केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में कैबिनेट बैठक के दौरान मोदी सरकार द्वारा किए गए फैसलों के बारे में मीडिया को जानकारी दी। कैबिनेट ने पर्वतमाला परियोजना के तहत केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के दो रोपवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी।

मोदी सरकार ने बुधवार को पर्वतमाला परियोजना के तहत केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में रोपवे निर्माण की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी मीडिया को दी, और बताया कि दोनों प्रोजेक्ट्स की कुल लागत 6,800 करोड़ रुपये से अधिक होगी। यह फैसला देश के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है और इन दोनों धार्मिक स्थलों के लिए यात्रा को और भी सुगम बनाने में मदद करेगा।
पर्वतमाला परियोजना का उद्देश्य
पर्वतमाला परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य देश के पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और यात्रियों के लिए यात्रा को आसान बनाना है। इस योजना के तहत, भारत के ऊंचे और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में रोपवे, फनicular और टेलीफ़ेरिक प्रणाली जैसे ट्रांसपोर्टेशन विकल्पों को विकसित किया जाएगा, ताकि वहां की यात्रा को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाया जा सके।
सरकार का कहना है कि यह परियोजना न केवल यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि इन क्षेत्रीय इलाकों में पर्यटन को भी बढ़ावा देगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा। इसके अलावा, इस परियोजना से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी क्योंकि यह पैदल यात्रा के मुकाबले प्रदूषण कम करेगा और यातायात को नियंत्रित करने में सहायता करेगा।
केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के रोपवे प्रोजेक्ट्स
केदारनाथ, जो उत्तराखंड राज्य में स्थित है, हिंदू धर्म के चार धामों में से एक महत्वपूर्ण स्थल है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं। हालांकि, इसकी ऊंचाई और दुर्गम इलाके के कारण, यात्रियों को वहां पहुंचने में बहुत कठिनाई होती है। इसके चलते मोदी सरकार ने केदारनाथ में रोपवे निर्माण की योजना बनाई है, जो यात्रियों को एक सुरक्षित और त्वरित यात्रा सुविधा प्रदान करेगा।
यह रोपवे प्रोजेक्ट केदारनाथ मंदिर से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक यात्रा को आसान बनाएगा, जिससे तीर्थयात्रियों को यहां पहुंचने में काफी सहूलियत होगी। इससे केदारनाथ यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी।
वहीं, हेमकुंड साहिब, जो कि सिख धर्म का पवित्र स्थल है, उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों में स्थित है। यह स्थान भी अपनी कठिन पहुंच के लिए जाना जाता है। हेमकुंड साहिब के रोपवे प्रोजेक्ट से भी यात्रियों के लिए यात्रा को सरल और सुरक्षित बनाया जाएगा। साथ ही, यह सिख धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है, जहां प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। हेमकुंड साहिब में रोपवे बनने से वहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो सकती है और यह स्थान और भी ज्यादा लोकप्रिय हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया ऐलान
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, “मोदी सरकार ने पर्वतमाला परियोजना के तहत केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के रोपवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स की कुल लागत 6,800 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इससे यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ इन क्षेत्रों के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि ये प्रोजेक्ट्स न केवल तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होंगे, बल्कि इन क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा क्योंकि इससे स्थानीय व्यवसायों और सेवाओं को भी लाभ मिलेगा।
क्या होगा लाभ?
इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ यात्रा को आसान बनाया जाएगा, बल्कि इससे पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इससे पहाड़ों की सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। इसके अलावा, तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने से स्थानीय व्यवसायों को भी मदद मिलेगी, जैसे होटलों, रेस्टोरेंट्स, और अन्य पर्यटन संबंधित व्यवसायों को।
इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। रोपवे के निर्माण और संचालन से कई लोगों को रोजगार मिलेगा, जिससे स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। खासकर, उत्तराखंड जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में जहां रोजगार के अवसर सीमित होते हैं, वहां इस प्रकार के प्रोजेक्ट्स का बड़ा असर होगा।
भारत में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
यह दोनों रोपवे प्रोजेक्ट्स भारतीय पर्यटन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। भारत में तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और ऐसे में सरकार का यह कदम पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगा। विशेषकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्यों में यह परियोजनाएं बहुत अहम हैं, जहां पर्यटन का मुख्य स्रोत तीर्थयात्राएं और साहसिक गतिविधियां होती हैं।
निष्कर्ष
मोदी सरकार की इस पहल से देश के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों – केदारनाथ और हेमकुंड साहिब – को एक नई पहचान मिलेगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद इन स्थलों पर आने वाले यात्रियों के लिए यात्रा बहुत सरल और सुरक्षित हो जाएगी। इसके अलावा, यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी, रोजगार सृजन में मदद करेगी, और पर्यटन को बढ़ावा देगी। यह भारतीय पर्यटन उद्योग के लिए एक नया युग साबित हो सकता है, जो इन पर्वतीय क्षेत्रों को नए आयामों तक पहुंचाएगा।