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रामबन में अमरनाथ यात्रियों की बसों में जबरदस्त टक्कर, 36 श्रद्धालु घायल; प्रशासन ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

🚨 हादसे से अमरनाथ यात्रा पर फिर सवाल, प्रशासन की सतर्कता के बावजूद कैसे हुआ बड़ा चूक?

रामबन/श्रीनगर/जम्मू – अमरनाथ यात्रा 2025 के दौरान जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। यात्रियों से भरी हुई कई बसों के आपस में टकरा जाने से 36 श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह दुर्घटना उस समय हुई जब अमरनाथ यात्रियों का काफिला जम्मू से पहलगाम की ओर जा रहा था।

हादसा मंगलवार सुबह जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नारसू के पास हुआ। अचानक ब्रेक फेल होने और एक बस के अनियंत्रित होने से पीछे आ रही अन्य बसें उससे टकरा गईं।

📍 हादसा कैसे हुआ? जानें पूरी घटना
घटना करीब सुबह 9:45 बजे की है जब श्रद्धालुओं का काफिला जम्मू से बालटाल और पहलगाम के रास्ते अमरनाथ गुफा की ओर बढ़ रहा था। रामबन जिले के नारसू इलाके में एक तीखे मोड़ पर एक बस का ब्रेक फेल हो गया और वह सामने चल रही बस से टकरा गई। पीछे आ रही अन्य दो बसें भी समय रहते नहीं रुक सकीं और आपस में भिड़ गईं।

  • हादसे की प्रमुख वजहें:
    तेज रफ्तार में चल रहे वाहनों की दूरी में लापरवाही
  • पहाड़ी मोड़ पर ब्रेक फेल होना
  • काफिले में समन्वय की कमी
  • ड्राइवरों की थकान या खराब प्रशिक्षण की आशंका

🚑 36 श्रद्धालु घायल, कई की हालत गंभीर
हादसे में घायल हुए यात्रियों को तुरंत रामबन जिला अस्पताल और बनिहाल प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों को एयरलिफ्ट कर श्रीनगर भेजा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, घायल यात्रियों में:

  • 12 को गंभीर चोटें आई हैं (हड्डियों और सिर में)
  • 8 यात्रियों को ICU में रखा गया है
  • बाकी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई
  • घायलों की सूची (कुछ नाम सार्वजनिक किए गए):
    नाम उम्र राज्य
    सुनीता देवी 46 हरियाणा
    राजकुमार सिंह 52 मध्य प्रदेश
    संजीव कुमार 35 दिल्ली
    रमेश यादव 41 उत्तर प्रदेश

(बाकी नाम अभी प्रशासन द्वारा सत्यापन के बाद सार्वजनिक किए जाएंगे)

👮‍♂️ प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन
जैसे ही हादसे की सूचना मिली, जम्मू-कश्मीर पुलिस, ITBP, NDRF और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों को रेस्क्यू करके नज़दीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। मौके पर JCB मशीनें और क्रेन भेजी गईं ताकि दुर्घटनाग्रस्त बसों को हटाया जा सके और मार्ग को फिर से चालू किया जा सके।

जम्मू-कश्मीर DGP दिलबाग सिंह का बयान:
“हमने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।”

📣 मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की प्रतिक्रिया
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ट्वीट कर कहा:
“अमरनाथ यात्रियों के साथ हुई दुर्घटना बेहद दुखद है। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।”

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर:
“हमारे कुछ श्रद्धालु इस हादसे में घायल हुए हैं। हम उनके उपचार और सुरक्षित वापसी के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन के संपर्क में हैं।”

🙏 श्रद्धालुओं में डर और भ्रम का माहौल
हादसे के बाद अमरनाथ यात्रा कर रहे हज़ारों श्रद्धालुओं में डर और तनाव का माहौल है। कुछ यात्रियों ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि:

🧓 सुदर्शन प्रसाद (वाराणसी से):

“हमारे सामने अचानक जोर से ब्रेक लगा और फिर धड़ाधड़ टकराने की आवाजें आईं। बहुत डरावना मंजर था।”

👩 रीना देवी (हरियाणा):

“हमें गाइड करने वाला कोई नहीं था। ड्राइवर खुद घबराया हुआ था।”

🛣️ क्या थी सुरक्षा व्यवस्था यात्रा के दौरान?
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा के लिए इस बार कई सुरक्षा उपाय किए थे:

  • 15000 से अधिक जवान तैनात
  • हर 5 किलोमीटर पर मेडिकल टीम और सुरक्षा पोस्ट
  • बसों में GPS और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
  • सीसीटीवी कैमरा और ड्रोन निगरानी

फिर भी इतनी चाकचौबंद व्यवस्था के बावजूद ऐसी घटना होना सिस्टम में कहीं ना कहीं चूक को दर्शाता है।

  • ⚖️ क्या है अमरनाथ यात्रा का ट्रैफिक और परिवहन नियम?
    किसी भी काफिले में 50 से अधिक वाहन नहीं
  • सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही काफिले की अनुमति
  • सभी वाहन परमिट के साथ ही आगे बढ़ सकते हैं
  • हर ड्राइवर का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अनिवार्य
  • प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि क्या काफिला इन नियमों का पालन कर रहा था या नहीं।

📊 क्या पहले भी हुए हैं ऐसे हादसे?
वर्ष स्थान मृतक घायल
2017 रामबन 16 30
2018 अनंतनाग 4 12
2022 पहलगाम 7 20
2023 किश्तवाड़ 5 18

यह दर्शाता है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान सड़क हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं।

🔎 विशेषज्ञों की राय: कहां है चूक?
रिटायर्ड ट्रैफिक अधिकारी एसपी सिंह:
“हिमालयी क्षेत्रों में यात्रियों से भरी बसें चलाना अत्यधिक सावधानी की मांग करता है। प्रशिक्षित ड्राइवर, फिट वाहन और दूरी बनाए रखना अनिवार्य है।”

यात्रा-विशेषज्ञ डॉ. सुरेश अग्रवाल:
“श्रद्धालुओं को जानकारी देना और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देना जरूरी है। केवल सुरक्षा बल पर्याप्त नहीं।”

💬 राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
🗣️ कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश:

“भाजपा शासित केंद्र सरकार को केवल आयोजन की ब्रांडिंग से आगे बढ़कर ज़मीनी सुरक्षा व्यवस्था को देखना चाहिए।”

🗣️ बीजेपी नेता रविंदर रैना:

“हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन सरकार ने हर संभव इंतजाम किए हैं। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।”

🚨 क्या यात्रा रोकी जाएगी? प्रशासन का रुख स्पष्ट
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने साफ किया है कि यात्रा स्थगित नहीं की जाएगी। केवल उस मार्ग पर अगले 24 घंटों के लिए यातायात रोका गया है जहाँ दुर्घटना हुई।

🔚 निष्कर्ष: श्रद्धा के सफर में लापरवाही की कोई जगह नहीं
अमरनाथ यात्रा भारत की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में से एक है, लेकिन हर साल इसमें होने वाले हादसे यह याद दिलाते हैं कि सुरक्षा, प्रशिक्षण और निगरानी में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।

रामबन में हुआ यह हादसा न केवल प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि यात्रियों और आयोजकों — दोनों के लिए सजगता की सीख भी है।

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Harshita Ahuja

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