यूट्यूबर समय रैना और इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मुखिजा सोमवार को ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड से संबंधित जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होंगे।

सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्मों पर प्रभावी भूमिका निभाने वाले यूट्यूबर समय रैना और इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मुखिजा आज राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होंगे। दोनों को ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है और इसको लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। आयोग ने इस मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है, और दोनों से इस एपिसोड से जुड़ी अहम जानकारी प्राप्त की जाएगी।
‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ एपिसोड का विवाद
‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ एक लोकप्रिय टेलीविज़न शो है, जिसमें विभिन्न कंटेस्टेंट्स को अपनी प्रतिभा और अदाकारी के जरिए दर्शकों का दिल जीतने का मौका मिलता है। हालांकि, शो के एक हालिया एपिसोड ने विवादों को जन्म दिया, जब कुछ बर्ताव और टिप्पणियों को लेकर महिलाओं के प्रति अपमानजनक बयान दिए गए। इसे लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया तेज हो गई, और कई दर्शकों ने इसे महिला विरोधी और असंवेदनशील करार दिया। इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए जांच शुरू की और यूट्यूबर समय रैना और इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मुखिजा को पूछताछ के लिए बुलाया।
NCW की भूमिका
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) महिला अधिकारों की सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने के लिए कार्य करता है। महिला आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रहे इस विवाद को गंभीरता से लिया और एक्शन लिया। आयोग ने दोनों को समन जारी किया और उनसे शो के उस विवादित एपिसोड को लेकर सवाल पूछे जाएंगे। NCW का मानना है कि यदि किसी मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक या अपत्तिजनक सामग्री प्रसारित होती है, तो यह महिला विरोधी मानसिकता को बढ़ावा देता है, जो समाज के लिए हानिकारक हो सकता है।
यूट्यूबर समय रैना और इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मुखिजा की प्रतिक्रिया
इस मामले में समय रैना और अपूर्वा मुखिजा ने अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स और समर्थक लगातार इस मामले पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। कुछ लोग मानते हैं कि विवादित एपिसोड में दोनों का कोई खास दोष नहीं है और इसे केवल एक टीवी शो के रूप में देखा जाना चाहिए, जबकि अन्य लोग इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए दोनों से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
समय रैना और अपूर्वा मुखिजा दोनों ही सोशल मीडिया के प्रमुख हस्ती हैं और उनके फॉलोअर्स की संख्या लाखों में है। ऐसे में इस मामले को लेकर उनके समर्थकों और आलोचकों की संख्या भी बड़ी है। दोनों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है क्योंकि इस मामले में उनकी भूमिका और प्रतिक्रिया उनके सार्वजनिक छवि को प्रभावित कर सकती है।
सोशल मीडिया पर बढ़ती चेतावनियां
इस मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट के प्रभाव को उजागर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर के लिए यह एक चेतावनी है कि उनके द्वारा बनाई जाने वाली सामग्री में हर प्रकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए। महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान महत्वपूर्ण है, खासकर जब वह सार्वजनिक मंचों पर हों।
कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रभाव डालने वाले व्यक्तियों को अपनी पोस्ट और कंटेंट के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। वे चाहते हैं कि इस तरह के एपिसोड और सामग्री को दर्शकों के सामने पेश करने से पहले पूरी तरह से विचार किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी वर्ग या समुदाय के खिलाफ अपमानजनक और नकारात्मक संदेश न दिया जाए।
निष्कर्ष
यूट्यूबर समय रैना और इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मुखिजा की NCW के सामने पेशी यह साबित करती है कि महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। इस मामले ने यह भी स्पष्ट किया है कि डिजिटल प्लेटफार्मों पर होने वाली सामग्री को लेकर जिम्मेदारी और चेतना बढ़ानी होगी। दोनों को इस मुद्दे पर जवाब देना होगा और यह देखना होगा कि इस विवाद के बाद वे अपनी छवि और सोशल मीडिया की भूमिका के बारे में क्या विचार प्रस्तुत करते हैं।
आने वाले दिनों में इस मामले की पूरी जानकारी सामने आएगी, और यह देखा जाएगा कि क्या राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा उठाए गए कदम इस तरह के विवादों को रोकने में सफल हो पाते हैं या नहीं।