हादसे के समय डीजे वैन में कुल नौ लोग सवार थे, जिनमें से तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ लोग तुरंत कूदकर जान बचाने में सफल रहे। घटनास्थल से सभी को शाहकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

बिहार के भागलपुर जिले में शनिवार रात एक जश्न का माहौल कुछ ही पलों में मातम में बदल गया, जब एक डीजे वैन हाईटेंशन बिजली के तार से टकराकर पलट गई। इस भीषण हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
यह हादसा उस वक्त हुआ जब गांव में एक बारात निकल रही थी और डीजे वैन ऊँचाई पर लटकते बिजली के तार की चपेट में आ गई। टकराते ही तेज धमाका हुआ, करंट फैल गया और कुछ ही सेकंड में मातम का माहौल छा गया।
बिजली के तार से हुआ मौत का खेल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डीजे वैन बारात के आगे-आगे चल रही थी और उस पर हाई-साउंड सिस्टम के साथ दर्जनों लोग सवार थे।
वैन की ऊँचाई अधिक होने के कारण वह सड़क के ऊपर झूल रहे 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन तार से टकरा गई। टकराते ही बिजली का जोरदार झटका वैन में दौड़ा और उसमें सवार लोगों को जबरदस्त करंट लगा। उसके बाद वाहन असंतुलित होकर पलट गया।
एक चश्मदीद ने बताया:
“हम लोग नाचते-गाते जा रहे थे, तभी तेज़ आवाज़ के साथ करंट दौड़ा और वैन एक तरफ झुक गई। चीख-पुकार मच गई। सब कुछ एक झटके में खत्म हो गया।“
मौके पर ही गई 5 जानें
पुलिस और स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, हादसे में मरने वालों की पहचान हो चुकी है। मृतकों में चार युवक और एक नाबालिग शामिल है।
इनकी मौत मौके पर ही भीषण करंट लगने और वाहन के पलटने के कारण हुई।
वहीं, गंभीर रूप से झुलसे तीन लोगों को पहले भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) रेफर कर दिया गया है।
मायूस बारात, दहशत में गांव
जिस बारात के लिए डीजे बज रहा था, वह हादसे के बाद बीच रास्ते में ही रुक गई।
दूल्हा बेहोश हो गया, परिजन रोने लगे और पूरे गांव में मातम छा गया।
घटना की खबर फैलते ही आस-पास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गया।
एक महिला बाराती का कहना था:
“कौन सोच सकता था कि शादी में शामिल होने आ रहे लोग इसी तरह लौटेंगे? सरकार को जवाब देना होगा कि ये बिजली के तार इतने नीचे क्यों थे!“
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
घटना के बाद प्रशासनिक अमले की ओर से जांच के आदेश तो दे दिए गए हैं, लेकिन सवाल यही है कि बिजली विभाग की लापरवाही ने कैसे 5 जानें ले लीं?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में बिजली के तार लंबे समय से झूलते हुए हैं और कई बार इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन बिजली विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों ने बताया कि न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। ऐसे में यह हादसा सरकारी उदासीनता का नतीजा माना जा रहा है।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
हादसे के बाद भागलपुर जिले के पड़रिया गांव में मातम पसरा हुआ है। हर घर में सन्नाटा है और लोग एक-दूसरे के यहां जाकर दुख बांट रहे हैं।
मरने वाले युवकों में दो अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे, जबकि एक लड़का अगले हफ्ते इंटर का रिजल्ट देखने की तैयारी कर रहा था।
गांव के प्रधान ने कहा:
“यह हादसा प्रशासनिक हत्या है। हम मांग करते हैं कि दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।“
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मुआवजे की घोषणा
घटना के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुख जताया और मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
वहीं, विपक्षी नेताओं ने सरकार की आलोचना करते हुए इसे “लापरवाही की पराकाष्ठा” बताया है।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया:
“बिजली विभाग की घोर लापरवाही ने पांच परिवारों को उजाड़ दिया। जवाबदेही तय होनी चाहिए।“
बिजली विभाग का बचाव
दूसरी ओर, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित इलाके में मार्ग पर ऊँचाई प्रतिबंधित है, और डीजे वैन ने नियमों का उल्लंघन किया।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता ने कहा:
“हम इस घटना की जांच कर रहे हैं। अगर विभागीय लापरवाही पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन बारात में इस्तेमाल किए गए वाहन की ऊँचाई भी निर्धारित मानक से अधिक थी।“
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि “अब आरोप-प्रत्यारोप का कोई मतलब नहीं, 5 घर उजड़ चुके हैं।”
कानूनी कार्रवाई शुरू, केस दर्ज
भागलपुर पुलिस ने मामले में अन्वेषण शुरू कर दिया है और डीजे वैन के मालिक व चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी राजेश कुमार ने कहा:
“हम तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।“
पुलिस ने घटनास्थल से डीजे वैन को जब्त कर लिया है और तकनीकी विशेषज्ञों से सहायता ली जा रही है।
शादी के मौसम में सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा शादी के पीक सीज़न में हुआ है, और अब लोग पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन ने शादी आयोजनों के लिए पर्याप्त सुरक्षा निर्देश जारी किए थे?
क्या DJ वैन और खुले ट्रकों में लोगों के नाचने पर रोक होनी चाहिए?
क्या हाईटेंशन तारों के नीचे रूट पर बारातें निकलनी चाहिए?
ये सारे सवाल अब जिला प्रशासन के सिर पर आकर टिक गए हैं।
निष्कर्ष: जश्न के बीच छिपा मौत का खतरा
भागलपुर की यह घटना एक चेतावनी है कि कैसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक साधारण से समारोह को भीषण त्रासदी में बदल सकती है।
यह केवल बिजली के झूलते तार की बात नहीं, बल्कि एक पूरे सिस्टम की नाकामी है — जिसमें न तो सड़क मार्ग की ऊँचाई जांची गई, न ही विद्युत विभाग ने खतरे को समय रहते सुधारा।
आज पांच परिवारों ने अपनों को खो दिया, कई सपने अधूरे रह गए।
अब जरूरी है कि यह हादसा सिर्फ आंकड़ों में सिमट कर न रह जाए, बल्कि प्रशासन, सरकार और समाज मिलकर ठोस सुधार की दिशा में कदम उठाएं।
क्या आने वाले विवाह समारोहों में भी ऐसे खतरे मंडराते रहेंगे?
या अब कोई जागेगा?
जवाब वक्त से चाहिए… क्योंकि अगला हादसा किसी और के दरवाज़े पर दस्तक दे सकता है।
