6 साल देश की आंतरिक सुरक्षा, कश्मीर नीति, आतंकवाद के विरुद्ध कठोर रुख और नागरिकता कानून जैसे मुद्दों के संचालन में बीते हों — तब यह एक इतिहास बन जाता है।
अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे करीबी और रणनीतिकार माने जाने वाले नेता, अब भारत के सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री बन गए हैं। उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।
🔹 प्रधानमंत्री मोदी ने की खुलकर तारीफ
मंगलवार को हुई एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न सिर्फ अमित शाह की उपलब्धियों का उल्लेख किया, बल्कि उन्हें भारत के आंतरिक सुरक्षा के ‘स्तंभ’ के रूप में सम्मानित किया।
उन्होंने कहा:
“अमित भाई ने जिस तरह से गृह मंत्रालय को मजबूती दी है, वह ऐतिहासिक है। वह अब सबसे लंबे कार्यकाल वाले गृह मंत्री बन गए हैं — यह हमारे लिए गर्व का विषय है।”
🔹 अमित शाह का अब तक का गृह मंत्री कार्यकाल:
📅 कार्यकाल शुरू: 30 मई 2019
👥 कार्यभार ग्रहण: नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में
🔸 रिकॉर्ड पार किया: 6 साल का कार्यकाल पार कर लालकृष्ण आडवाणी (1998–2004) को पीछे छोड़ा
🔹 क्यों खास है अमित शाह का कार्यकाल?
🧨 370 हटाने का ऐतिहासिक फैसला
5 अगस्त 2019 – देश के इतिहास का वह दिन, जब अमित शाह ने संसद में अनुच्छेद 370 को हटाने का प्रस्ताव रखा।
एक ही झटके में जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति खत्म कर दी गई, और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया।
🧨 CAA और NRC पर निर्णायक रुख
अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को संसद से पास कराया। इसके साथ ही उन्होंने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिज़न (NRC) को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया।
🧨 आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति
उनके नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश, एनआईए की मजबूती, और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती को प्राथमिकता दी।
🧨 दिल्ली दंगों से निपटने में सख्ती
2020 में जब दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़की, तो अमित शाह ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों को व्यापक रूप से तैनात किया।
🔹 विपक्ष के निशाने पर भी रहे अमित शाह
जहां एक ओर शाह की रणनीतिक ताकत की तारीफ होती रही, वहीं विपक्ष ने उन्हें तानाशाही प्रवृत्ति, संविधान की अनदेखी, और संप्रदायिक ध्रुवीकरण के आरोपों से घेरा।
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, और आप जैसे दलों ने CAA, NRC और कश्मीर नीति को लेकर तीखे हमले बोले।
🔹 लालकृष्ण आडवाणी से तुलना – राजनीतिक विरासत का सिलसिला
लालकृष्ण आडवाणी, जिनका गृह मंत्री के रूप में कार्यकाल (1998–2004) प्रभावशाली माना जाता था, अब दूसरे स्थान पर आ गए हैं।
शाह को आडवाणी का राजनीतिक उत्तराधिकारी भी कहा जाता है – लेकिन अब वह उन्हें रिकॉर्ड में भी पीछे छोड़ चुके हैं।
🔹 अमित शाह के राजनीतिक जीवन की झलक
| वर्ष | उपलब्धि |
|---|---|
| 1991 | पहली बार विधायक बने |
| 2002 | नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री बने (गुजरात) |
| 2014 | बीजेपी अध्यक्ष बने |
| 2019 | केंद्रीय गृह मंत्री बने |
🔹 रणनीतिकार और संगठनकर्ता
भाजपा को 2014 और 2019 में प्रचंड बहुमत दिलाने में अमित शाह की संगठनात्मक क्षमता ने अहम भूमिका निभाई।
उनका नारा “पन्ना प्रमुख से पावर तक” — आज बीजेपी की हर चुनावी रणनीति में झलकता है।
🔹 शाह की कार्यशैली: सख्त, स्पष्ट, और नतीजों पर केंद्रित
- 📌 रातों-रात निर्णय लेने की क्षमता
- 📌 ब्यूरोक्रेसी पर मजबूत पकड़
- 📌 इंटेलिजेंस एजेंसियों को आधुनिक बनाना
- 📌 कानून व्यवस्था में डिजिटल निगरानी बढ़ाना
🔹 एनडीए में शाह का बढ़ता प्रभाव
एनडीए की बैठकों में अब शाह का कद स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। कई सहयोगी दलों के नेता भी उनकी प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता को मानते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में 2029 तक की रणनीति में भी शाह की केंद्रीय भूमिका होगी।
🔹 आने वाले चैलेंजेस
- 🧩 मणिपुर और उत्तर-पूर्व में अशांति
- 🧩 घुसपैठ और सीमा विवाद
- 🧩 घरेलू आतंकी मॉड्यूल
- 🧩 2026 जनगणना और NRC की योजना
🔹 निष्कर्ष: सत्ता में स्थायित्व, सुरक्षा में सख्ती
अमित शाह का कार्यकाल केवल एक आंकड़ा नहीं है — यह उन राजनीतिक, प्रशासनिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के फैसलों की श्रृंखला है जिसने भारत की आंतरिक स्थिति को नई दिशा दी है।
वह केवल गृह मंत्री नहीं — मोदी युग की नीति के केंद्र हैं।
✍️ FiveWS News विश्लेषण
“कौन, क्या, कब, कहाँ और क्यों?” — इस सिद्धांत पर आधारित हमारी रिपोर्टिंग में हम स्पष्ट देख सकते हैं कि:
- कौन: अमित शाह
- क्या: सबसे लंबे कार्यकाल वाले केंद्रीय गृह मंत्री बने
- कब: मई 2019 से अब तक
- कहाँ: भारत सरकार, गृह मंत्रालय
- क्यों: लगातार सख्त नीतियां, निर्णायक फैसले और संगठनात्मक ताकत
