आज की ताजा खबर

देश की अर्थव्यवस्था मर चुकी है, बस पीएम और वित्त मंत्री को छोड़कर सबको पता है” — राहुल गांधी का ट्रंप की टिप्पणी पर तीखा वार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी टिप्पणियों का समर्थन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने भारत की आर्थिक, रक्षा और विदेश नीतियों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।

भारत की अर्थव्यवस्था एक बार फिर सियासत के तूफान में घिर गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25% टैरिफ और अतिरिक्त दंडात्मक कार्रवाई की घोषणा के बाद, देश की अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक कड़ा हमला करते हुए कहा,

“भारत की अर्थव्यवस्था मर चुकी है। ये बात सबको पता है — किसान से लेकर कारोबारी तक, मज़दूर से लेकर स्टार्टअप तक — बस दो लोगों को छोड़कर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ कड़े व्यापारिक प्रतिबंधों की घोषणा की है और साथ ही रूस से रक्षा उपकरण व ऊर्जा खरीद को लेकर भी भारत को सज़ा देने की बात कही है।


🇮🇳 ट्रंप की धमकी और भारत पर असर

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो टूक कहा:

“भारत हमारे हितों की अनदेखी करता रहा है। हम अब 25% टैरिफ और अतिरिक्त पेनल्टी लगाने जा रहे हैं। हम उनके साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन यह सख्त कार्रवाई ज़रूरी है।”

ट्रंप के इस बयान से भारतीय शेयर बाजार में भूचाल आ गया।

  • सेंसेक्स 575 अंक गिरकर बंद हुआ।
  • निफ्टी 24,700 के नीचे लुढ़क गया।
  • ऑटो, फार्मा और टेक सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।
  • गिफ्ट निफ्टी ने भी 153 अंकों की गिरावट के साथ नकारात्मक शुरुआत की।

🗣️ राहुल गांधी का हमला: “मोदी सरकार झूठ के बुलबुले में जी रही है”

राहुल गांधी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर लिखा:

“PM मोदी और FM सीतारमण अर्थव्यवस्था को लेकर झूठा नैरेटिव बना रहे हैं। देश मंदी, महंगाई और बेरोज़गारी के दलदल में डूब चुका है। ट्रंप की टिप्पणी ने भारत की आर्थिक नीतियों की पोल खोल दी है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा,
“प्रधानमंत्री जी ‘विकास’ के नाम पर भाषण देते हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि लोग नौकरियों के लिए दर-दर भटक रहे हैं।”


📉 क्या वाकई ‘डेड’ है भारतीय अर्थव्यवस्था?

राहुल गांधी के इस बयान को कई अर्थशास्त्रियों ने ‘राजनीतिक, लेकिन प्रासंगिक’ बताया है।

  • रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की हालिया रिपोर्ट में स्वीकार किया गया है कि उपभोक्ता मांग में गिरावट और विनिर्माण क्षेत्र में ठहराव देखा जा रहा है।
  • महंगाई दर जून में 6.7% तक पहुंच गई है, जो आरबीआई के लक्ष्य से ऊपर है।
  • बेरोज़गारी दर ग्रामीण भारत में 9% और शहरी क्षेत्रों में 11.2% दर्ज की गई है।

🧮 सरकार का बचाव: “हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है”

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा:

“राहुल गांधी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण और तथ्यहीन है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली है। IMF और विश्व बैंक ने भी भारत की विकास दर को 6.8% से ऊपर रखा है।”

सरकार का तर्क है कि:

  • GST कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर है
  • FPI (विदेशी पोर्टफोलियो निवेश) में मजबूती बनी हुई है
  • मेक इन इंडिया, PLI स्कीम, और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं निवेश को आकर्षित कर रही हैं।

🔥 विपक्ष ने साधा चौतरफा निशाना

टीएमसी, आम आदमी पार्टी, शिवसेना (UBT) और लेफ्ट दलों ने भी राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाते हुए सरकार को घेरा।

डेरिक ओ ब्रायन (TMC सांसद) बोले:

“मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को चोट पहुँचा रही है। ट्रंप की भाषा ‘सहयोगी’ की नहीं, ‘शोषक’ की है — और दिल्ली चुप बैठी है।”

राघव चड्ढा (AAP) ने कहा:

“देश की आर्थ‍िक रीढ़ टूट रही है और केंद्र सरकार अडानी-अंबानी की सेवा में व्यस्त है।”


📊 जनता का गुस्सा: महंगाई, बेरोज़गारी और टैक्स से त्रस्त

FiveWs News ने कुछ प्रमुख महानगरों और ग्रामीण इलाकों में लोगों से बातचीत की।

  • बेंगलुरु के टेक इंजीनियर रोहित शर्मा बोले: “रोज़गार कम हो रहे हैं, और सरकार डिजिटल इंडिया का ढिंढोरा पीट रही है।”
  • उत्तर प्रदेश के किसान वीरपाल सिंह ने कहा: “डीजल-महंगा, खाद-महंगी, MSP नहीं — क्या यही विकास है?”
  • मुंबई की गृहिणी नीलिमा भट्टाचार्य बोलीं: “सब्ज़ियां, बिजली, सिलेंडर — सब महंगे हो गए। मध्यम वर्ग तो पिस गया है।”

🇮🇳 विदेश नीति पर भी सवाल

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि:

“रूस से रक्षा सौदे करना भारत की संप्रभुता का हिस्सा है। अगर अमेरिका उसे ‘दंड’ की तरह देखता है और भारत चुप बैठता है, तो यह कूटनीतिक विफलता है।”

कांग्रेस ने यह भी पूछा कि जब ट्रंप भारत को व्यापारिक ‘दुश्मन’ की तरह देख रहे हैं, तो पीएम मोदी क्यों ‘मित्र’ जैसा व्यवहार कर रहे हैं?


🤔 आगे क्या?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि:

  • ट्रंप की टिप्पणी और राहुल गांधी का बयान आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
  • भारत की विदेश नीति को अमेरिका, रूस और यूरोपीय संघ के बीच संतुलन साधना होगा।
  • अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार को सिर्फ PR नहीं, ज़मीनी सुधार करने होंगे।

✍️ निष्कर्ष

राहुल गांधी का “देश की अर्थव्यवस्था मर चुकी है” वाला बयान भले ही राजनीतिक हो, लेकिन यह एक महसूस की जा रही हकीकत को उजागर करता है।
जहां एक ओर सरकार अपने आँकड़ों और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग्स का हवाला देती है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी की ज़िंदगी और जेब दोनों पर भार बढ़ता जा रहा है।

अब देखना ये है कि प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री सीतारमण इस चुनौती का तथ्यों और कार्यवाही के दम पर जवाब देंगे या फिर इसे केवल ‘राजनीतिक बयानबाज़ी’ कहकर नज़रअंदाज़ करेंगे।

Avatar

Harshita Ahuja

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Welcome to fivewsnews.com, your reliable source for breaking news, insightful analysis, and engaging stories from around the globe. we are committed to delivering accurate, unbiased, and timely information to our audience.

Latest Updates

Get Latest Updates and big deals

    Our expertise, as well as our passion for web design, sets us apart from other agencies.

    Fivewsnews @2024. All Rights Reserved.