महाकुंभ की सफलता पर मुख्यमंत्री योगी का पीएम मोदी को धन्यवाद, कहा- ‘आपकी शुभकामनाएं हमेशा नई ऊर्जा देती हैं’

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी मार्गदर्शन और शुभकामनाएं हमेशा उन्हें और उनकी टीम को नई ऊर्जा देती हैं। महाकुंभ के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी ने पीएम मोदी के नेतृत्व को सराहा और कहा कि उनके लगातार समर्थन और सहयोग से महाकुंभ का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।
इस बार महाकुंभ ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने इस पवित्र आयोजन में भाग लिया, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक बन गया। महाकुंभ के दौरान, प्रयागराज ने एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत किया और इस आयोजन ने भारत की विविधता और एकता का प्रतीक बनकर पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ी।
सीएम योगी का आभार और समर्थन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि महाकुंभ के आयोजन में प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन और उनका विश्वास उनके लिए हमेशा प्रेरणास्त्रोत रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी की शुभकामनाओं और सहयोग ने पूरे आयोजन को सहज और सफलता की ओर अग्रसर किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में, केंद्र सरकार ने हमेशा उत्तर प्रदेश और खासकर प्रयागराज के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। उनका मार्गदर्शन और समर्थन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। महाकुंभ के आयोजन में पीएम मोदी की शुभकामनाएं और दिशा ने हम सभी को एक नई ऊर्जा दी।”
महाकुंभ 2025: ऐतिहासिक आयोजन
महाकुंभ 2025 का आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से अभूतपूर्व था। इस साल महाकुंभ मेला में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और इस आयोजन ने पूरी दुनिया को भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराया। इसके साथ ही, महाकुंभ के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे यह आयोजन और भी व्यवस्थित और सुरक्षित बना।
महाशिवरात्रि के दिन, 1.53 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई, जो इस महाकुंभ का सबसे बड़ा आकर्षण था। इसके अलावा, प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं, सफाई व्यवस्था और यातायात व्यवस्था का खास ध्यान रखा। योगी आदित्यनाथ ने भी इन व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि यह राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच सहयोग का परिणाम है।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ के दौरान अपने संदेश में इसे एक ‘महायज्ञ’ और ‘एकता का प्रतीक’ बताया था। उन्होंने इस आयोजन को भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप में देखा। उन्होंने महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना की और विशेष रूप से सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए गए प्रयासों की तारीफ की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “महाकुंभ का आयोजन केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर, एकता और अखंडता का प्रतीक है। इस अवसर पर लाखों लोग एकजुट होते हैं, जो हमें भारतीयता की गहरी समझ देते हैं। मैं उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना करता हूं और आशा करता हूं कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन सफलतापूर्वक होते रहेंगे।”
स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यावरण की दिशा में कदम
महाकुंभ के सफल आयोजन में प्रशासन की भूमिका अहम रही। स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यावरण के प्रति सजगता से यह आयोजन एक आदर्श बनकर उभरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के दौरान स्वच्छता अभियान पर विशेष ध्यान केंद्रित किया और कहा कि स्वच्छता केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हम सभी का कर्तव्य है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
महाकुंभ मेला, जो हर 12 साल में आयोजित होता है, अब एक अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुका है। यह आयोजन न केवल भारत के आस्था केंद्र का प्रतीक है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता का जीवंत उदाहरण भी है। इसमें भारतीय समाज की एकजुटता और सामूहिक प्रयासों का अद्वितीय प्रदर्शन होता है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए यह कहना कि “आपकी शुभकामनाएं हमेशा नई ऊर्जा देती हैं” महाकुंभ के सफल आयोजन का जीवंत उदाहरण है। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, बल्कि इसने भारतीय प्रशासन की क्षमता, संगठन और समर्पण को भी उजागर किया। महाकुंभ 2025 ने यह साबित कर दिया कि जब सभी पक्ष एकजुट होते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। आने वाले वर्षों में, इस प्रकार के आयोजनों से भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को और भी सशक्त किया जाएगा।