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अमृतसर में ज़हर बनी शराब: मजीठा में 14 की मौत, 6 की हालत नाज़ुक!

पुलिस ने मुख्य सप्लायर परबजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उसने सरगना सप्लायर साहब सिंह की पहचान से जुड़ी अहम जानकारी दी है।

अमृतसर (मजीठा), 13 मई 2025 — पंजाब के मजीठा इलाके में उस वक्त कोहराम मच गया जब एक के बाद एक लोगों की मौत होने लगी। कारण: ज़हरीली शराब। अब तक 14 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 6 अन्य गंभीर हालत में अस्पताल में ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस हादसे ने एक बार फिर पंजाब में अवैध शराब के काले कारोबार की जड़ें उजागर कर दी हैं।

🧪 मौत का नशा: शराब नहीं, ज़हर था बोतल में
घटना मजीठा कस्बे के कुछ गांवों में हुई, जहां लोगों ने एक सस्ती देसी शराब का सेवन किया। शुरुआती रिपोर्टों में सामने आया है कि शराब में मिथाइल अल्कोहल (मिथेनॉल) की मात्रा खतरनाक स्तर तक थी, जो इंसान के शरीर को अंदर से जला देती है।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। कई लोग घरों में ही बेसुध पड़े मिले, जबकि कुछ को अस्पताल लाते हुए रास्ते में ही दम तोड़ना पड़ा।

स्थानीय निवासी जसपाल सिंह ने बताया:
“पहले हमें लगा ये सामान्य नशे का असर है, लेकिन जब एक-एक कर लोग गिरने लगे, उल्टी करने लगे, आंखों की रोशनी चली गई… तब समझ आया कि ये कुछ और है।”

😢 मातम में बदला मजीठा: हर गली में चीखें
इस त्रासदी ने पूरे मजीठा को शोक में डुबो दिया है। गांवों में मातम पसरा है। जहां कल तक जाम छलकते थे, आज चिता की लपटें उठ रही हैं।

गांव चक्क मिश्री खां की एक विधवा महिला बोली:
“मेरे पति मज़दूरी करके घर लोटे थे, थकावट में दो घूंट पी ली… अगली सुबह उनकी लाश मिली। क्या यही इनसाफ है?”

👮‍♂️ पुलिस ने कसा शिकंजा: मुख्य सप्लायर परबजीत गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए मुख्य सप्लायर परबजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में परबजीत ने ज़हरीली शराब के पीछे के नेटवर्क का खुलासा किया है।

डीएसपी कुलविंदर सिंह ने बताया:
“परबजीत ने स्वीकार किया है कि उसने शराब साहब सिंह नाम के एक बड़े सप्लायर से खरीदी थी। अब हम साहब सिंह की तलाश में दबिश दे रहे हैं।”

🧊 परत-दर-परत खुल रही साज़िश
जानकारी के अनुसार, यह नकली शराब पंजाब-हरियाणा बॉर्डर से लाई गई थी और इसे देसी शराब की बोतलों में भरकर गांव-गांव बेचा गया। इस साजिश में कई और नाम सामने आ सकते हैं, जिनकी जांच जारी है।

पुलिस ने कुल 12 ठिकानों पर छापेमारी की है, और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित सिंडिकेट है, जो वर्षों से इस ज़हरीले धंधे में लिप्त है।

🏥 अस्पतालों में हाहाकार, इलाज को लेकर अफरा-तफरी
मजीठा और अमृतसर के सरकारी अस्पतालों में इस समय अफरा-तफरी का माहौल है। जहरीली शराब के शिकार लोगों का इलाज किया जा रहा है, लेकिन अस्पतालों की क्षमता सीमित है।

डॉ. गगनदीप कौर, सिविल अस्पताल अमृतसर:
“मिथेनॉल के असर से मरीजों की आंखों की रोशनी चली जाती है, किडनी और लीवर फेल हो सकते हैं। हमारी टीम पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन हालत गंभीर है।”

🔥 राजनीति भी गरमाई: विपक्ष ने सरकार को घेरा
इस दर्दनाक हादसे ने पंजाब की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है। विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर नाकामी का आरोप लगाते हुए राज्यभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने कहा:
“ये सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही का नतीजा है। जब अवैध शराब माफिया खुलेआम कारोबार कर रहा है, तो प्रशासन क्या कर रहा है?”

कांग्रेस ने भी मांग की है कि मुख्यमंत्री खुद इस मामले में हस्तक्षेप करें और दोषियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सज़ा दिलाई जाए।

⚖️ सरकार की सफाई और वादा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना पर दुख जताते हुए न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराध को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री का बयान:
“जो भी इस मौत के खेल में शामिल है, उसे सख्त से सख्त सज़ा मिलेगी। ज़हरीली शराब बेचने वालों को या तो सलाखों के पीछे जाना होगा या प्रदेश छोड़ना होगा।”

📜 FIR और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने IPC की धारा 302 (हत्या), 328 (ज़हर देकर नुकसान पहुंचाना), 120B (साजिश) सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मामले को दर्ज किया गया है।

जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख रुपये मुआवज़ा देने की घोषणा की है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि “मुआवज़े से जान नहीं लौटेगी।”

🤬 जनता का गुस्सा: “ये पहली बार नहीं हुआ!”
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये कोई पहला मामला नहीं है। पंजाब के कई जिलों में नकली शराब की बिक्री आम है, और पुलिस की मिलीभगत से यह धंधा फल-फूल रहा है।

एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा:
“हर बार कुछ लोग मरते हैं, हंगामा होता है, FIR होती है… फिर सब चुप। सवाल ये है कि सिस्टम कब जागेगा?”

🔍 आगे की जांच और राह
NIA और SIT जैसी एजेंसियों से जांच की मांग हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग को पूरे इलाके में शराब के नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं।

गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि और कोई पीड़ित छूट न जाए।

📌 निष्कर्ष: कब थमेगा ये ज़हर?
मजीठा का ये हादसा न केवल एक अपराध है, बल्कि सिस्टम की एक भयानक विफलता है। जहां सरकार विकास की बात करती है, वहीं मौत खुलेआम बोतलों में बिक रही है। सवाल ये नहीं कि 14 लोग मरे, सवाल ये है कि कितने और मरेंगे, जब तक ये कारोबार बंद नहीं होता?

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Harshita Ahuja

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