कारगिल विजय दिवस 2025 पर राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। द्रास में भव्य कार्यक्रम और ‘ऑपरेशन विजय’ की वीरगाथा।

देश ने शनिवार को कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ मनाई और ‘ऑपरेशन विजय’ में प्राण न्यौछावर करने वाले भारतीय वीर जवानों को गहरी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और सेना प्रमुखों समेत हजारों देशवासियों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कारगिल वॉर मेमोरियल, द्रास (लद्दाख) में पुष्पांजलि अर्पित की।
क्या है कारगिल विजय दिवस का महत्व?
कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को उस गौरवशाली दिन की याद में मनाया जाता है जब 1999 में भारतीय सेना ने कारगिल की ऊँचाइयों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ दिया था। यह अभियान ‘ऑपरेशन विजय’ के नाम से जाना गया और इसमें भारत के 527 सैनिकों ने वीरगति पाई, जबकि हजारों घायल हुए।
राष्ट्रपति मुर्मू की श्रद्धांजलि: ‘भारत कभी नहीं भूलेगा अपने सपूतों का बलिदान’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा,
“कारगिल विजय दिवस देश की सशस्त्र सेनाओं की शौर्यगाथा का प्रतीक है। जिन जवानों ने मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्यौछावर किए, उन्हें नमन करती हूं। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदा प्रेरित करता रहेगा।”
उन्होंने द्रास स्थित वार मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की और कारगिल युद्ध में शहीद जवानों के परिवारों से भी भेंट की।
पीएम मोदी का संदेश: ‘यह देश वीर जवानों का ऋणी रहेगा’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कारगिल वॉर मेमोरियल, द्रास जाकर श्रद्धांजलि दी और कहा:
“कारगिल के वीरों ने देश के स्वाभिमान की रक्षा की। उनका साहस, पराक्रम और बलिदान भारत की आत्मा में समाया हुआ है। आज का भारत उन्हें नमन करता है और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेता है।”
पीएम मोदी ने शहीदों की विधवाओं और वीरनारियों से भी मुलाकात की और कहा कि सरकार शहीद परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
सेना प्रमुख का बयान: ‘ऑपरेशन विजय भारतीय सशस्त्र बलों के गौरव की गाथा’
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा:
“ऑपरेशन विजय भारतीय सेना के इतिहास का वह अध्याय है जिसमें असंभव को संभव किया गया। दुर्गम पहाड़ियों पर लड़ते हुए सैनिकों ने शत्रु को पीछे खदेड़कर भारत का सिर ऊँचा किया।”
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सेना में भर्ती होकर देशसेवा के इस पवित्र मार्ग को अपनाएं।
द्रास में हुआ भव्य कार्यक्रम: रिट्रीट साउंड से गूंजा कारगिल
द्रास में आयोजित भव्य समारोह में तीनों सेनाओं के प्रमुख, सेवानिवृत्त अधिकारी, शहीदों के परिजन और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सेना के बैंड की प्रस्तुति, मशाल यात्रा, युद्ध स्मृतियों की प्रदर्शनी और ‘ऑपरेशन विजय’ पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।
वीरता की अमर गाथा: कैप्टन विक्रम बत्रा से लेकर ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव तक
इस अवसर पर परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा, राइफलमैन संजय कुमार, ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव जैसे नायकों को विशेष रूप से याद किया गया। उनके शौर्य को आज भी युवा प्रेरणा के स्रोत के रूप में देखते हैं।
राज्यों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम: स्कूलों, कॉलेजों में निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं
देश के अलग-अलग हिस्सों में कारगिल विजय दिवस को लेकर आयोजन हुए। दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, मुंबई, पटना और जयपुर जैसे शहरों में विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में देशभक्ति गीतों, निबंध प्रतियोगिताओं और झांकियों के माध्यम से वीरों को नमन किया गया।
सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि की बाढ़
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स – X (Twitter), Instagram, Facebook पर हैशटैग #KargilVijayDiwas और #RememberTheBrave ट्रेंड करते रहे। आम लोगों से लेकर सिनेमा जगत, खेल जगत और राजनीति से जुड़े लोगों ने भी वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
नेताओं की प्रतिक्रिया: विपक्ष ने भी दी श्रद्धांजलि, राजनीति से रहा दूर
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने भी वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी और राजनीति से ऊपर उठकर एकता का संदेश दिया।
सरकार की योजनाएं: शहीदों के परिवारों के लिए नई पहलें
रक्षा मंत्रालय ने कारगिल विजय दिवस के मौके पर ‘वीर निधि योजना’ और ‘शौर्य स्मृति संग्रहालयों’ को विस्तारित करने की घोषणा की है। इसके तहत शहीदों के परिवारों को बेहतर पेंशन, बच्चों की मुफ्त शिक्षा और रोजगार सहायता प्रदान की जाएगी।
नया भारत, पुराना संकल्प: सीमा की सुरक्षा सर्वोपरि
कारगिल विजय दिवस 2025 पर देश एक बार फिर यह संकल्प ले रहा है कि भारत की सीमाएं अटल हैं और कोई भी दुश्मन उन्हें लांघ नहीं सकता। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि “भारत अब आतंकवाद और घुसपैठ के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर अडिग है।”
निष्कर्ष: वीरों की गाथा अमर रहेगी
कारगिल विजय दिवस न केवल एक युद्ध की जीत का दिन है, बल्कि यह भारत के आत्मसम्मान, सैन्य पराक्रम और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। 26 वर्षों बाद भी वह जज्बा, वह बलिदान, वह राष्ट्रभक्ति उतनी ही प्रासंगिक है जितनी 1999 में थी।
FiveWs News इस वीरता के पर्व पर उन सभी जवानों को सलाम करता है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। जय हिंद! 🇮🇳
