MCD की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें 2024-25 और अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान AAP और BJP के पार्षदों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की।

नई दिल्ली (विशेष संवाददाता): दिल्ली नगर निगम की एक विशेष बैठक में 2024-25 और अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट को अंतिम रूप देने को लेकर भारी हंगामा हुआ। बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के बीच तीखी नारेबाजी और प्रदर्शन देखने को मिला। बजट पर चर्चा के दौरान दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिससे सदन में गहमागहमी का माहौल बन गया।
यह बैठक दिल्ली के नगर निगम कार्यालय में बुलाई गई थी, जिसमें दिल्ली नगर निगम के विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के लिए वित्तीय प्रावधानों पर चर्चा की जानी थी। इस विशेष बैठक में दिल्ली के महापौर, आयुक्त और नगर निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस बजट को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों AAP और BJP के पार्षदों के बीच तीव्र राजनीतिक बहस और विरोध देखा गया।
AAP और BJP के बीच नारेबाजी का कारण
बजट बैठक के दौरान जैसे ही सदन में बजट पेश किया गया, दोनों दलों के पार्षद एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। AAP के पार्षदों ने आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली MCD सरकार ने पिछले कई वर्षों में दिल्ली के नागरिकों के लिए कोई वास्तविक विकास कार्य नहीं किए। उनका कहना था कि भाजपा ने केवल अपनी पार्टी के फायदे के लिए काम किया और दिल्ली की जनता की जरूरतों को नजरअंदाज किया।
वहीं, BJP के पार्षदों ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने दिल्ली नगर निगम के कामों में लगातार हस्तक्षेप किया है और MCD की स्वायत्तता को कमजोर किया है। उन्होंने यह भी कहा कि AAP के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने नगर निगम के लिए आवश्यक बजट आवंटन में कमी की है, जिससे निगम के विकास कार्यों में बाधाएं आई हैं। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच बैठक का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और दोनों दलों के पार्षद एक-दूसरे पर नारेबाजी करने लगे।
बजट की प्रमुख विशेषताएँ
2024-25 के बजट में दिल्ली नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। बजट में विशेष रूप से सफाई, जल आपूर्ति, सड़क निर्माण, और नगर निगम के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए आवंटन किया गया है। इसके अलावा, विभिन्न योजनाओं के लिए भी धनराशि आवंटित की गई है, जिनसे शहर के नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्राप्त हो सकें।
नगर निगम द्वारा इस बजट में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। स्मार्ट सिटी योजनाओं के तहत नए पार्क, सड़कों का सुधार, जल निकासी और स्वच्छता की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए फंड आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, गरीबों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
AAP का आरोप: BJP ने निगम की विकास योजनाओं को रोका
आम आदमी पार्टी के नेता और पार्षदों ने बैठक के दौरान भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि भाजपा के नेतृत्व वाली MCD सरकार ने पिछले कई वर्षों में निगम के विकास कार्यों को रोकने की कोशिश की है। AAP के नेता राघव चड्ढा ने कहा कि BJP ने अपनी राजनीतिक रणनीतियों के तहत निगम के कर्मचारियों और योजनाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है, जिससे दिल्ली के नागरिकों को आवश्यक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सका है।
AAP ने यह भी आरोप लगाया कि BJP के पार्षदों ने निगम की योजनाओं में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है और विकास कार्यों में हो रही देरी की वजह से दिल्लीवासियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। AAP ने बीजेपी से सवाल पूछा कि पिछले वर्षों में जो योजनाएँ शुरू की गईं थीं, क्या उनकी प्रगति पर कोई निगरानी रखी गई थी और क्या उन्हें समय पर पूरा किया गया था?
BJP का पलटवार: AAP पर विकास कार्यों में हस्तक्षेप का आरोप
BJP के पार्षदों ने AAP पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने MCD के कामों में बार-बार हस्तक्षेप किया और नगर निगम की योजनाओं को अवरुद्ध किया। BJP नेता और पार्षद विजेंदर गुप्ता ने कहा कि AAP के मंत्री और विधायक लगातार MCD के कामकाज में दखलंदाजी करते रहे हैं, जिससे निगम की योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो सका।
उन्होंने यह भी कहा कि AAP सरकार ने MCD को पर्याप्त बजट आवंटन नहीं किया और कई विकास कार्यों को रोकने की कोशिश की। गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि AAP के नेता खुद को केवल मीडिया में दिखाने के लिए योजनाओं का श्रेय लेते हैं, जबकि असल में उन योजनाओं को MCD के द्वारा लागू किया जाता है।
बजट पर दोनों दलों की प्रतिक्रियाएँ
MCD द्वारा पेश किए गए बजट पर दोनों प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं। AAP ने इसे दिल्लीवासियों के लिए विकासकारी बजट नहीं माना और कहा कि यह बजट केवल बीजेपी के पार्टी कार्यकर्ताओं के फायदे के लिए है। उन्होंने कहा कि यह बजट दिल्ली के नागरिकों की वास्तविक जरूरतों को पूरा नहीं करता और केवल बीजेपी के राजनीतिक फायदे के लिए है।
वहीं, BJP ने इस बजट को दिल्ली की विकास योजनाओं के लिए सकारात्मक कदम बताया और कहा कि यह बजट MCD की नीतियों और कार्यक्रमों को मजबूती प्रदान करेगा। BJP ने दावा किया कि इस बजट के तहत दिल्ली में विकास कार्यों की गति तेज होगी और दिल्लीवासियों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त होंगी।
आगे की रणनीति और निकट भविष्य में संभावित विरोध
MCD के विशेष बजट बैठक में दोनों दलों के बीच तीखी नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बाद यह स्पष्ट हो गया कि आगामी दिनों में दिल्ली में नगर निगम के बजट और विकास योजनाओं को लेकर राजनीतिक तापमान उच्च रहेगा। AAP ने घोषणा की है कि वे इस बजट को लेकर जनता के बीच जाएंगे और BJP की नीतियों के खिलाफ विरोध करेंगे। वहीं, BJP ने भी AAP सरकार पर हमला करते हुए कहा कि वे निगम के विकास कार्यों में कोई भी रुकावट नहीं आने देंगे और दिल्लीवासियों को हर सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
निष्कर्ष
MCD की विशेष बैठक में बजट पर चर्चा के दौरान दोनों दलों के पार्षदों के बीच की नारेबाजी और हंगामा यह दर्शाता है कि दिल्ली नगर निगम की राजनीति में भारी तनाव बना हुआ है। आगामी दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बजट के क्रियान्वयन पर क्या असर पड़ेगा और क्या यह दोनों दलों के बीच राजनीतिक गतिरोध को और बढ़ाएगा।
हालांकि, बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए दोनों दलों के बीच राजनीतिक सहमति जरूरी होगी। अगर यह सहमति नहीं बन पाई तो दिल्ली में नगर निगम के विकास कार्यों में और भी देरी हो सकती है, जो अंततः नागरिकों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।