राष्ट्रीय भूकंपीय विज्ञान केंद्र के अनुसार, म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका असर दिल्ली-एनसीआर में भी महसूस किया गया।

नई दिल्ली: म्यांमार में मंगलवार को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने केवल म्यांमार को ही नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) को भी हिला दिया। राष्ट्रीय भूकंपीय विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) के मुताबिक, यह भूकंप म्यांमार में दोपहर करीब 12:20 बजे आया और इसकी गहरी शॉक लहरें दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी महसूस की गईं। इसके बाद से म्यांमार में कई स्थानों पर तबाही की खबरें आई हैं और कई लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। दिल्ली-एनसीआर में लोग अचानक महसूस हुई कंपन से घबरा गए और कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई।
म्यांमार में भूकंप का असर: सैंकड़ों की जान को खतरा
म्यांमार में आए इस भूकंप ने काफी तबाही मचाई है। भूकंप का केंद्र म्यांमार के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित था। बताया जा रहा है कि भूकंप का झटका इतना मजबूत था कि यह 7.7 की तीव्रता तक पहुंच गया, जो कि एक बड़ा प्राकृतिक आपदा का संकेत है। म्यांमार के विभिन्न हिस्सों में दीवारों के गिरने, इमारतों के ध्वस्त होने और सड़कों के टूटने की खबरें आ रही हैं।
म्यांमार के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण कई लोगों की मौत हो चुकी है और सैंकड़ों लोग घायल हो गए हैं। वहीं, कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन सुदूर इलाकों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। म्यांमार सरकार और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दल ने बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, जबकि सैन्य और अन्य सहायता संगठनों ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
भारत में महसूस हुआ भूकंप का असर
भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर में म्यांमार में आए भूकंप के झटके महसूस किए गए। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और अन्य आसपास के शहरों में लोग अचानक से कंपकंपाने लगे। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए, खासकर उन इमारतों से जो ऊंची हैं। दिल्ली के कई हिस्सों में इमारतों की दीवारों में दरारें भी आ गईं और लोगों में भय का माहौल देखा गया।
राष्ट्रीय भूकंपीय विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर में यह भूकंप का प्रभाव हल्के से मध्यम स्तर का था, लेकिन इसके बावजूद इसे महसूस किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप की यह लहरें लगभग 1000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करते हुए दिल्ली-एनसीआर तक पहुंची थीं। भूकंप के बाद कई स्थानों पर लोग एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि क्या यह एक और भूकंप था और इसे लेकर अफवाहें फैलने लगी थीं।
क्यों महसूस हुआ भूकंप दिल्ली में?
दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस होने के पीछे वैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप का केंद्र म्यांमार में था, लेकिन इसकी शक्तिशाली लहरें बहुत दूर तक फैल सकती हैं। भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में भूकंप के प्रभाव महसूस किए जाते हैं, खासकर अगर भूकंप का केंद्र नजदीक हो या फिर उसकी तीव्रता बहुत अधिक हो।
दिल्ली-एनसीआर भूकंप के लिए संवेदनशील क्षेत्र नहीं माना जाता है, लेकिन कभी-कभी ऐसे शक्तिशाली भूकंप से इसके प्रभाव दूर-दूर तक महसूस हो सकते हैं। दिल्ली, खासकर उत्तर भारत में भूकंप की घटना कभी-कभी होती रहती है, हालांकि आमतौर पर ये भूकंप हल्के होते हैं।
भूकंप के बाद बचाव कार्य
म्यांमार में आए इस भूकंप के बाद बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए भारतीय और अन्य देशों की टीमों को भी मदद के लिए भेजने की योजना बनाई जा रही है। म्यांमार की सरकार ने तुरंत ही राहत और बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, भूकंप के बाद मलबे के ढेर में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए कई स्थानों पर सड़कें बंद हैं और इमारतों के ढहने के कारण स्थिति और भी जटिल हो गई है।
भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने भी म्यांमार के लिए मदद भेजने के संकेत दिए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि भारत म्यांमार को हर संभव सहायता प्रदान करेगा और उन्हें हर प्रकार की मदद देने के लिए तैयार है।
दिल्ली-एनसीआर में उठाए गए एहतियाती कदम
दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस होते ही दिल्ली सरकार और आपदा प्रबंधन टीम ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए। दिल्ली के सभी बड़े अस्पतालों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया और वहां मौजूद मेडिकल सुविधाओं को बढ़ा दिया गया। दिल्ली मेट्रो सेवा और अन्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं, लेकिन कुछ समय बाद इन सभी सेवाओं को फिर से बहाल कर दिया गया।
दिल्ली के कई क्षेत्रों में लोगों को भूकंप के बाद किसी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई थी। दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट किया गया था ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटा जा सके।
भूकंप के बाद जारी हेल्पलाइन नंबर
म्यांमार में आए भूकंप के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, ताकि म्यांमार में रहने वाले भारतीय नागरिक अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दे सकें और मदद प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, भारतीय दूतावास ने भी म्यांमार में अपने नागरिकों के लिए सहायता प्रदान करने के लिए राहत अभियान शुरू किया है।
हेल्पलाइन नंबर:
+91 11 2301 2611
+91 11 2301 7527
इसके अलावा, दिल्ली और एनसीआर में भी भूकंप के झटकों के कारण उत्पन्न हुई किसी भी आपात स्थिति के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। आपातकालीन सेवाएं और बचाव कार्य में दिल्ली सरकार पूरी तरह से जुटी हुई है।
भविष्य में भूकंप से बचाव के उपाय
भारत सरकार और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NDMA) के विशेषज्ञों का मानना है कि म्यांमार में आए इस शक्तिशाली भूकंप ने एक बार फिर भूकंप से बचाव के उपायों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत को उजागर किया है। भले ही दिल्ली और एनसीआर में इस भूकंप का असर हल्का रहा, लेकिन भविष्य में यदि इस तरह के बड़े भूकंपों का खतरा और बढ़ता है, तो भारत को अपनी भूकंपीय सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता होगी।
भारत सरकार और राज्य सरकारों को भूकंप के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि लोगों को भूकंप के दौरान क्या करना चाहिए और किस प्रकार से वे सुरक्षित रह सकते हैं, इसके बारे में जानकारी दी जा सके। इसके अलावा, भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्यों की तैयारी और बेहतर की जा सकती है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
निष्कर्ष
म्यांमार में आया 7.7 तीव्रता का भूकंप न केवल म्यांमार, बल्कि भारत में भी महसूस किया गया, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर में। इस प्राकृतिक आपदा ने यह सिद्ध कर दिया कि भूकंप जैसी आपदाओं से बचाव और राहत कार्य के लिए तैयार रहना बेहद जरूरी है। भारत सरकार और म्यांमार दोनों देशों की सरकारों ने आपसी सहयोग से राहत कार्यों में तेजी दिखाई है। वहीं, लोगों को भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे सुरक्षित रह सकें।