प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटरा से भवन जाने वाले पुराने यात्रा मार्ग पर स्थित बाणगंगा क्षेत्र में अचानक पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने लगा, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई श्रद्धालु मलबे में फंस गए और कुछ के घायल होने की भी खबर है।

जम्मू-कश्मीर की पावन भूमि पर उस समय हड़कंप मच गया जब माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अचानक भूस्खलन हुआ और यात्रियों में अफरा-तफरी फैल गई। इस खौफनाक घटना में 4 श्रद्धालु घायल हो गए, जबकि सैकड़ों की जान सांसत में पड़ गई। यात्रा मार्ग कुछ समय के लिए बाधित कर दिया गया।
घटना की पूरी जानकारी
घटना शुक्रवार देर शाम कटरा के निकट अर्धकुंवारी से भवन मार्ग पर घटी, जब भारी बारिश के कारण अचानक एक पहाड़ी हिस्सा दरक गया। इससे यात्रा मार्ग पर चट्टानें और मलबा गिर पड़ा। उस वक्त वहां सैकड़ों श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर बढ़ रहे थे। अचानक भूस्खलन होने से भगदड़ मच गई और कई लोग संतुलन खोकर गिर पड़े।
चार श्रद्धालु घायल, स्थिति नियंत्रण में
प्रशासन के अनुसार, इस घटना में चार श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। सभी को तुरंत श्राइन बोर्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
यात्रा कुछ देर के लिए रोकी गई
भूस्खलन के बाद श्राइन बोर्ड और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया ताकि बचाव और साफ-सफाई का कार्य किया जा सके। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने में जुट गईं। लगभग 3 घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया।
श्रद्धालुओं की चीख-पुकार और डर का माहौल
घटना के प्रत्यक्षदर्शी श्रद्धालु राजेश अग्रवाल (दिल्ली निवासी) ने बताया, “हम माता रानी के दर्शन के लिए जा रहे थे कि अचानक जोर की आवाज़ आई। कुछ ही सेकेंड में मलबा हमारी ओर लुढ़कने लगा। लोग इधर-उधर भागने लगे। चारों ओर चीख-पुकार मच गई। हमने अपने परिवार के बच्चों को सीने से लगाकर किसी तरह जान बचाई।”
श्राइन बोर्ड की सतर्कता ने बचाई बड़ी दुर्घटना से
श्राइन बोर्ड ने पिछले वर्षों से इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट सिस्टम को सुदृढ़ किया है। इसी कारण बचाव कार्य त्वरित रूप से शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यदि कुछ मिनटों की देरी होती, तो यह हादसा और गंभीर हो सकता था।
लगातार बारिश बनी कारण
स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, बीते दो दिनों से कटरा सहित आसपास के इलाकों में मूसलधार बारिश हो रही थी। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण भूमि की पकड़ कमजोर हो जाती है और ऐसे में भूस्खलन की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे यात्रा मार्ग पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
पुनः बहाल हुआ यात्रा मार्ग, प्रशासन ने किया ऐलान
करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद श्राइन बोर्ड ने रूट को साफ कर दिया और यात्रा को दोबारा शुरू किया गया। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से अर्धकुंवारी से भवन तक के कुछ हिस्सों को वन-वे किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।
जम्मू संभाग के आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “घबराने की जरूरत नहीं है। हमारी टीमें पूरी तरह से अलर्ट हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
पिछले हादसे और सुरक्षा उपाय
यह पहली बार नहीं है जब वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हुआ हो। पिछले कुछ वर्षों में भी ऐसे हादसे हो चुके हैं:
- 2019: भारी बारिश के कारण कटरा मार्ग पर 6 घंटे तक यात्रा रुकी रही थी।
- 2021: मलबा गिरने से दो श्रद्धालु घायल हुए थे।
- 2022: न्यू ईयर की भीड़ में भगदड़ मचने से 12 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी।
इन घटनाओं के बाद CCTV निगरानी, इमरजेंसी हेल्पलाइन, डिजिटल मैपिंग और संवेदनशील इलाकों में गार्ड्स की तैनाती जैसे कई उपाय किए गए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज़
इस हादसे को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया:
“माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लापरवाही निंदनीय है। केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को जवाब देना चाहिए।”
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
श्रद्धालुओं से अपील – सावधानी रखें, अफवाहों से बचें
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि:
- मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलें।
- समूह में चलें, अकेले न जाएं।
- अचानक बारिश या भूस्खलन की स्थिति में निकटतम शेल्टर पॉइंट पर रुकें।
- अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचना पर ध्यान दें।
कटरा से लाइव अपडेट्स और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस हादसे के तुरंत बाद कई श्रद्धालुओं ने वीडियो और लाइव अपडेट्स सोशल मीडिया पर साझा किए, जिसमें पहाड़ी से गिरते पत्थरों और अफरा-तफरी के दृश्य देखे जा सकते हैं। इन वीडियोज़ को लाखों लोगों ने देखा और कई ने इसे प्रशासन की चुस्ती का उदाहरण बताया, वहीं कुछ ने तैयारी में कमी बताई।
आस्था पर संकट नहीं, बल्कि सतर्कता ज़रूरी
माता वैष्णो देवी यात्रा न केवल भारत की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक है, बल्कि यह हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। हालांकि, कुदरत की मार के आगे कोई भी तैयारी कमजोर पड़ सकती है, ऐसे में यात्रियों और प्रशासन दोनों की सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।
निष्कर्ष
कटरा में हुए इस भूस्खलन ने एक बार फिर याद दिलाया कि धार्मिक यात्रा जितनी भावनात्मक होती है, उतनी ही संवेदनशील भी। प्रशासन की तत्परता ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया, लेकिन अब समय है कि यात्रा मार्गों की और भी वैज्ञानिक निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके। श्रद्धालुओं की जान की कीमत किसी भी प्रबंधन से बड़ी होती है – और यही सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी है।
