अमित शाह ने आगे बताया कि कल हुए ऑपरेशन में तीनों आतंकियों — सुलेमान, अफगान और जिब्रान को मार गिराया गया, और जो लोग उन्हें भोजन की आपूर्ति करते थे, उन्हें पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है।

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन महादेव में लश्कर-ए-तैयबा के तीनों खूंखार आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया है। इस बात की पुष्टि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में सोमवार को की। शाह ने कहा कि भारत अब आतंक पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर चल रहा है और यह ऑपरेशन उसका जीवंत उदाहरण है।
संसद में अमित शाह का बड़ा खुलासा
सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने पहलगाम हमले और उसके बाद की गई जवाबी कार्रवाई का ब्योरा दिया। उन्होंने कहा:
*”ऑपरेशन महादेव सिर्फ तीन आतंकियों के खात्मे की कहानी नहीं है, यह भारत की संप्रभुता और साहस का प्रमाण है। पहलगाम में हमारे जवानों पर कायराना हमला किया गया था, जिसका हमने मुंहतोड़ जवाब दिया।”
पहलगाम हमला: एक बर्बर साजिश
24 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारत के चार सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे और कई घायल हुए। यह हमला लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों द्वारा सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। आतंकियों ने गश्त कर रहे जवानों पर अचानक गोलियों की बौछार कर दी थी।
शहीद जवानों की अंत्येष्टि पूरे सैन्य सम्मान के साथ की गई थी, जिससे देशभर में गुस्सा और आक्रोश की लहर दौड़ गई थी।
खुफिया इनपुट से शुरू हुआ ऑपरेशन
हमले के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान शुरू किया जिसे ‘ऑपरेशन महादेव’ नाम दिया गया। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने श्रीनगर के डाचीगाम वन क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया।
आतंकियों की घेराबंदी और मुठभेड़
27 जुलाई की रात को डाचीगाम फॉरेस्ट में आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि होते ही सुरक्षा बलों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। करीब चार घंटे चली मुठभेड़ के बाद तीनों आतंकियों को मार गिराया गया। मारे गए आतंकियों की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय सदस्य के रूप में हुई है:
- हसन गिलानी (पाकिस्तानी नागरिक)
- मुजीब उर रहमान (स्थानीय सहयोगी)
- अहमद बट (कश्मीरी मूल का ओवरग्राउंड वर्कर)
तीनों के पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, पाकिस्तान निर्मित एके-47, हैंड ग्रेनेड्स और नक्शे बरामद किए गए।
शाह ने पाकिस्तान को घेरा
अमित शाह ने अपने भाषण में पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए कहा:
“ऑपरेशन सिंदूर और अब ऑपरेशन महादेव ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को भारत बर्दाश्त नहीं करेगा। यह सिर्फ सीमा पार का नहीं, बल्कि पाकिस्तान की नीति का हिस्सा है – लेकिन भारत अब चुप नहीं रहेगा।”
उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पाकिस्तान की पोल खोल दी है और अब कोई देश उसकी बातों पर भरोसा नहीं करता।
विपक्ष पर तंज
अपने संबोधन के दौरान शाह ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि कुछ दल देश की सुरक्षा पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा:
“जो लोग सुरक्षा बलों की कार्यवाही पर सवाल उठाते हैं, वे राष्ट्रहित के खिलाफ खड़े हैं। देश की सेना और खुफिया एजेंसियां अपनी जान की बाज़ी लगाकर देश को सुरक्षित रखती हैं, उनका मनोबल तोड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।”
‘ऑपरेशन महादेव’ की रणनीति
स्थान: श्रीनगर का डाचीगाम वन क्षेत्र, जहां आतंकियों ने अस्थायी ठिकाना बनाया था।
समय: रात 2:30 बजे शुरू हुआ अभियान सुबह 6:45 बजे तक चला।
संचालन में एजेंसियां: सेना की 34वीं राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), और CRPF की QRT यूनिट।
तकनीक का प्रयोग: ड्रोन सर्विलांस, इन्फ्रारेड इमेजिंग और मोबाइल सिग्नल ट्रैकिंग से आतंकियों की सटीक लोकेशन का पता लगाया गया।
स्थानीय समर्थन नहीं मिलने से आतंकी घबराए
सूत्रों के अनुसार, आतंकियों को डाचीगाम के पास स्थानीय मदद नहीं मिल पा रही थी, जिससे वे बेहद घबराए हुए थे। उन्होंने जंगल के अंदर छिपने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों की रणनीति और घेराबंदी से बच नहीं सके।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की निगरानी
बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन की मॉनिटरिंग राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल स्वयं कर रहे थे। उन्होंने सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि एक भी आतंकी बचकर न निकलने पाए।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ऑपरेशन महादेव की सफलता के बाद कई देशों ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। अमेरिका, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया ने भारत की आतंक के खिलाफ सख्त नीति की सराहना की है।
जनता में खुशी की लहर
देशभर में ऑपरेशन महादेव की सफलता को लेकर उत्साह का माहौल है। सोशल मीडिया पर #OpMahadev ट्रेंड कर रहा है और लोग इसे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि बता रहे हैं।
निष्कर्ष: अब आंख में आंख डालकर जवाब देगा भारत
ऑपरेशन महादेव सिर्फ एक सैन्य सफलता नहीं, बल्कि भारत की बदली हुई रणनीति और सोच का संकेत है। अब भारत सिर्फ हमला सहने वाला देश नहीं रहा, बल्कि हमले का करारा जवाब देने वाला राष्ट्र बन चुका है। अमित शाह के संसद में दिए गए बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब न तो आतंक बर्दाश्त करेगा और न ही आतंकियों को छोड़ने की गलती करेगा।
