रेखा गुप्ता दिल्ली की पहली महिला बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विवादित ‘शीश महल’ बंगलें को अपने आवास के रूप में ठुकरा दिया है और इसे एक संग्रहालय में बदलने की योजना का ऐलान किया है।

नई दिल्ली: दिल्ली में 2025 विधानसभा चुनाव के बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाली रेखा गुप्ता ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल द्वारा बनवाए गए विवादास्पद ‘शीश महल’ को अपने सरकारी आवास के रूप में ठुकरा दिया है। रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि वह इस आलीशान सरकारी आवास को एक संग्रहालय में बदल देंगी, ताकि यह ऐतिहासिक धरोहर के रूप में जनता के लिए सुलभ हो सके।
‘शीश महल’ का विवाद
‘शीश महल’ नाम से मशहूर यह सरकारी बंगला दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में विवादों का केंद्र बना था। खासकर इसके भव्य नवीनीकरण और अत्यधिक खर्च के कारण इसे लगातार आलोचना का सामना करना पड़ा था। जब केजरीवाल सरकार ने इस बंगले का नवीनीकरण किया था, तब इसके लाखों रुपये खर्च होने की खबरें सामने आई थीं, जिससे कई लोगों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए थे। कई राजनीतिक नेताओं और नागरिकों ने इसे सरकारी धन का अपव्यय बताया और इसे सामान्य जनता के पैसे की बर्बादी के रूप में देखा।
रेखा गुप्ता का ऐतिहासिक कदम
लेकिन अब रेखा गुप्ता ने इस महलनुमा बंगले को ठुकराकर एक नया रास्ता दिखाया है। उनकी योजना है कि वह इस आलीशान बंगले को संग्रहालय में बदलें, ताकि यह ऐतिहासिक धरोहर के रूप में आने वाली पीढ़ियों के लिए सुलभ हो सके। रेखा गुप्ता ने कहा, “यह सरकारी संपत्ति है और इसका सही उपयोग होना चाहिए। मैं इसे किसी निजी निवास के रूप में इस्तेमाल नहीं करूंगी। बल्कि, इसे एक संग्रहालय के रूप में जनता के लिए खोल दिया जाएगा।”
रेखा गुप्ता का यह कदम दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव लाने वाला हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जनता के बीच रहेंगी और उनके मुद्दों को सुनने के लिए हमेशा तैयार रहेंगी। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला काम जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना है, न कि एक भव्य महल में रहने का।
जनता के बीच लोकप्रियता
रेखा गुप्ता की इस घोषणा ने दिल्ली की जनता को खासा प्रभावित किया है। कई नागरिकों ने सोशल मीडिया पर उनके इस फैसले की सराहना की है और इसे एक ‘लोकतांत्रिक कदम’ बताया है। खासकर उन लोगों ने रेखा गुप्ता की तारीफ की है जो ‘शीश महल’ के महंगे नवीनीकरण के खिलाफ थे। रेखा गुप्ता के इस फैसले को एक राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है। उन्होंने यह कदम उठाकर उन आलोचनाओं को जवाब दिया है जो उन्हें सत्ता में आने से पहले मिली थीं।
बीजेपी का सशक्त नेतृत्व
रेखा गुप्ता का यह कदम बीजेपी के सशक्त और पारदर्शी नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दिल्ली में बीजेपी के नेतृत्व के तहत एक नई शुरुआत हो सकती है, जिसमें सादगी और जनता के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया जाएगा। उनके इस निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी का उद्देश्य जनता के पैसे का सही तरीके से उपयोग करना है, न कि सत्ता में आकर अपने भव्य सुख-साधनों का आनंद लेना।
क्या होगा ‘शीश महल’ का भविष्य?
रेखा गुप्ता द्वारा ‘शीश महल’ को संग्रहालय में बदलने की योजना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या इस बंगलें का नवीनीकरण किया जाएगा ताकि यह एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में पूरी दुनिया को आकर्षित कर सके? इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि वह इसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण स्थल बनाएंगी।
बीजेपी का आगामी चेहरा
रेखा गुप्ता का यह कदम न केवल उनके व्यक्तिगत दृष्टिकोण को दर्शाता है, बल्कि बीजेपी की नीति और दृष्टिकोण को भी स्पष्ट करता है। पार्टी का यह संदेश है कि सत्ता में आकर वह जनता के पैसे का सही तरीके से उपयोग करेंगे और किसी भी प्रकार की विलासिता को नकारेंगे। इस फैसले से पार्टी का इमेज और भी मजबूत होगा, खासकर उन मतदाताओं के बीच जो सादगी और पारदर्शिता को महत्व देते हैं।
अगला कदम
अब जब रेखा गुप्ता दिल्ली की पहली महिला बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी, तो यह देखने वाली बात होगी कि उनके फैसलों को लेकर उनकी पार्टी और जनता की क्या प्रतिक्रिया होती है। ‘शीश महल’ का संग्रहालय बनने का रास्ता अब साफ हो चुका है, और दिल्ली की राजनीति में एक नया बदलाव आ सकता है।
दिल्लीवासियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां वे एक नए नेतृत्व की ओर बढ़ रहे हैं, जो उन्हें न केवल शक्ति और विकास की दिशा में, बल्कि पारदर्शिता और सादगी के साथ भी आगे ले जाने का वादा करता है।