पीएम मोदी ने मॉरीशस में कहा: ‘गीत गवई’ एक पारंपरिक भोजपुरी संगीत Ensemble है, जो उस जीवंत सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है जिसे भारत के भोजपुरी भाषी क्षेत्र की महिलाओं ने मॉरीशस में लाकर संजोया है।

मॉरीशस में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया दौरा भारतीय संस्कृति और परंपराओं का बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। इस दौरे के दौरान, एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने ‘गीत गवई‘ पर चर्चा की, जो भोजपुरी संगीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह संगीत की पारंपरिक शैली मॉरीशस में भारत के भोजपुरी भाषी क्षेत्र की महिलाओं द्वारा लाकर यहां की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा बनी।
मॉरीशस में भारतीय संस्कृति का जश्न
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस के राजधानी पोर्ट लुइस में भारतीय समुदाय को संबोधित किया, जहां उन्होंने भारतीय और विशेष रूप से भोजपुरी संस्कृति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय प्रवासियों ने अपनी मातृभूमि की संस्कृति और परंपराओं को मॉरीशस में फैलाया और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया।
‘गीत गवई’, भोजपुरी संगीत की एक महत्वपूर्ण शैली है, जो विशेष रूप से महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले गीतों के रूप में सामने आती है। इन गीतों में विवाह, खेतों में काम, त्योहारों और अन्य पारंपरिक अवसरों का वर्णन होता है। पीएम मोदी ने बताया कि यह संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करता है।
गीत गवई का सांस्कृतिक महत्व
‘गीत गवई’ भोजपुरी संगीत का एक अद्वितीय रूप है, जो मॉरीशस के भारतीय समाज के बीच बहुत लोकप्रिय है। इस संगीत शैली में भोजपुरी भाषा के गीत होते हैं, जिन्हें महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से गाया जाता है। इस संगीत में गाने वाले लोग न केवल अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं, बल्कि वे अपनी जड़ों से भी जुड़ते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि गीत गवई का संगीत मॉरीशस में भारतीय महिलाओं की भावनाओं, संघर्षों और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को जीवंत रूप से दर्शाता है। उन्होंने इसे एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सम्मानित किया, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है और भारतीय सभ्यता के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में उभरी है।
भारतीय प्रवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका
मॉरीशस में भारतीय प्रवासी समुदाय की संख्या काफी बड़ी है, और उनकी सांस्कृतिक धरोहर ने यहां की सामाजिक संरचना को प्रभावित किया है। इन प्रवासियों ने अपनी मातृभूमि की संस्कृति को मॉरीशस में लाकर न केवल यहां की सांस्कृतिक विविधता में योगदान किया, बल्कि यह भारतीयता की महिमा को भी फैलाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय संस्कृति ने मॉरीशस के समाज को एकजुट किया है। उन्होंने कहा कि यहां की विविधता में भारतीय संस्कृति के कई रंग हैं, जिनमें ‘गीत गवई’ जैसे संगीत रूप भी शामिल हैं। यह संगीत न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह सामूहिकता, भाईचारे और एकता की भावना को भी प्रोत्साहित करता है।
मॉरीशस में भारतीयता का आदान-प्रदान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी स्पीच में यह भी उल्लेख किया कि मॉरीशस में भारतीय संस्कृति की उपस्थिति को लेकर कई पहलुओं का ध्यान रखा गया है। यहां के लोग भारतीय त्योहारों, संगीत, नृत्य और कला रूपों के प्रति अपनी विशेष श्रद्धा दिखाते हैं। पीएम मोदी ने भारतीय संस्कृति के इस सांस्कृतिक समागम को और मजबूत करने का आह्वान किया।
मॉरीशस में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सरकार ने कई पहलें की हैं। इनमें से कुछ प्रमुख पहलें जैसे भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना, भारतीय त्योहारों का आयोजन, और मॉरीशस में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देना शामिल हैं।
मॉरीशस में ‘गीत गवई’ का भविष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘गीत गवई’ के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह संगीत की पारंपरिक शैली अब भी मॉरीशस में जीवित है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में महिलाएं इस संगीत को न केवल मनोरंजन के रूप में, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के रूप में भी देखती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि इस तरह की पारंपरिक कला और संगीत को जीवित रखने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां भी इस सांस्कृतिक धरोहर को समझें और इसे संरक्षित रखें।
समाप्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा मॉरीशस के भारतीय समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक पल साबित हुआ है। उनका संदेश स्पष्ट था: भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना और इसे दुनिया भर में फैलाना। ‘गीत गवई’ जैसी पारंपरिक भोजपुरी संगीत शैलियों के माध्यम से, उन्होंने भारतीय समाज के सांस्कृतिक धरोहर को गर्व से सामने लाया और मॉरीशस में भारतीयता के महत्व को दोहराया।
यह दौरा न केवल भारत और मॉरीशस के बीच रिश्तों को मजबूत करता है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव को भी उजागर करता है। पीएम मोदी ने यह सिद्ध कर दिया कि सांस्कृतिक विविधता और सामूहिकता ही भारतीयता की असली पहचान है।