RJD MLC और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबरी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें महिलाओं के प्रति अनादर दिखाने का आरोप लगाया।

बिहार विधान परिषद में शुक्रवार को एक तीखी बयानबाजी देखने को मिली, जब बिहार विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबरी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। राबरी देवी ने नीतीश कुमार पर महिलाओं के प्रति अनादर और उनकी स्थिति को कमजोर करने का आरोप लगाया। इस आरोप के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई और एक बार फिर से बिहार में महिला सशक्तिकरण और मुख्यमंत्री के कार्यकाल पर बहस छिड़ गई।
राबरी देवी का आरोप
राबरी देवी ने बिहार विधान परिषद में अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं की स्थिति को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं और उनके अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। राबरी देवी ने कहा, “नीतीश कुमार ने हमेशा महिलाओं के मुद्दे पर केवल बयानबाजी की है, लेकिन उनकी नीतियां महिलाओं के हित में नहीं रही हैं। वे महिलाओं के लिए काम करने का दावा करते हैं, लेकिन उनकी सरकार में महिलाओं के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।”
राबरी देवी ने आगे कहा कि बिहार में महिला सुरक्षा के मामले में स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि जब वे महिला सशक्तिकरण का दावा करते हैं तो उनकी सरकार में महिलाएं क्यों असुरक्षित महसूस करती हैं? उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में महिलाएं घर से बाहर जाने से डरती हैं और उन्हें सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं मिलती है।
नीतीश कुमार का जवाब
इस आरोप पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि उनका हमेशा से महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति गहरा ध्यान रहा है। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा महिला सशक्तिकरण के लिए काम किया है और मेरी सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। राबरी देवी का आरोप निराधार है और उनका उद्देश्य केवल राजनीति करना है।”
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें महिलाओं को उनके अधिकार और सुरक्षा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने महिला पुलिस अधिकारी की नियुक्ति को बढ़ावा दिया और महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत की, ताकि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में सहायता प्राप्त कर सकें।
बिहार में महिला सशक्तिकरण
बिहार में महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर नीतीश कुमार की सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को 50% आरक्षण देने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। उनके नेतृत्व में बिहार में पंचायत चुनावों में महिलाओं को आरक्षण दिया गया, जिससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ी। इसके अलावा, बिहार सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं, जैसे कि “मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना” और “लाडली लक्ष्मी योजना”, जिनके तहत गरीब परिवारों की बेटियों को वित्तीय सहायता दी जाती है।
हालांकि, राबरी देवी के आरोपों के जवाब में यह सवाल उठता है कि क्या इन योजनाओं का प्रभाव वास्तविक रूप से महिलाओं की स्थिति में सुधार ला पा रहा है या नहीं। महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण के मामले में बिहार में कई बार नकारात्मक घटनाएं सामने आई हैं, जिससे राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं में वृद्धि और राज्य में महिला उत्पीड़न के मामलों में निरंतर वृद्धि इस बात का संकेत देती है कि महिला सुरक्षा के मामले में राज्य सरकार को और अधिक ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RJD और महागठबंधन की प्रतिक्रिया
राबरी देवी के आरोपों के बाद RJD और महागठबंधन के नेताओं ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि नीतीश कुमार की सरकार ने महिलाओं के लिए जितनी योजनाएं बनाई हैं, वे केवल कागजों तक सीमित हैं। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार की योजनाओं का कोई वास्तविक प्रभाव नहीं पड़ा है। महिलाएं आज भी असुरक्षित हैं, और उनका आत्मविश्वास कमजोर हुआ है। यह सरकार केवल अपने प्रचार-प्रसार में लगी हुई है, जबकि महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं।”
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार का महिला सशक्तिकरण केवल एक दिखावा है और यह केवल चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं, और उनकी सरकार की नीतियों से उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है।
नीतीश कुमार की राजनीति
नीतीश कुमार की राजनीति हमेशा से महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्रित रही है। उनका कहना है कि वे महिलाओं के खिलाफ अपराधों को सख्ती से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए उनकी सरकार ने कई योजनाओं की शुरुआत की है। नीतीश कुमार के कार्यकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में सुधार लाने के लिए कई नीतियां लागू की गईं, लेकिन राबरी देवी और विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए आरोपों से यह स्पष्ट होता है कि इन योजनाओं का व्यावहारिक रूप से सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो पाया है।
आखिरी शब्द
बिहार की राजनीति में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा का मुद्दा हमेशा से गरमाया रहा है। राबरी देवी के आरोपों ने एक बार फिर इस मुद्दे को मुख्यधारा में ला दिया है। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि उनकी सरकार महिलाओं के हित में काम कर रही है, लेकिन विपक्षी दलों का यह आरोप भी सही हो सकता है कि राज्य में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के मामले में ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कौन से कदम उठाए जाते हैं और बिहार में महिलाओं की स्थिति में कितना सुधार होता है।