आप प्रमुख और अपनी पूर्ववर्ती अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि वह ऐसी मुख्यमंत्री नहीं हैं जो ‘शीशमहल’ में बैठकर काम करें।

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अपने बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। रेखा गुप्ता ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘शीशमहल’ में बैठने वाला मुख्यमंत्री बताया। उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बटोर रहा है और दोनों नेताओं के बीच चल रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को एक नए मोड़ पर ले आया है। रेखा गुप्ता ने कहा कि वह ऐसी मुख्यमंत्री नहीं हैं जो काम करने के लिए ‘शीशमहल’ में बैठें, बल्कि वह जनता के बीच रहकर काम करती हैं। इस बयान के बाद दिल्ली की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है।
रेखा गुप्ता का बयान: ‘शीशमहल’ का तंज
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में दिल्ली के ताज पैलेस होटल में अपने संबोधन के दौरान रेखा गुप्ता ने कहा, “मैं ऐसी मुख्यमंत्री नहीं हूं जो केवल शीशमहल में बैठकर काम करती हो। मैं जनता के बीच जाकर, उनकी समस्याओं को समझकर और उनके साथ मिलकर काम करती हूं।” उनका यह बयान सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल पर था, जो अक्सर दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यों और फैसलों के लिए आलोचना का सामना करते रहे हैं।
रेखा गुप्ता का यह बयान राजनीतिक जगत में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसने सीधे तौर पर केजरीवाल के कार्यशैली और उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। गुप्ता का यह आरोप है कि केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यों को एक ‘शीशमहल’ से संचालित किया है, जहां वह वास्तविक समस्याओं से दूर रहते हैं और केवल जनता से अलग रहते हैं।
केजरीवाल पर निशाना
दिल्ली की राजनीति में रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल के बीच तीखा संघर्ष देखा जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच यह प्रतिद्वंद्विता पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ती जा रही है। गुप्ता ने पहले भी केजरीवाल को आड़े हाथों लिया है, लेकिन इस बार उनका बयान काफी तीव्र और स्पष्ट था। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का सही तरीका जनता के बीच रहकर, उनकी समस्याओं को समझकर और उनके साथ संवाद करके होता है, न कि केवल अपने कार्यालय या ‘शीशमहल’ में बैठकर।
रेखा गुप्ता ने यह भी कहा, “दिल्ली की जनता को जो समस्याएं हैं, मैं उनके बीच रहकर उन्हें हल करने का प्रयास करती हूं।” उनके इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि वह केजरीवाल के काम करने के तरीके से बिल्कुल अलग हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जनता के बीच रहकर ही समस्याओं का समाधान संभव है, न कि एक क्लोज्ड ऑफिस में बैठकर।
राजनीति में नई धारा
रेखा गुप्ता का यह बयान दिल्ली की राजनीति में एक नई धारा का संकेत दे रहा है। दिल्ली की राजनीति में पहले से ही केजरीवाल और बीजेपी के बीच तल्खी रही है, लेकिन अब रेखा गुप्ता के इस बयान ने इसे और भी तीव्र कर दिया है। रेखा गुप्ता के बयान के बाद माना जा रहा है कि बीजेपी दिल्ली की राजनीति में एक नई दिशा देने की कोशिश कर रही है।
रेखा गुप्ता की राजनीति में एक नई पहचान बनती जा रही है, क्योंकि वह मुख्यमंत्री बनने के बाद लगातार सक्रिय दिख रही हैं और जनता से जुड़ने की कोशिश कर रही हैं। उनका यह कदम यह भी दिखाता है कि वह अपने नेतृत्व को एक बिल्कुल अलग दिशा में लेकर जा रही हैं, जहां वह केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और जागरूक हैं।
केजरीवाल का रिएक्शन
इस बयान के बाद अरविंद केजरीवाल ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन दिल्ली के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह इस मामले में जल्दी ही अपनी प्रतिक्रिया देंगे। केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी है, और उनके फैसलों को लेकर हमेशा चर्चा होती रही है।
केजरीवाल का यह आरोप भी रहा है कि वह जनता के बीच रहकर काम करते हैं, लेकिन रेखा गुप्ता का बयान यह साबित करता है कि उन्हें यह आरोप हजम नहीं हुआ है। गुप्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार का काम केवल ‘शीशमहल’ में बैठकर नहीं होता, बल्कि जनता से संवाद और उनकी समस्याओं का समाधान करने से होता है।
बीजेपी की रणनीति
बीजेपी ने रेखा गुप्ता के इस बयान का समर्थन किया है और इसे आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यों की आलोचना करने का एक अच्छा अवसर माना है। बीजेपी नेता इस बयान को केजरीवाल के नेतृत्व की कमजोरी के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि रेखा गुप्ता ने यह बयान देकर केजरीवाल की कार्यशैली पर सवाल उठाया है, जो दिल्ली की जनता के लिए फायदेमंद नहीं साबित हो रही है।
बीजेपी नेताओं ने कहा कि रेखा गुप्ता का बयान यह साबित करता है कि दिल्ली की जनता को अच्छे नेतृत्व की जरूरत है, और यह केवल तभी संभव है जब मुख्यमंत्री उनकी समस्याओं के बीच रहकर काम करें। बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि रेखा गुप्ता का बयान इस बात को रेखांकित करता है कि केजरीवाल की नीतियां और उनके फैसले दिल्ली की वास्तविक समस्याओं से दूर हैं।
रेखा गुप्ता की बढ़ती लोकप्रियता
रेखा गुप्ता का यह बयान इस बात को भी दर्शाता है कि उनकी लोकप्रियता अब बढ़ रही है। राजनीति में नया और ताजगी का अहसास देने वाली रेखा गुप्ता को अब दिल्ली की जनता के बीच एक मजबूत और प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जा रहा है। उनके बयान ने न केवल केजरीवाल को निशाना बनाया है, बल्कि दिल्ली की राजनीतिक जमीन को भी हिला दिया है।
उनकी छवि अब एक ऐसी मुख्यमंत्री के रूप में बनती जा रही है जो जनता के बीच रहती हैं और उनके मुद्दों को प्राथमिकता देती हैं। रेखा गुप्ता के इस बयान ने उनके समर्थकों को भी उत्साहित किया है और माना जा रहा है कि वह आगामी चुनावों में बीजेपी के लिए एक मजबूत चेहरा साबित हो सकती हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली की राजनीति में रेखा गुप्ता के तंज ने अब एक नई दिशा पकड़ी है। उनके इस बयान ने न केवल अरविंद केजरीवाल को घेरने का काम किया, बल्कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में उनके नेतृत्व को भी उजागर किया है। आने वाले दिनों में यह देखने योग्य होगा कि इस बयान के बाद दिल्ली की राजनीति में क्या नया मोड़ आता है और क्या रेखा गुप्ता अपने बयान के बाद और भी मजबूती से अपने राजनीतिक कदम बढ़ाएंगी।