उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहलगाम में हुए वीभत्स आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और आतंक के समर्थकों की चुप्पी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने इस खामोशी को कायरता और आतंकवाद के प्रति सहानुभूति करार दिया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस घिनौने हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को उजागर कर दिया है।
इसी क्रम में भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता को सम्मान देने के लिए तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया और भारत माता की जयघोष की।

लखनऊ, 13 मई 2025 – पहलगाम में भारतीय सैनिकों पर हुए भीषण आतंकी हमले और उसके बाद शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पाकिस्तान और उसके आतंकवादी नेटवर्क पर तीखा हमला बोला है।
योगी ने न सिर्फ पाकिस्तान की नापाक हरकतों की कड़ी आलोचना की, बल्कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से एक देशभक्ति की लहर भी खड़ी कर दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “जो हमें छेड़ेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। अब भारत बदल चुका है।”
🔥 पहलगाम हमला: एक और घाव, एक और सबक
पिछले सप्ताह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के 5 जवान शहीद हो गए, जबकि 9 घायल हुए। शुरुआती जांच में पता चला कि हमला लश्कर-ए-तैयबा जैसे पाकिस्तानी आतंकी संगठन द्वारा प्रायोजित था, और उसके तार सीधे आईएसआई से जुड़े हुए हैं।
इस कायरतापूर्ण हमले ने पूरे देश में आक्रोश की लहर फैला दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“भारत अब 2014 से पहले वाला भारत नहीं है। अब हम जवाब नहीं, हिसाब करते हैं। पाकिस्तान को उसकी भाषा में ही जवाब मिलेगा।”
✊ ऑपरेशन सिंदूर: सीमा पार से आया जवाब
पहलगाम हमले के जवाब में भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत एक गुप्त और सटीक सैन्य कार्रवाई की। भारतीय वायुसेना और स्पेशल फोर्सेज ने PoK में स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस ऑपरेशन को लेकर देशभर में गर्व और उत्साह की लहर दौड़ गई।
योगी आदित्यनाथ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“हमारी सेना ने दिखा दिया कि अगर कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसके घर में घुसकर जवाब देंगे। यह नया भारत है – निर्णायक और निडर।”
🏳️ तिरंगा यात्रा: देशभक्ति की बयार
CM योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य था –
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की वीरता को सलाम करना
आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देना
देशवासियों में एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश देना
लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और झांसी जैसे शहरों में हजारों लोग हाथों में तिरंगा लिए सड़कों पर उतरे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग ने इस यात्रा में भाग लिया।
🗣️ योगी का दो टूक संदेश: पाकिस्तान की चुप्पी भी एक अपराध है
सीएम योगी ने खासतौर पर पाकिस्तान की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इतनी भयावह घटना के बाद भी पाकिस्तान और उसके समर्थकों की चुप्पी यह दर्शाती है कि वे आतंकवाद के परोक्ष समर्थक हैं।
“पहलगाम में हमारे जवानों की शहादत पर पाकिस्तान चुप क्यों है? क्योंकि यह हमला उनके ही निर्देश पर हुआ। जो आतंकवाद के साथ खड़ा है, वह भी दोषी है,” योगी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा।
📢 राजनीतिक हलचल: विपक्ष और सरकार आमने-सामने
योगी के बयानों और तिरंगा यात्रा को जहां भाजपा ने राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया, वहीं विपक्ष ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा,
“उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और अपराध पर बात करने के बजाय सीएम योगी पाकिस्तान को निशाना बनाकर जनता का ध्यान भटका रहे हैं।”
इस पर भाजपा का तीखा जवाब आया:
“राष्ट्र की सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर विपक्ष को देश की फिक्र होती, तो वो ऑपरेशन सिंदूर की आलोचना नहीं, सराहना करता।”
💬 जनता का समर्थन: सोशल मीडिया से सड़कों तक योगी के साथ
सोशल मीडिया पर #TirangaWithYogi और #IndiaStrikesBack जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोगों ने योगी आदित्यनाथ की राष्ट्रवादी सोच की सराहना करते हुए लिखा:
“योगी हैं तो मुमकिन है!”
“सीएम से पहले देशभक्त हैं योगी!”
“पाकिस्तान को जवाब अब UP से भी मिलेगा!”
सड़कों पर भी तिरंगा यात्रा में भारी जनसैलाब देखने को मिला, जिसने विरोधियों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
🎯 “भारत अब सहन नहीं करेगा”: योगी की चेतावनी
सीएम योगी ने यह भी कहा कि भारत अब रक्षा की नहीं, आक्रमण की नीति अपनाएगा। उन्होंने कहा कि:
“अब बात नहीं, वार होगा। जो भी भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देगा, उसे मुँहतोड़ जवाब मिलेगा। भारत अब खामोश नहीं बैठने वाला।”
🛡️ राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में यूपी की भूमिका
उत्तर प्रदेश अब केवल राजनीतिक रूप से ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की नीति में भी अहम भूमिका निभा रहा है। राज्य में कई सैन्य अड्डे, रक्षा उत्पादन यूनिट्स और खुफिया नेटवर्क कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री योगी ने हाल ही में रक्षा मंत्रालय से आग्रह किया कि:
UP में और अधिक डिफेंस कॉरिडोर बनाए जाएं
सेना के जवानों के लिए विशेष आवास योजना लागू हो
आतंकी फंडिंग रोकने के लिए सख्त साइबर निगरानी शुरू की जाए
🧭 क्या अब यूपी भी आतंकवाद विरोधी नीति का चेहरा बनेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ का आक्रामक रवैया आने वाले समय में राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति में एक नई दिशा दे सकता है। यदि केंद्र सरकार यूपी मॉडल को अपनाती है तो यह देशव्यापी सुरक्षा ढांचे को और मज़बूत कर सकता है।
🔚 निष्कर्ष: अब भारत बोलेगा नहीं, सीधा जवाब देगा
पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद यूपी में तिरंगा यात्रा – इन सब घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब भारत और भारत के राज्य, खासतौर पर उत्तर प्रदेश, आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपना चुके हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सीधा संदेश पाकिस्तान और उसके समर्थकों को स्पष्ट है:
“अगर कोई भारत को आंख दिखाएगा, तो हम उसकी आंख निकाल लेंगे। अब खामोशी नहीं, कार्रवाई का युग है।”
