एयर इंडिया ने कहा कि उड़ान के निर्धारित ईंधन भराव स्टॉप के दौरान कोलकाता में ग्राउंड क्रू ने तुरंत गहराई से सफाई की प्रक्रिया की, ताकि समस्या का समाधान किया जा सके, और इसके बाद वही विमान समय पर मुंबई के लिए रवाना हो गया।

भारत की राष्ट्रीय एयरलाइन एयर इंडिया एक बार फिर सुर्खियों में है—लेकिन इस बार वजह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि कुछ बेहद छोटे लेकिन बेहद ‘हंगामेदार’ मेहमान हैं—तिलचट्टे।
जी हां, सैन फ्रांसिस्को से मुंबई आ रही एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में यात्रियों को तब हैरानी और घृणा दोनों का सामना करना पड़ा, जब उन्हें अपने आसपास तिलचट्टे रेंगते दिखे।
✈️ क्या था पूरा मामला?
मामला AI-180 फ्लाइट का है, जो 1 अगस्त की रात को सैन फ्रांसिस्को से रवाना हुई थी और अगले दिन मुंबई पहुंची। करीब 16 घंटे की लंबी यात्रा के दौरान यात्रियों को न सिर्फ थकान का सामना करना पड़ा, बल्कि केबिन में घूमते तिलचट्टों ने उनकी नींद और चैन दोनों उड़ा दिए।
मीडिया रिपोर्ट्स और यात्रियों की सोशल मीडिया पोस्ट्स के अनुसार, बिजनेस क्लास और इकोनॉमी क्लास दोनों में तिलचट्टों की मौजूदगी की शिकायतें आईं। एक यात्री ने तो यहां तक बताया कि,
“मैंने जैसे ही अपनी ट्रे टेबल खोली, एक तिलचट्टा सीधे मेरी तरफ भागा! मैंने तुरंत फ्लाइट अटेंडेंट को बुलाया और अपनी सीट बदलने की मांग की।”
👨✈️ क्रू की प्रतिक्रिया: “Sorry for the inconvenience”
जब फ्लाइट अटेंडेंट्स को यात्रियों की शिकायतें मिलीं, तो उन्होंने तुरंत एहतियाती कदम उठाते हुए कुछ यात्रियों की सीटें बदल दीं। फ्लाइट क्रू ने बार-बार माफी मांगी, लेकिन स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि कुछ यात्रियों ने खाना भी मना कर दिया।
फ्लाइट में मौजूद एक वरिष्ठ यात्री ने कहा,
“हम इंटरनेशनल फ्लाइट में बैठे हैं, और तिलचट्टे हमारी प्लेटों के पास घूम रहे हैं? ये तो एकदम अस्वीकार्य है। एयर इंडिया को शर्म आनी चाहिए।”
📸 सोशल मीडिया पर बवाल
घटना के कुछ ही घंटों बाद ट्विटर (अब X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर यात्रियों ने तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने शुरू कर दिए। कुछ वायरल पोस्ट्स में देखा जा सकता है कि तिलचट्टे सीटों के कोनों और खाने की ट्रॉलियों के पास घूम रहे हैं।
एक वायरल पोस्ट में लिखा गया:
“Welcome to #CockroachAirIndia 🪳 — where legroom कम हो सकता है, लेकिन कीड़े ज़रूर मिलेंगे!”
हैशटैग्स जैसे #AirIndiaFails, #FlyAtYourOwnRisk और #NationalEmbarrassment ट्रेंड करने लगे।
🏢 एयर इंडिया का जवाब
घटना के बाद एयर इंडिया ने एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया:
“हम अपने यात्रियों की असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित फ्लाइट को लैंडिंग के तुरंत बाद विशेष सैनिटेशन और डीप क्लीनिंग प्रक्रिया के तहत रखा गया है। हम यह सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”
लेकिन यह बयान यात्रियों की नाराज़गी को शांत नहीं कर सका।
💥 विपक्ष और सोशल मीडिया पर सरकार पर हमला
एयर इंडिया अब टाटा समूह के अधीन है, लेकिन यह मामला विपक्ष को सरकार और निजीकरण की नीति पर हमला करने का एक और मौका दे गया।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा:
“निजीकरण के नाम पर राष्ट्रीय गौरव का यह हाल कर दिया गया है। एयर इंडिया अब ‘कॉकरेच इंडिया’ बन चुकी है!”
वहीं, AAP और TMC नेताओं ने भी घटना को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणियाँ कीं।
🧐 विशेषज्ञों की राय: फ्लाइट हाइजीन पर बड़ा सवाल
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि तिलचट्टों की मौजूदगी न सिर्फ यात्रियों की असुविधा बढ़ाती है, बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी भी दर्शाती है।
एयरलाइन हाइजीन ऑडिटर आदित्य ठाकुर कहते हैं:
“इस स्तर की उड़ानों में कीट नियंत्रण और सख्त हाइजीन प्रक्रियाएं होती हैं। अगर तिलचट्टे मिले हैं, तो इसका मतलब है कि फ्लाइट केबिन की सफाई या निरीक्षण में गंभीर लापरवाही हुई है।”
🧼 डीप क्लीनिंग का आदेश, जांच शुरू
एयर इंडिया ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फ्लाइट को मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने के बाद तुरंत आइसोलेशन ज़ोन में भेजा गया, जहां डीप क्लीनिंग और फ्यूमिगेशन प्रक्रिया की गई।
इसके अलावा, संबंधित कैटरिंग कंपनी और ग्राउंड मेंटेनेंस एजेंसियों से भी जवाब मांगा गया है।
🧳 यात्रियों का अनुभव: “हम डर के मारे सो नहीं पाए”
कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्होंने पूरी उड़ान के दौरान एक हाथ से खाना खाया और दूसरे से तिलचट्टे भगाए। एक बुजुर्ग महिला यात्री ने बताया कि उन्हें डर था कि कहीं तिलचट्टा उनके बैग में न घुस जाए।
एक युवा यात्री ने कहा,
“हम टिकट के पैसे ‘प्रीमियम सेवा’ के लिए देते हैं, न कि पालतू तिलचट्टों के साथ उड़ान के लिए।”
🚨 DGCA ने भी लिया संज्ञान
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया से 72 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
DGCA के अधिकारी ने कहा:
“यात्री सुरक्षा और हाइजीन से जुड़ी किसी भी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि एयरलाइन दोषी पाई जाती है, तो उस पर जुर्माना और कार्रवाई की जाएगी।”
✈️ क्या यह पहली बार है?
नहीं! पिछले वर्षों में भी एयर इंडिया को स्वच्छता और यात्रियों की असुविधा को लेकर कई बार आलोचना झेलनी पड़ी है। कभी खराब खाने, कभी एसी के न चलने, तो कभी टॉयलेट में पानी न होने की खबरें सामने आती रही हैं।
लेकिन इस बार तिलचट्टों जैसी दृश्य चीज़ों की मौजूदगी ने एयरलाइन की साख पर गहरा धब्बा लगाया है।
📣 निष्कर्ष: उड़ान में ‘स्वच्छ भारत’ की पोल?
जहां भारत सरकार “स्वच्छ भारत” और “मेक इन इंडिया” जैसे अभियानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दे रही है, वहीं राष्ट्रीय विमान सेवा में तिलचट्टों की मौजूदगी इस छवि को नुकसान पहुंचा रही है।
FiveWs News की टीम ने एयर इंडिया के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क साधा है और हम भविष्य की जांच रिपोर्ट पर भी नज़र बनाए हुए हैं।
✍️ अगला कदम क्या होगा?
क्या एयर इंडिया अपनी छवि को फिर से सुधार पाएगी?
क्या DGCA सख्त कदम उठाएगा या यह मामला भी मीडिया शोर के बाद ठंडा पड़ जाएगा?
इन सभी सवालों के जवाब आने वाले हफ्तों में सामने आएंगे।
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