प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बारबाडोस सरकार और वहां के लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें प्रतिष्ठित ‘बारबाडोस की स्वतंत्रता का मानद आदेश’ से सम्मानित किया। उन्होंने यह सम्मान 1.4 अरब भारतीयों और दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को बारबाडोस द्वारा ‘बारबाडोस की स्वतंत्रता का मानद आदेश’ (Honorary Order of Freedom of Barbados) सम्मान से नवाजा गया। यह एक प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक सम्मान है, जो केवल कुछ चुनिंदा व्यक्तियों को दिया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने बारबाडोस सरकार और वहां के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए इस सम्मान को भारत के 1.4 अरब लोगों और दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को समर्पित किया।
सम्मान के बारे में
‘बारबाडोस की स्वतंत्रता का मानद आदेश’ बारबाडोस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने बारबाडोस और उसके लोगों के प्रति महत्वपूर्ण योगदान दिया हो, या जिनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सम्मान दिए जाने के बाद उन्होंने इसे न केवल अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में देखा, बल्कि इसे भारत के सभी नागरिकों की मेहनत और समर्पण का प्रतीक भी माना।
प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करना
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बारबाडोस सरकार और वहां के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “यह सम्मान मुझे भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से मिला है। मैं इसे भारतीयों की मेहनत, उनके संघर्ष और उनके योगदान को समर्पित करता हूं। इस सम्मान को मैं भारत और बारबाडोस के बीच मजबूत और दोस्ताना संबंधों के प्रतीक के रूप में देखता हूं।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह सम्मान भारत और बारबाडोस के बीच बढ़ते हुए द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के बीच आने वाले समय में और भी अधिक सहयोग और साझेदारी देखने को मिलेगी।
भारत-बारबाडोस द्विपक्षीय संबंध
भारत और बारबाडोस के बीच रिश्ते सशक्त और मित्रवत रहे हैं। बारबाडोस जैसे छोटे राष्ट्र के साथ भारत ने हमेशा अच्छे संबंध बनाए रखे हैं और दोनों देशों ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन किया है। बारबाडोस में भारतीय प्रवासी समुदाय की उपस्थिति भी भारतीय संस्कृति और संबंधों के महत्व को और अधिक मजबूत करती है। प्रधानमंत्री मोदी का यह सम्मान इन द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा और मजबूती देने का प्रतीक है।
भारत और बारबाडोस के बीच कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण हैं। दोनों देशों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, व्यापार, और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की निरंतर कोशिशें जारी हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूती से प्रस्तुत किया है और इस तरह के सम्मान भारतीय कूटनीति के सफल परिणाम हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और भारत के वैश्विक संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक नीतियों ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख शक्ति बना दिया है। उनके नेतृत्व में, भारत ने कई देशों के साथ मजबूत और सहयोगात्मक रिश्ते स्थापित किए हैं। मोदी सरकार ने वैश्विक कूटनीति को नए आयाम दिए हैं और भारतीय कूटनीति को एक नई दिशा में अग्रसर किया है।
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति में हमेशा से यह महत्वपूर्ण बिंदु रहा है कि भारत अपनी संस्कृति और कूटनीति का प्रयोग करता हुआ अपनी वैश्विक स्थिति को बेहतर बनाएं। इस कड़ी में बारबाडोस जैसे देशों के साथ बढ़ते संबंध भारत की इस विदेश नीति का एक अहम हिस्सा हैं।
मोदी का समर्पण और संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इस सम्मान को भारतीय लोकतंत्र की शक्ति, भारत के संविधान और भारतीय संस्कृति के समृद्ध इतिहास के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी कहा, “यह सम्मान न केवल मेरे लिए, बल्कि भारत के सभी नागरिकों के लिए है, जो हर दिन अपने देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। यह सम्मान उन सभी भारतीयों को समर्पित है जिन्होंने देश के विकास और समृद्धि में योगदान दिया है।”
मोदी ने अपने संबोधन में यह भी जोड़ा कि यह सम्मान भारत और बारबाडोस के बीच पुराने और अच्छे रिश्तों का प्रमाण है। भारत और बारबाडोस दोनों ही राष्ट्र एक-दूसरे के साथ मिलकर वैश्विक मंचों पर महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं और यह सम्मान इस साझेदारी को और भी मजबूत करेगा।
बारबाडोस के प्रधानमंत्री का बयान
बारबाडोस के प्रधानमंत्री मिया मॉटली ने भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की और उन्हें इस सम्मान से नवाजे जाने को भारत और बारबाडोस के संबंधों में एक नया अध्याय बताया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है और भारत के विकास के लिए उनका नेतृत्व प्रेरणादायक है। उनके नेतृत्व में, भारत ने न केवल दक्षिण एशिया, बल्कि वैश्विक राजनीति में अपनी स्थिति को मजबूत किया है।”
मिया मॉटली ने यह भी कहा कि इस सम्मान से भारत और बारबाडोस के रिश्ते और भी प्रगाढ़ होंगे। दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे और इस सम्मान के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देंगे।
भारत और बारबाडोस के सांस्कृतिक संबंध
भारत और बारबाडोस के सांस्कृतिक संबंध भी गहरे हैं। बारबाडोस में भारतीय समुदाय की मजबूत उपस्थिति है और भारतीय संस्कृति, कला, और परंपराओं का वहां के समाज में महत्वपूर्ण स्थान है। यह सांस्कृतिक जुड़ाव दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने हमेशा भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया है, और बारबाडोस जैसे देशों में भारतीय सांस्कृतिक तत्वों को बढ़ावा दिया है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बारबाडोस की स्वतंत्रता का मानद आदेश’ सम्मान प्राप्त करना न केवल उनके नेतृत्व की सफलता का प्रतीक है, बल्कि यह भारत और बारबाडोस के बीच मजबूत होते रिश्तों का भी संकेत है। इस सम्मान के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल अपने देश, बल्कि पूरे विश्व में भारतीय शक्ति और प्रभाव को और मजबूत किया है। यह सम्मान भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत, वैश्विक नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का प्रतीक है, जो आने वाले समय में और भी मजबूत होगा।