यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब ग्लोबल टाइम्स ने ऑपरेशन सिंदूर की कवरेज के दौरान झूठे और भड़काऊ दावे प्रकाशित किए, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तानी वायुसेना ने एक भारतीय लड़ाकू विमान को मार गिराया है।
भारत सरकार ने इस भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण प्रचार को गंभीरता से लेते हुए ग्लोबल टाइम्स के X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट को ब्लॉक करने का फैसला लिया।

नई दिल्ली, 13 मई 2025 –
भारत और चीन के बीच चल रही रणनीतिक तनातनी अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह सूचना युद्ध और डिजिटल मोर्चे पर भी खुलकर सामने आ चुकी है। भारत सरकार ने चीन की सरकारी प्रचार वेबसाइट ग्लोबल टाइम्स के X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट को देश में ब्लॉक कर दिया है। यह कड़ा फैसला उस समय लिया गया जब ग्लोबल टाइम्स ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूठे और उकसाऊ दावे किए, जिसमें यह कहा गया था कि पाकिस्तान एयरफोर्स ने एक भारतीय लड़ाकू विमान को मार गिराया।
🔥 ग्लोबल टाइम्स की झूठी पत्रकारिता पर भारत का करारा तमाचा
ग्लोबल टाइम्स, जो कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का मुखपत्र माना जाता है, ने हाल ही में एक रिपोर्ट प्रकाशित की जिसमें दावा किया गया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के एक फाइटर जेट को ढेर कर दिया।
इस रिपोर्ट को लेकर भारतीय खुफिया एजेंसियों ने तुरंत चेतावनी दी कि यह दुष्प्रचार (disinformation) है जिसका मकसद भारत की सैन्य छवि को नुकसान पहुंचाना और जनता के बीच भ्रम फैलाना है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गृह मंत्रालय के परामर्श के बाद केंद्र सरकार ने ग्लोबल टाइम्स के X अकाउंट को भारत में ब्लॉक करने का आदेश जारी कर दिया।
📢 सरकारी सूत्रों की पुष्टि: ‘देश की सुरक्षा सर्वोपरि’
सरकारी सूत्रों के मुताबिक,
“ग्लोबल टाइम्स द्वारा फैलाई गई झूठी खबरें ना सिर्फ भारतीय सेना का अपमान हैं, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला भी है। सरकार ऐसे किसी भी डिजिटल हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी।”
सूचना एवं तकनीकी मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह ब्लॉकिंग अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी प्रतिबंध है, और भविष्य में भी किसी भी विदेशी मीडिया को भारत विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
🇮🇳 ऑपरेशन सिंदूर की सटीकता ने चीन-पाक की नींद उड़ा दी
ऑपरेशन सिंदूर, जो कि हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा PoK में चलाया गया था, ने पाकिस्तान और उसके आतंकवादी नेटवर्क की कमर तोड़ दी।
भारत ने न सिर्फ आतंकियों के लॉन्चपैड्स को तबाह किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि अब वह केवल शब्दों में नहीं, कृत्य से जवाब देगा।
यही बात चीन और पाकिस्तान दोनों को चुभ गई। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट इसी बौखलाहट का नतीजा थी।
🎯 ग्लोबल टाइम्स का एजेंडा: भारत को कमजोर दिखाना
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल टाइम्स लंबे समय से प्रोपेगैंडा और भ्रम फैलाने का अड्डा रहा है। इसके लेखों में अक्सर:
भारत की सैन्य शक्ति को कम आंकने की कोशिश की जाती है
भारत के पड़ोसी देशों के साथ तनाव को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है
भारत सरकार की विदेश नीति पर प्रश्नचिह्न लगाए जाते हैं
लेकिन इस बार सीमा पार कर दी गई। भारत ने कड़ा संदेश दिया कि अब ऐसे मनोवैज्ञानिक हमले भी राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला माने जाएंगे।
🛡️ डिजिटल स्ट्राइक: नया भारत, नई नीति
भारत अब केवल सीमाओं की सुरक्षा नहीं करता, बल्कि डिजिटल सीमा की भी निगरानी करता है। हाल ही में कई चीनी ऐप्स पर भी बैन लगाया गया था, जिनमें TikTok, WeChat और PUBG Mobile जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
ग्लोबल टाइम्स की ब्लॉकिंग इसी डिजिटल सुरक्षा नीति का हिस्सा है।
“अब भारत न केवल अपने जवानों को बचा रहा है, बल्कि अपने नागरिकों के दिमाग को भी विदेशी दुष्प्रचार से बचा रहा है,” एक सुरक्षा विश्लेषक ने कहा।
🗨️ जनता की प्रतिक्रिया: ‘गर्व है ऐसे भारत पर!’
सोशल मीडिया पर #BanGlobalTimes और #IndiaStrikesBack जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। हजारों यूज़र्स ने भारत सरकार के इस फैसले की सराहना की:
“सही में नया भारत है ये!”
“अब बोलने से ज्यादा करने वाला युग है!”
“चीन को दिख गया भारत का डिजिटल दम!”
यह कदम आम जनता में भी देशभक्ति और विश्वास को बढ़ाने वाला साबित हुआ।
🧭 चीन की प्रतिक्रिया: ‘स्वतंत्र अभिव्यक्ति पर हमला’
ग्लोबल टाइम्स और चीन सरकार ने इस फैसले को ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला’ करार दिया है। बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा:
“भारत को मीडिया की आज़ादी का सम्मान करना चाहिए। यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।”
लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया कि झूठ को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं कहा जा सकता।
📊 विश्लेषण: क्या अब भारत वैश्विक सूचना युद्ध में अगला नेता बन सकता है?
भारत की यह सख्ती संकेत देती है कि देश अब सिर्फ सैन्य मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि सूचना और साइबर युद्ध में भी आक्रामक नीति अपना रहा है। यह बदलाव विशेष रूप से तब आया है जब:
चीन ने नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों में अपने मीडिया प्रभाव को तेज़ किया है
पाकिस्तान भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी खबरों का जाल बुन रहा है
भारत के खिलाफ डिजिटल हमले बढ़ते जा रहे हैं
अब भारत भी वैश्विक मंच पर प्रतिक्रियाशील से ज्यादा सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
📌 निष्कर्ष: भारत बोलेगा नहीं, करेगा
ग्लोबल टाइम्स की X से विदाई महज़ एक ब्लॉक नहीं, बल्कि एक नया संदेश है –
“अब भारत सहन नहीं करेगा। झूठ का जवाब चुप्पी नहीं, करारा तमाचा होगा।”
यह डिजिटल कदम बताता है कि अब भारत सिर्फ लड़ाई नहीं लड़ता, बल्कि मोर्चा भी संभालता है – चाहे वो मैदान का हो या मोबाइल स्क्रीन का।
